रायपुर
//// विमल पान मसाला के विज्ञापन के संबंध
में छत्तीसगढ़ स्वास्थ विभाग द्वारा रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ प्रबंधन को चेतावनी जरी की तो लीजेंड ने कहा यह
पान मसाले नहीं
इलायची है माउथ प्रेशर है, है ना
कानून और सरकार की आंख में धूल झोंकने वाली बात क्रिकेट
लीजेंड ने सरकार की आंख में धूल झोंकने
वाला खंडन जारी किया है ,
भारत में कानूनों की आंख धूल झोंक कर पान
मसाले गुटके और सिगरेट ,शराब के विज्ञापनों को तोड़ मरोड़ कर संदेश देने का प्रचलन
बहुत पुराना है ,सुप्रीम कोर्ट ने तमाम तरह के गुटके और तमाखू से उत्पन्न होने
वाले कैंसर के खतरे को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकारों को सख्त निर्देश दिए हैं
,कि इनके बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए सार्वजनिक स्थलों पर इन पदार्थों के
विज्ञापनों पर बैन है अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिन राज्यों में इन उत्पादन
ओं की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लगी है ,वहां किसी तरीके की कोई कार्यवाही नहीं हो
रही सुप्रीम कोर्ट में बेचने पर पाबंदी लगाने की बात कह रहा है उत्पादन के ऊपर
उसने किसी तरीके की कोई टिप्पणी नहीं की हे जबकि सुप्रीम कोर्ट कह सकता था इस
तरीके के तमाम उत्पादन करने वाले पदार्थों के कारखाने को तत्काल प्रभाव से बंद
करते हुए उत्पादनों पर रोक लगाई जाए लेकिन उसने ऐसा नहीं किया उसने बेचने पर
प्रतिबंध लगा दिया अब प्रश्न उठता है कि जब पदार्थ बनेगा तो किसी ने किसी रास्ते
से बिकेगा ही क्योंकि
इस तरह के निर्णय लेने में इतनी देरी हो गई है ,कि आम उपभोक्ता इस शहर का आदि हो
गया है जबकि आदेश यह होना चाहिए था कि जिन
राज्यों में जिन जिलों में इस तरह के का उत्पादन हो रहा है उन कारखानों को तत्काल
प्रभाव से बंद कर दिया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी महज
खानापूर्ति ही था आज भी गुटके पूरी ताकत
के साथ पूरे देश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दो गुने कीमत पर
बिक रहे गुटका
मालिकों का बैंक बैलेंस और इनकी अचल संपत्ति को देखा जाए तो ताजुब होगा की कभी यह 0 थे आज खरबों
रुपए के मालिक हैं इन अरबों रुपए की चमक
ने पूरे देश को कैंसर की गिरफ्त में ले
रखा है कैंसर सोसायटी आफ इंडिया के आंकड़े चौंकाने वाले हैं हर वर्ष करोड़ों की
संख्या में इन मरीजों
का इजाफा हो रहा है
और इसी तरह कानून की आंख में धूल झोंक कर कि यह
विज्ञापन पान मसाला नहीं है यह इलायची है
देश चल रहा ताजुब है
ऐसा ही मामला रायपुर में चल रहे रोड सेफ्टी
क्रिकेट लीजेंड टूर्नामेंट
को लेकर है छत्तीसगढ़ शासन के
स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया तो रोड सेफ्टी क्रिकेट लीजेंड के ऑर्गेनाइजेशन
में प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि यह पान मसाला नहीं इलायची है जो माउथ प्रेशर
का काम करती है है ना ताजुब की बात पैसे की
चमक के स्पॉन्सरशिप को लेकर अंततः सेफ्टी
क्रिकेट लीजेंड विमल का तो विज्ञापन कर ही रही है विमल पान मसाले के लिए प्रसिद्ध है ना कि इलायची
के लिए यह कानून की आंखों
में धूल झोंकने जैसा ही है जबकि
ऑर्गेनाइजर को तुरंत इस तरह के विज्ञापनों को हटा देना चाहिए लेकिन वह दलील दे रहा
है कि यह गुटका नहीं इलायची है
रोड
सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ का प्रबंधन आपके ध्यान में लाना चाहता है कि, स्टेडियम में जो विज्ञापन प्रदर्शित किए गए हैं, वे विमल इलाची के हैं, जो एक माउथ फ्रेशनर है।
संलग्न विमल के साथ अनुबंध के साथ स्टेडियम के
अंदर ब्रांडिंग की तस्वीरें हैं।




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