****** राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में कृतज्ञता ज्ञापन का प्रस्ताव पारितहम अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे केन्द्र पूरा 60 लाख मीटरिक टन चावल ले, तो अतिशेष धान बेचना नहीं पड़ेगानई उद्योग नीति से छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बढ़ा आकर्षणबेहतर कानून व्यवस्था से जनता का विश्वास बढ़ा, छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग देश में दूसरे नंबर पर छात्र हित और अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल काॅलेज का अधिग्रहण ******
रायपुर, 26 फरवरी 2021 ////// छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर
धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। इससे पहले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि यह देश और प्रदेश अन्नदाताओं का है। हम
किसी भी सूरत में किसानों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने देंगे। हम
अन्नदाताओं के साथ छल नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि मैं
छत्तीसगढ़ के हितों को लेकर केन्द्र को लगातार पत्र लिखता हूं। इसलिए विपक्षी
सदस्यों ने आज मुझे पत्रजीवी कहा, लेकिन आदिवासियों, नौजवानों, किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति और छत्तीसगढ़ के हितों की बात जब भी आएगी, तो मैं हजार बार पत्र लिखूंगा। हमने किसानों की
सुविधा बढ़ाने के लिए 263 नये उपार्जन केन्द्र बनाएं। प्रदेश में 2300 धान खरीदी केन्द्र होने से धान खरीदी में कहीं
अव्यवस्था नहीं हुई। बारदानों की कमी के बाद भी धान खरीदी का काम सुव्यवस्थित ढंग
से हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सरकार के
कार्यकाल में रेत खदान का संचालन पंचायतों द्वारा किया जाता था। तब तरह-तरह की
शिकायतें मिलती थी। आज हमनें उन्हें टेंडर के जरिए संचालन की व्यवस्था की है। केवल
टेंडर से ही 25
करोड़ रूपए का राजस्व आ गए। खदानों के संचालन से जो आय होगी, उसका 25 प्रतिशत हिस्सा एड करके पंचायतों को उपलब्ध
कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनें चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल
काॅलेज का अधिग्रहण छात्रों के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए
किया है। इस काॅलेज का संचालन निजी क्षेत्र द्वारा किया जाता रहा है। ठीक ढंग से
संचालन नहीं होने के कारण छात्रों के हित के लिए हमने अधिग्रहण किया।
नगरनार इस्पात संयंत्र का विनिवेशीकरण नहीं
होने देने का संकल्प भी इसी सदन में पारित किया गया है। हम बस्तर के लोगों की
भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र को एनएमडीसी या
सीएमडीसी जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां संचालित करें। एकतरफा विनिवेश नहीं होने
देंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इस स्टील प्लांट को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा
कि कोरोना काल से पहले छत्तीसगढ़ में मात्र 151 वेंटीलेटर थे, जिसे बढ़ाकर हमनें 514 किया है। इसी तरह आईसीयू की संख्या 53 से बढ़ाकर 406, आॅक्सीजन बेड की संख्या अब बढ़ाकर 1668 कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के टीकाकरण मामले
में केवल 3 करोड़ लोग ही भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं
है। 135 करोड़ लोगों को निःशुल्क टीके लगवाने की
व्यवस्था करनी चाहिए। यदि केन्द्र सरकार ऐसा करने से इंकार करती है, तो अपने राज्य में हम अपने खर्च पर टीकाकरण करवाएंगे।
उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन का उपयोग 11 राज्यों में केवल एक प्रतिशत लोगों के लिए ही किया गया है। छत्तीसगढ़
ने भी निर्णय लिया है कि इसका उपयोग तीसरे ट्रायल के बाद ही किया जाएगा।




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