राज्यपाल सुश्री उइके के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ विधानसभा का बजट सत्र गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की कल्पना को साकार करने के लिए एकजुट होकर किये गए कार्य
रायपुर, 22 फरवरी 2021/राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के अभिभाषण के साथ आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 के छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले सत्र में आप सबका हार्दिक अभिनंदन करती हूं। मुझे खुशी है कि आप सब ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की कल्पना को साकार करने के लिए एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। कोरोना महामारी ने विगत वर्ष अकस्मात ही पूरी दुनिया को अनिश्चितता के अंधेरे में धकेल दिया था। मानवता के सामने आए इस ऐतिहासिक संकट से निपटने में आप सबने मेरी सरकार को जो सहयोग दिया, प्रदेश की जनता को राहत दिलाने में जो जमीनी मदद की, उसके लिए मैं आप सबको साधुवाद देती हूं। कोरोना संकट के अंधेरे काल और जंजाल से बाहर निकलने की उम्मीद के साथ, नए साल की शुरुआत हुई। कोरोना-प्रभावित विकास कार्यों के साथ नए लक्ष्यों को पूरा करने की दोहरी जिम्मेदारियों के सफलतापूर्वक निर्वाह के लिए, मैं आप सबको शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं।
67 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों का खाद्यान्न
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने प्रदेश को इस कठिन दौर से निकालने के लिए सूझबूझ के साथ काम किया, जिससे 67 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों को उनकी पात्रता अनुसार खाद्यान्न, शक्कर, नमक, केरोसीन, बस्तर संभाग में गुड़, कोण्डागांव जिले में फोर्टिफाइड राइस वितरण सुरक्षा उपायों के साथ संभव हो पाया। 57 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, अन्नपूर्णा, एकल निराश्रित तथा निःशक्तजन कार्डधारियों को 8 माह तक पात्रता अनुसार चावल तथा चना भी निःशुल्क दिया गया। प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य लोगों की सुरक्षित घर वापसी हुई। गांव-गांव में सबकी खाद्य सुरक्षा के लिए 11 हजार से अधिक पंचायतों में 2-2 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया। ऐसे अनेक प्रयासों के सकारात्मक नतीजे मिले।
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की लौ कोरोना काल में भी जलती रही
सुश्री उइके ने कहा कि मेरी सरकार ने 2 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के रूप में जो अलख जगाई थी, उसकी लौ कोरोना काल में भी जलती रहे, इसके लिए 3 लाख 62 हजार से अधिक हितग्राहियों के साथ ही 51 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों के 24 लाख से अधिक हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट पोषण सामग्री दी गई। मध्याह्न भोजन योजना के 29 लाख से अधिक हितग्राही स्कूली बच्चों को भी रेडी-टू-ईट सूखा राशन सुरक्षित रूप से घर पहुंचाकर दिया गया। इतना ही नहीं, गर्म भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों को कोरोना से बचाव के उपायों के साथ 7 सितम्बर 2020 को पुनः शुरू कर दिया गया।
मातृ शक्ति का मनोबल और स्वावलम्बन बढ़ा
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार की प्रतिबद्धता से एक वर्ष में 99 हजार बच्चों को कुपोषण से तथा 20 हजार महिलाओं को एनीमिया से मुक्ति मिली है। महिलाओं और बच्चों की बेहतर देख-रेख और विकास के लिए महतारी जतन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सक्षम योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्वावलम्बन योजना, नवा बिहान योजना, स्व-आधार गृह योजना, उज्ज्वला गृह योजना, महिला पुलिस स्वयंसेविका योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना, महिला शक्ति केन्द्र योजना आदि को सुचारू ढंग से लागू किया गया, जिससे मातृ शक्ति का मनोबल और स्वावलम्बन बढ़ा है।
प्रदेश के 95 प्रतिशत से अधिक किसानों का धान खरीदने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने एक बार फिर किसानों से किया गया वादा निभाया है। चुनौतियों के बीच सुधार और संकल्प के साथ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की गई। इस वर्ष सर्वाधिक 21 लाख 52 हजार 980 किसान पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 20 लाख 53 हजार 483 किसानों ने अपना धान बेचा। इस प्रकार नई व्यवस्था और नए संकल्प से छत्तीसगढ़ 95.40 प्रतिशत किसानों का धान खरीदने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। धान खरीदी के हर पहलू पर एक नया कीर्तिमान बना है जैसे कुल पंजीकृत रकबा, कुल धान खरीदी का रकबा, कुल उपार्जित धान की मात्रा 92 लाख मीट्रिक टन को पार करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इन उपलब्धियों से न सिर्फ किसानों के जीवन में बल्कि पूरे प्रदेश में कृषि उत्पादन और खुशहाली का एक नया दौर शुरू हुआ है।
किसानों के हित में उठाए गए नए-नए कदम
सुश्री उइके ने कहा कि मेरी सरकार ने किसानों के हित में जो नए-नए कदम उठाए हैं, उसके कारण इस वर्ष ब्याज मुक्त कृषि ऋण के रूप में 4 हजार 755 करोड़ रुपए की राशि वितरण का नया कीर्तिमान बना है। लगभग 16 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके हैं। प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसायटी का पुनर्गठन कर 725 नई समितियां पंजीकृत की गई हैं, जिससे अब कुल समितियों की संख्या 1 हजार 333 से बढ़कर 2 हजार 58 हो गई है। एक ओर जहां गन्ना आधारित इथेनॉल प्लांट लगाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर धान आधारित इथेनॉल प्लांट लगाने की मेरी सरकार की नवाचारी सोच को भी राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और स्वीकृति मिली है। मेरी सरकार चाहती है कि प्रदेश में धान की बंपर पैदावार के बावजूद धान के दाम का मान बना रहे इसलिए धान का इस्तेमाल अन्य लाभप्रद उपक्रमों में भी किया जाए। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली अलग-अलग फसलों का वेल्यू एडीशन हो इसके
लघु वनोपज खरीदने में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर
राज्यपाल ने कहा कि कृषि के अलावा वन संसाधन भी प्रदेश की बड़ी आबादी के लिए आजीविका जुटाते हैं। इसलिए मेरी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 52 कर दी है। इस कठिन दौर में भी देश की कुल लघु वनोपज खरीदी का 72.5 प्रतिशत हिस्सा खरीदकर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा तथा बोनस भुगतान की निरंतरता से इस काम में लगे लाखों परिवारों को राहत मिली है।
कैम्पा मद की राशि के सदुपयोग में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
सुश्री उइके ने कहा कि मेरी सरकार वनों के संरक्षण तथा हरियाली के विस्तार के लिए सजग है। विगत वर्ष में 2 करोड़ 23 लाख पौधों का रोपण किया गया, जिसमें राम वनगमन पथ, नदियों के किनारे पौध रोपण जैसे नवाचार भी शामिल हैं। 16 हजार हेक्टेयर से अधिक बिगड़े बांस वनों का सुधार किया गया। कैम्पा मद की राशि के सदुपयोग में भी छत्तीसगढ़ का कार्य राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। यही वजह है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ की जो कार्य योजनाएं स्वीकृत हो रही हैं, वह अपने आकार और आयाम में देश में अव्वल हैं।
पंचायत और ग्रामीण विकास की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कार प्रदत्त
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने पंचायत और ग्रामीण विकास की योजनाओं को तात्कालिक जरूरतों से जोड़ते हुए अनेक नवाचार किए, जिसके कारण भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को 11 विशिष्ट पुरस्कारों से नवाजा है। वर्ष 2019-20 में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत स्वीकृत मानव दिवस के लेबर बजट का लक्ष्य शत्-प्रतिशत पूरा किया गया तथा वर्ष 2020-21 में भी 81 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, जो पुनः नए कीर्तिमान की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है। महात्मा गांधी नरेगा में बीते 10 माह में श्रमिकों को अब तक 2 हजार 590 करोड़ रुपए का मजदूरी भुगतान किया गया। इस साल अब तक 2 लाख 17 हजार 291 परिवारों को 100 दिनांे का रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं तथा कार्यक्रमों का क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं तथा
कार्यक्रमों का क्रियान्वयन पूरी लगन से किया है, जिसके
कारण ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन’ में
छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ और ‘स्वच्छ
भारत मिशन (ग्रामीण)’ के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में द्वितीय
स्थान पर रहा है। 86 ग्राम पंचायतों के ‘ओ.डी.एफ.
प्लस’ घोषित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ इस मापदण्ड में भी देश में दूसरे
स्थान पर है। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ में
प्रदेश को स्वच्छतम राज्य का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। 14
नगरीय निकायों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त
किए हैं। इस सफलता का श्रेय स्वच्छता दीदी, कमाण्डो जैसे
अलग-अलग नामों से लोकप्रिय कार्यकर्ताओं को जाता है। मैं चाहूंगी कि स्वच्छता के
लिए जागरुकता तथा उपलब्धियां लगातार बढ़ें।
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने शहरों को झुग्गी मुक्त करने हेतु गरीबों को बेहतर आवास दिलाने की दिशा में ‘मोर जमीन-मोर मकान’ एवं ‘मोर मकान-मोर चिन्हारी’ योजनाओं के तहत सार्थक काम किया है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा राज्य को पुरस्कृत किया गया है।
सड़कों और पुलों का नेटवर्क किया जा रहा पूरा
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने एक नई सोच के साथ ‘जवाहर सेतु योजना’ शुरू की थी ताकि सड़कों और पुलों का नेटवर्क पूरा किया जा सके। इस तरह के लगभग 200 कार्य शुरू किए गए, जिसमें से 29 पूरे हो गए। महत्वपूर्ण शासकीय भवनों व सार्वजनिक स्थलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने हेतु ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’ के तहत 2 हजार से अधिक सड़कों का कार्य किया जा रहा है। एडीबी, केन्द्रीय सड़क निधि, एल.डब्ल्यू.ई. छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम आदि अनेक माध्यमों का एक ही लक्ष्य है कि जल्दी से जल्दी प्रदेश में बेहतर सड़कों का नेटवर्क स्थापित हो।
विभिन्न
राष्ट्रीय योजनाओं तथा कार्यक्रमों का क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल
राज्यपाल
ने कहा कि मेरी सरकार ने विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं तथा कार्यक्रमों का
क्रियान्वयन पूरी लगन से किया है, जिसके कारण ‘श्यामा
प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन’ में छत्तीसगढ़
देश में अव्वल, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ और ‘स्वच्छ
भारत मिशन (ग्रामीण)’ के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में द्वितीय
स्थान पर रहा है। 86 ग्राम पंचायतों के ‘ओ.डी.एफ.
प्लस’ घोषित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ इस मापदण्ड में भी देश में दूसरे
स्थान पर है। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ में
प्रदेश को स्वच्छतम राज्य का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। 14
नगरीय निकायों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त
किए हैं। इस सफलता का श्रेय स्वच्छता दीदी, कमाण्डो जैसे
अलग-अलग नामों से लोकप्रिय कार्यकर्ताओं को जाता है। मैं चाहूंगी कि स्वच्छता के
लिए जागरुकता तथा उपलब्धियां लगातार बढ़ें।
राज्यपाल
ने कहा कि मेरी सरकार ने शहरों को झुग्गी मुक्त करने हेतु गरीबों को बेहतर आवास
दिलाने की दिशा में ‘मोर जमीन-मोर मकान’ एवं
‘मोर मकान-मोर चिन्हारी’ योजनाओं के तहत
सार्थक काम किया है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा राज्य को पुरस्कृत
किया गया है।
सड़कों और पुलों का नेटवर्क किया जा रहा पूरा
राज्यपाल
ने कहा कि मेरी सरकार ने एक नई सोच के साथ ‘जवाहर सेतु
योजना’ शुरू की थी ताकि सड़कों और पुलों का नेटवर्क पूरा किया जा सके। इस तरह
के लगभग 200 कार्य शुरू किए गए, जिसमें
से 29 पूरे हो गए। महत्वपूर्ण शासकीय भवनों व सार्वजनिक स्थलों को
बारहमासी सड़कों से जोड़ने हेतु ‘मुख्यमंत्री
सुगम सड़क योजना’ के तहत 2 हजार से अधिक
सड़कों का कार्य किया जा रहा है। एडीबी, केन्द्रीय सड़क
निधि, एल.डब्ल्यू.ई. छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम आदि अनेक माध्यमों का एक ही
लक्ष्य है कि जल्दी से जल्दी प्रदेश में बेहतर सड़कों का नेटवर्क स्थापित हो।
विमानन
सेवाओं के माध्यम से भी कनेक्टीविटी का विस्तार
सुश्री
उइके ने कहा क मेरी सरकार एक ओर जहां प्रदेश को देश के प्रमुख
सड़क मार्गों से जोड़ने की दिशा में पुरजोर प्रयास कर रही है और नई-नई परियोजनाएं
स्वीकृत करा रही है, वहीं दूसरी ओर
विमानन सेवाओं के माध्यम से भी कनेक्टीविटी के विस्तार में सफल हो रही है।
बस्तर के बाद बिलासपुर से भी अंतरराज्यीय विमानन सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश को
बहुत लाभ मिलेगा।
प्रशासनिक
सेवाएं जनता के अधिक नजदीक ले जाने एक जिला, दो अनुविभाग एवं 24 नए तहसीलों का गठन
उन्होंने कहा कि
मुझे यह कहते हुए खुशी है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मेरी सरकार
ने रेशम-हाथकरघा-बुनकर आदि कार्यों, हस्तशिल्प विकास
बोर्ड, छत्तीसगढ़ खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड, छत्तीसगढ़
माटीकला बोर्ड आदि संस्थाओं का भरपूर योगदान सुनिश्चित किया है, जिससे
लाखों लोगों को परंपरागत कला- कौशल को निखारने और बाजार में लाकर अच्छे दामों में
बेचने में मदद मिली है।
कोरोना
काल में भी बच्चों का नाता पढ़ाई से जुड़ा रहा
राज्यपाल
ने कहा कि मेरी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवाचारों पर बल दिया जिससे
संकट काल में भी बच्चांे का नाता पढ़ाई से जुड़ा रहा, साथ
ही उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए निरंतरता बनाए रखने में कोई कठिनाई नहीं आई। ‘पढ़ाई
तुंहर दुआर’, ‘पढ़ाई तुंहर पारा’ कार्यक्रमांे
के तहत ऑनलाइन कक्षा, मोहल्ला कक्षा, लाउडस्पीकर
स्कूल, बूलटू के बोल आदि तरीकों से 25 लाख बच्चों को
लाभ मिला जिसकी तारीफ नीति आयोग से लेकर माननीय प्रधानमंत्री जी तक ने की है। इसी
दौरान सभी जिलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू करने
का निर्णय लिया गया और प्रथम वर्ष में 52 सरकारी
विद्यालयों का उन्नयन नई सुविधाओं के साथ किया गया है, जिसमें
31 हजार से अधिक बच्चों ने प्रवेश लिया है।




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