रायपुर ////// मिक्सोपैथी के विरोध
में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले लगातार क्रमिक भूख हड़ताल
जारी है एसोशिएसन कहना है कि इस तरीके की
मान्यता से मरीजों को भारी नुकसान का खतरा हो सकता है जिस कोर्स को
हम पढ़ने में 4 साल लगाते हैं वह उस कोर्स को सिर्फ 6 महीने में ही करवा कर केंद्र सरकार इन झोलाछाप डॉक्टरों से 65 प्रकार की
सर्जरी करने के लिए ऑथराइज करने का प्लान बना चुकी है , जिसका हम एमबीबीएस डॉक्टर सख्त विरोध करते हैं यह किसी भी मरीज के
लिए बहुत बड़े धोखे का काम हो सकता है पूरे देश की एमबीबीएस जमात इस मैक्सोपैथी के फैसले का विरोध
कर रही है सबसे ताजूब की बात यह है कि ना तो राज्य सरकार न केंद्र सरकार को इनकी मांगों को लेकर जूं भी नहीं
रेंग रही है बेचारे एमबीबीएस डॉक्टर लगातार क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं
आज अपनी विरोध मांगों को शासन प्रशासन और केंद्रीय शासन के पास भेजने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल
ज्ञापन सौंपने राजभवन पंहुचा ,माननीय महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद तथा माननीय महामहिम राज्यपाल
श्रीमती अनुसूईया उइके जी के नाम से मिक्सोपैथी के विरोध में ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में आईएमए के छत्तीसगढ़ प्रांत अध्यक्ष डॉ महेश सिन्हा, आई एम ए के पूर्व प्रांत अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़
ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष डॉ हेमंत चटर्जी, आई एम ए रायपुर के अध्यक्ष डॉ विकास अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष डॉ अनिल जैन, हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ ए आर दल्ला, छत्तीसगढ़ ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ
प्रशांत द्विवेदी, डॉ
अशोक बजाज ,
डॉक्टर
ओमप्रकाश लेखवानी तथा डॉक्टर रूपल पुरोहित उपस्थित थे।
12 फरवरी 2021 को मिक्सोपैथी के विरोध में आई एम ए के क्रमिक
भूख हड़ताल के क्रम को आगे बढ़ाते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर
में रायपुर शहर के त्वचा रोग विशेषज्ञों Dr. R. M. Tuteja, Dr. Nivedita
Rathod, Dr. Manoj Agarwalla, Dr. Narendra Agrawal, Dr. Kartavya Kawadia, Dr.
Ashok Gangwar, Dr.Sanjay V Mukhi ने सक्रिय रूप से भाग लिया । सभी ने इस बात पर
जोर दिया कि चिकित्सा विज्ञान की विभिन्न पद्धतियों को उनके मूल रूप में काम करने
दिया जाए । उनको आपस में मिला जुला कर मिक्सोपैथी के रूप में इस्तेमाल करना जनता
के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा।




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