रायपुर////
छत्तीसगढ़ विधानसभा
में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा यह पूछा गया कि मंडवा थर्मल पावर
प्रोजेक्ट की बिजली के उत्पादन की कीमत दूसरे थर्मल पावर प्रोजेक्टओं से अधिक
क्यों है. डॉ रमन सिंह ने जानना चाहा की मांडवा थर्मल पावर प्रोजेक्ट की
बिजली महंगी क्यों है ,अटल बिहारी बाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा की
आधारशिला उस वक्त रखी गई थी जब छत्तीसगढ़ में सर प्लस बिजली का डंका पीटा जा रहा
था तब तत्कालीन सरकार ने अधिकृत बयान में कहा था की विधुत मंडल अब खुले
बाजार में बिजली बेचेगी इसी कड़ी में
तेलंगना राज्य से करार हुआ और मंडवा थर्मल पावर से तेलंगना को बिजली बेचीं जाने तयारी शुरू की गई
विधान सभा में डॉ रमण
सिंग ने पूछा की मंडवा थर्मल पावर की महंगी बिजली कारण क्या है
पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब देते
हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गारे पेलमा सेक्टर-3 खदान का आबंटन कोयला मंत्रालय
भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी को आर्डर 14-09-2015 द्वारा आबंटित किया गया है ।
खदान के विकास एवं संचालन हेतु प्रतिस्पर्धी दरें प्राप्त करने हेतु निविदायें
आमंत्रित की गई, तदोपरांत न्यूनतम
दरों पर चयनित माईन डेवलपर कम आपरेटर से 16-11-2017 को कोल माईन सर्विस एग्रीमेंट
संपादित किया गया कोयला उत्खनन का कार्य
छग स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और माईन डेवलपर कम आपरेटर गारे पेलमा III कोलियरीज लि के माध्यम से करवाया जा रहा है।
अदानी एंटरप्राइजेज ने बीएसई को
एक फाइलिंग में कहा, है "कंपनी ने 18 जुलाई को पूर्ण स्वामित्व वाली
सहायक कंपनी,
गारे
पेलमा III कोलियरीज लिमिटेड को शामिल किया है।"ताजुब
इस बात का भी है की गारे पेलमा Iii Collieries
Limited 18
जुलाई 2017 को निगमित एक सार्वजनिक कम्पनी का जन्म हुआ और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड
(CSPGCL) ने 24 जून, 2017 को कोयला ब्लॉक के लिए एक सफल बोलीदाता के
रूप में कंपनी को पत्र जारी कर दिया |
गारे पेलमा Iii
Collieries Limited 18 जुलाई 2017 को गैर-सरकार कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया गया ,और
यह रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, दिल्ली में पंजीकृत है। इसकी अधिकृत शेयर पूंजी
रु। 1,000,000 और इसकी चुकता पूंजी रु। 1,000,000। यह खनन और उत्खनन,
एन.ई.सी.
गारे पेलमा Iii कोलियरीज लिमिटेड के निदेशक मुकेश सक्सेना,
राजेंद्र
मुरलीधर इंगले, मनीष सक्सेना हैं।
मुख्यमंत्री ने
पूर्व मुख्यमंत्री के प्रश्र पर यह भी बताया कि परिवहनकर्ता ठेकेदार को कोयला
परिवहन के लिए निविदा 01/01/2020 को स्वीकृत की गई थी तथा मेसर्स
गारे-111 कोयलरीज लिमिटेड को न्यूनतम निविदाकर के साथ आशय पत्र एवं अनुबंध
निष्पादन के लिए सूचित किया गया था इसमें 5 लाख टन कोयले की मात्रा
निर्धारित थी। खदान में एकत्रित कोयले को आग लगने से बचाने के लिए तथा अटल बिहारी
बाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा को आवश्यक कोयले की
आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए परिवहन कर्ता ठेकेदार को 29/08/2020
को 3 लाख टन 13/10/2020
को 2 लाख टन एवं 28/22/2020
को 3.6 लाख टन अतिरिक्त मात्रा का
परिवहन, दरें नेगोशियेट कर न्यून दरों पर कराया गया।
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