विकास का वैकल्पिक मॉडल विशेष रूप से भारत-जापान ग्लोबल पार्टनरशिप और इसके वैश्विक सहयोगियों के बीच भागीदारी पर केन्द्रित
**** ऊर्जा-दक्षता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्थिरता (ईईएस) पर केन्द्रित होंगी सामाजिक-आर्थिक विकास की रणनीतियां शिक्षा, कौशल विकास, औद्योगिक विकास, कृषि गलियारे के विकास, इनोवेटिव डिजिटल समाधान, शहरी तथा ग्रामीण विकास, बौद्ध पर्यटन अधोसंरचना आदि क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए अपनाया जाएगा वैकल्पिक विकास मॉडल *******
रायपुर, 09 मार्च 2021/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में
आज यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य सरकार और इंडिया सेंटर
फॉउंडेशन के बीच छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास, औद्योगिक विकास, कृषि गलियारे के विकास, इनोवेटिव डिजिटल समाधान, शहरी तथा ग्रामीण विकास, बौद्ध पर्यटन अधोसंरचना आदि क्षेत्रों के
वैकल्पिक विकास मॉडल के जरिए समग्र विकास के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य
सरकार की ओर से उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ और इंडिया
सेंटर फॉउंडेशन की ओर से फॉउंडेशन के मैनेजर ट्रस्टी श्री संकल्प शुक्ला ने
हस्ताक्षर किए। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक
शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध
संचालक श्री अरूण प्रसाद, उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुराग पाण्डेय भी उपस्थित थे।
इस एमओयू के तहत छत्तीसगढ़ के उपरोक्त सेक्टरों
का आल्टरनेटिव डेव्हलपमेंट मॉडल (Alternative Development Model) के जरिए सशक्तिकरण किया जाएगा। यह मॉडल विशेष
रूप से भारत-जापान ग्लोबल पार्टनरशिप और इसके वैश्विक सहयोगियों के बीच भागीदारी
पर केन्द्रित होगा। वैकल्पिक विकास मॉडल में ऊर्जा-दक्षता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्थिरता (ईईएस) पर
केन्द्रित सामाजिक-आर्थिक विकास रणनीतियों का क्रियान्वयन किया जाएगा। इस मॉडल में
अपने मूल संसाधनों और पर्यावरण का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इस मॉडल में
शिक्षा, कौशल विकास, औद्योगिक विकास, कृषि गलियारे के विकास, इनोवेटिव डिजिटल समाधान, शहरी तथा ग्रामीण विकास, बौद्ध पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर छत्तीसगढ़
की वैश्विक उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।




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