**** बीजेपी के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि कोवैक्सीन को लेकर राजनीति नहीं होना चाहिए छत्तीसगढ़ सरकार को केंद्र सरकार की गाइड लाइन का पालन करना चाहिए हमारे वैज्ञानिकों ने जी जान लगाकर वैक्सीन तैयार की है वैक्सीन देश में ही नहीं विदेश में भी भेजी जा रही है और बिना संदेही के लगाई जा रही है रही है इस तरीके की वैक्सिंग राजनीति से छत्तीसगढ़ के आम लोगों को इस वैक्सीन से जो लाभ होना है उसे वंचित न किया जाए ****
रायपुर/// भारत ट्रेक कि कोवैक्सीन को लेकर
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा है कि जब तक इस वैक्सीन के ट्रायल थ्री की
रिपोर्ट संतोषजनक नहीं आती तब तक छत्तीसगढ़ के नागरिकों को मैं इस वैक्सीन को
लगाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करूंगा स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ा ही महत्वपूर्ण
प्रश्न उठाते हुए कहा है कि इस वैक्सीन की आपूर्ति के साथ ही एक ऐसा फॉर्म भी आया
है जो संदेह को जन्म देता है फार्म में
लिखा गया है कि यह वैक्सीन में अपनी मर्जी से लगवा रहा हूं इसके परिणामों के लिए
मैं जिम्मेदार हूं वैक्सीन लगाने से पहले जिसे वैक्सीन लग रही है वह इस फॉर्म को
भरेगा और अपने हस्ताक्षर करेगा
इस तरह के फॉर्म भरवाने का मतलब तो यही है कि यदि किसी तरीके का
रिएक्शन एक्शन या मौत हो जाती है तो वैक्सीन कंपनी जिम्मेदार नहीं होगी बड़ा ही
अजीबोगरीब फरमान के साथ वैक्सीन की खेप के साथ भेजा गया फॉर्म है यह, जिसको लेकर
स्वास्थ्य मंत्री ने चिंता जाहिर करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र
लिखकर कहा है कि इस वैक्सीन का उपयोग छत्तीसगढ़ में हम नहीं करेंगे बात बिल्कुल
सही और साफ है कि यदि इस वैक्सीन को वैक्सीन बनाने वाली कम्पनी को ही इस तरीके के डाउट है तो वह जन मानस को इस
वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित क्यों कर रही है
छत्तीसगढ़ में अभी
कोवैक्सीन की 1 लाख 75 हजार वैक्सीन पहुंच गई है जिसका लगाने का काम अभी
शुरू नहीं हुआ है वह रखी हुई है इस वैक्सीन को लेकर अभी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके
एक्सपायरी डेट जून 2021 है इससे पहले अगर
वैक्सीन को लगाने का फैसला नहीं हुआ तो बड़ी मात्रा में है वैक्सीन एक्सपायर हो
जाएगी तीसरी ट्रायल के रिजल्ट आने में भी अभी वक्त है इसको लेकर टीएस सिंह देव
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि कोवैक्सीन हमें ना भेजी
जाए लेकिन जो वैक्सीन आ गई है उसका क्या होगा इसका
फैसला फिलहाल अभी नहीं हुआ है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैक्सीन वापसी का कोई
रूट नहीं है ऐसी स्थिति में वैक्सीन कब तक बिना लगाए छत्तीसगढ़ के कोल्ड स्टोर में
रखी रहेगी यह तो भविष्य ही बताएगा
छत्तीसगढ़ में पहली के कोविसिल्ड वैक्सीन की पहली खेप आई थी जिससे निर्विवाद तरीके से पूरे छत्तीसगढ़
में लगाया जा रहा है और अभी तक किसी भी तरीके के रिएक्शन एक्शन की कोई खबर नहीं आई
है को वैक्सीन को लेकर उठे विवाद के बाद वैक्सीन
कोल्ड स्टोरेज में रखी हुई है वही सेरेमिक
इंडस्ट्रीज पुणे की कोविसिल्ड वैक्सीन 69% फ्रंटलाइ वर्करों को लगा दी गई है और यह कार्यक्रम
लगातार चल रहा है




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