न्याय, समानता, भाईचारे के सिद्धांतों के प्रति कटिबद्धता हमारा कर्त्तव्यः नवीन जिन्दल
रायपुर, ///// – जाने-माने
उद्योगपति श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड
(जेएसपीएल) ने देश का 72वां गणतंत्र दिवस कोविड-19 महामारी के सतर्कता मानकों का
पालन करते हुए पूरे उत्साह से मनाया। इस अवसर पर कंपनी के मंदिर हसौद परिसर में
प्लांट हेड श्री अरविंद तगई ने तिरंगा फहराया और सुरक्षा गार्ड परेड की सलामी ली।
उन्होंने इस अवसर पर चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल का संदेश पढ़कर सुनाया।
संदेश में 72वें गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए श्री
नवीन जिन्दल ने कहा है कि संविधान ने हम सभी को स्वतंत्र देश के नागरिक के रूप में
कुछ अधिकार प्रदान किये हैं तो न्याय, स्वतंत्रता,
समानता और भाईचारे के मूलभूत सिद्धांतों के प्रति सदैव कटिबद्ध रहना
हमारा कर्त्तव्य है।
उन्होंने कहा कि जेएसपीएल राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के
निर्वहन के लिए सदैव तत्पर और समर्पित है। संस्थापक चेयरमैन श्री ओपी जिन्दल जी ने
जेएसपीएल का पौधा लगाया था जो आज आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बढ़-चढ़कर योगदान
कर रहा है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का टीका ईज़ाद करने वाले वैज्ञानिकों को
बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से देश के नागरिक स्वस्थ रहेंगे और हमारा देश
विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान जेएसपीएल कर्मचारियों के समर्पण
की प्रशंसा की और कहा कि जब देश संकट में था, तब आपलोगों ने
एक नई रोशनी दिखाई और हेड हार्डेंड रेल के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाया।
खुशी की बात है कि रेलवे और आरडीएसओ ने रेल सप्लाई के लिए जेएसपीएल को “नियमित
आपूर्तिकर्ता” का दर्जा प्रदान किया।
श्री जिन्दल ने अपने संदेश में जेएसपीएल को ऋणमुक्त कंपनी बनाने का
संकल्प दोहराया और कहा कि कंपनी 2030 तक 50 मिलियन टन से अधिक स्टील उत्पादन की
योजना पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिन्दल पावर लिमिटेड प्रत्येक घर को 24 घंटे बिजली
उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को साकार करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में भी पहल का जिक्र किया और कहा कि जेपीएल की 625 किलोवाट
सौरऊर्जा प्रस्तावित परियोजना में से 150 किलोवाट की रूफटॉप परियोजना अंतिम चरण
में है।
उन्होंने जेएसपीएल के सामाजिक मिशन के अनुरूप कोविड-19 महामारी के
समय गरीबों और जरूरतमंदों की सराहनीय सेवा के लिए श्रीमती शालू जिन्दल के नेतृत्व
में सेवारत जेएसपीएल फाउंडेशन की सराहना की। फाउंडेशन ने लॉकडाउन के समय दिल्ली,
झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 5 लाख से अधिक
जरूरतमंदों को राशन और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया और प्रधानमंत्री राहत कोष में 25
करोड़ रुपये का योगदान दिया। फाउंडेशन ने इसके साथ ही समुदायों की सेवा के लिए
प्लांट लोकेशंस में पीपीई किट और स्वच्छता व स्वास्थ्य सामग्रियों का वितरण किया।
इसके अलावा सभी शैक्षिक संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई चालू रखकर छात्रों का मनोबल
बनाए रखा।
श्री जिन्दल ने ओपी जिन्दल कम्युनिटी कॉलेज के प्रशिक्षुओं का उत्साह
बढ़ाया जिन्होंने महामारी काल में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में योगदान
दिया। यह संस्थान अब तक 1.20 लाख युवाओं को निपुण बना चुका है। उन्होंने
दिव्यांगों की सेवा के लिए आशा- द होप की भी सराहना की।
उन्होंने 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्मरण कराया
जिसमें देश को नागरिकों को मर्यादा और पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा
साल के 365 दिन फहराने की स्वतंत्रता मिली थी। श्री जिन्दल ने कहा कि तिरंगा हमें
एक सूत्र में बांधता है, हमें भारतीय कहलाने का गौरव प्रदान करता है।
फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया देश भर में 100 फुट और 207 फुट के 85 से अधिक कीर्ति
ध्वज स्तंभ लगवा चुका है ताकि जन-जन में देशभक्ति की भावना का संचार होता रहे।
उन्होंने सुझाव दिया कि 23 जनवरी 2004 को राष्ट्रीय तिरंगा दिवस का नाम दिया जा
सकता है और 23 जनवरी से 26 जनवरी तक तिरंगा सप्ताह देश भर में मनाया जा सकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रत्येक क्षेत्र देश की तरक्की के सफर में सहभागिता का
नया उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर मंच संचालन मानव संसाधन विभाग के प्रमुख
सूर्योदय दुबे ने किया।




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