अध्यक्ष होल्डिं कम्पनी शेलेन्द्र शुक्ला
रायपुर: बिजली उत्पादन में सक्षम छत्तीसगढ़ देश के उन गिने चुने राज्यों में
से एक है. जहां बिजली 24 घंटे
उपलब्ध रहती है. राज्य गठन के बाद बिजली को
लेकर तेजी से काम हुआ उत्पादन में बढ़ोतरी
हुई है. वितरण प्रणाली में भी सुधर और विस्तार हुआ है. पूरे छत्तीसगढ़ में छोटे बड़े सब स्टेशनों का जाल बिछाया गया गांव- गांव तक बिजली पहुंचाने का काम किया गया है. इसके बावजूद
अक्सर यह शिकायत आ रही थी कि बिजली गुल हो गई है लोगों में भ्रम भी फैल रहा था की सरकार
झूठ बोल रही है और अघोषित बिजली कटौती कर रही है. पर यह झूठ था असली मामला यह
था की फाल्ट पता केसे करें जिसमे घंटों लग जाते थे | इस समस्या से निपटने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के
तहत छत्तीसगढ़ राज्य विधुत वितरण कम्पनी ने एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है जिससे फॉल्ट
होते ही तत्काल प्रभाव से यह सूचना मिल जाएगी की कहां पर फाल्ट हुआ है. स्थान का
पता चलते ही तुरंत विधुत सुधर आपूर्ति
दस्ते को वहां भेज कर जो भी अवरोध है उसको तत्काल दूर किया जा सके | सिस्टम अभी लगा ही था की फोनी तूफान ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया होडिंग गिरे तेज
हवाओं ने पेड़ उखड कर विधुत लाइनों पर गिरे पड़े पूरे
शहर की बिजली गुल हो गई लेकिन स्काडा सिस्टम ने तुरंत यह पता लगा लिया कि पूरे शहर
में कहां-कहां बिजली इंटरप्ट हुई है उसकी सूचना मातहत अधिकारी और कर्मचारियों को प्रेषित की गई जो
फॉल्ट ढूंढने का काम काम कई घंटों में होता था वह मिनटों में हो जाने के कारण
इतनी बड़ी आपदा में भी कुछ ही घंटों में बिजली बहाल हो गई सिस्टम फुलप्रूफ काम कर
रहा है यह टेस्ट भी हो गया. अभी पायलट
प्रोजेक्ट के तहत रायपुर और दुर्ग को इस सिस्टम से जोड़ा गया है. और सफल भी रहा है|
स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम के बारे में अध्यक्ष शैलेंद्र
शुक्ला ने बताया की, अभी रायपुर राजधानी के 272 फीडर से इसे जुड़े गया हैं. कंट्रोल रूम गुढ़ियारी में शुरू किया गया
है गुढ़ियारी स्काडा कंट्रोल रूम में 312 फीडरों में से 272 फीडरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है
बाकी के जोड़ने का काम कुछ दिन में पूरा हो जाएगा शैलेंद्र शुक्ला ने बताया यह सिस्टम किस तरह काम करता है उनके अनुसार स्काडा
सिस्टम के लिए बिजली के खंभों और ट्रांसफरओं पर मोडम लगाए गए हैं इन मोडम में सिम लगे हुए हैं इनका कनेक्शन सीधे कंट्रोल रूम से
होता है. इसी के साथ 11 केवीए और 33 केवीए के सब स्टेशन में फॉल्ट
मैनेज इंडिकेटर लगाए गए हैं. जैसे ही किसी क्षेत्र की में बिजली खराबी आएगी वहां के खंबे और
टट्रांसफार्मर खराबी तुरंत लोकेट हो जाएगी
अध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला जी ने बताया है की इस सिस्टम को शहरी
और ग्रामीण इलाकों में भविष्य में लगाया जाएगा जिससे बिजली फाल्ट की किल्लत और इंटरप्ट बिजली से होने वाली उपभोक्ताओं की
परेशानी को समय पर ठीक किया जा सके और बिजली सुचारू रूप से उपभोक्ता को मिल सके




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