******* वस्तुस्थिति यह है कि बजट कितना कन्फ्यूजिंग है ऐसा लग रहा है कि एक की जेब से निकाल कर दूसरे की जेब में पैसा डाला है दूसरे की जेब से निकाल कर तीसरे की जेब में पैसा डाला है लेकिन यह समझ नहीं आ रहा है कि पहली की जेब में पैसा डालने के लिए पैसा कहां से आया कुल मिलाकर इस बजट को लेकर अर्थशास्त्रियों का भी दिमाग चकराया गया है समझ नहीं आ रहा है कि यह बजट किस के फायदे के लिए लेकिन राजनीतिक पंडितों को यह समझ में आ रहा है कि मोदी सरकार ने पूजी पतियों को फिर इस बजट मैं भी सर्वोपरि स्थान दिया गया है ***
नई दिल्ली /// वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 2021 का बजट संसद में प्रस्तुत किया है करीब 34,00;000
लाख करोड़ के बजट में स्वास्थ्य को ढाई
लाख करोड रेलवे को सवा लाख करोड भूतल परिवहन को 80000 करोड के अलावा मेट्रो सेवा, किसानों की
माली हालत सुधारने के लिए पेट्रोल डीजल गैस पर 4% किसान टैक्स जैसी कई अनूठी घोषणाएं की गई हैं कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ का बजट रखा गया है जिन प्रदेशों में आने वाले वर्षों में चुनाव हैं
उन प्रदेशों को इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सड़क पर रेलवे पर और भी बहुत सी आधारभूत सुविधाओं के लिए विशेष चिन्हित कर बजट
का प्रावधान किया गया है हर वर्ष की तरह इस वर्ष के बजट में मध्यम वर्गीय परिवारों को लेकर किसी भी तरह की कोई राहत नहीं है रसोई गैस पेट्रोल डीजल सभी
महंगे होने वाले हैं बिजली के क्षेत्र में
भी 80 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया है पर बिजली सस्ती होगी इसका कहीं कोई जिक्र नहीं है कुल मिलाकर मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग परिवारों
के लिए बहुत ही निराशाजनक बजट है |
बजट
को लेकर प्रतिक्रिया शुरू हो गई हैं
राहुल गांधी का वही पुराना राग है कि मोदी सरकार चंद्र लोगों को देश की
चुनिंदा उपक्रम बेचने लगा है जो भविष्य के लिए खतरनाक
है . वहीं प्रधानमंत्री
मोदी ने कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में बजट के प्रावधानों से सुस्त पड़ी
अर्थव्यवस्था पटरी पर आने की पूरी उम्मीद है
केंद्रीय
बजट की मुख्य बातें >>>>>
स्वास्थ्य का बजट 94 हजार करोड़ से बढ़ाकर 2.23 लाख करोड़ किया गया.
देश भर में 75 हजार हेल्थ सेंटर्स बनाए जाएंगे.
वित्त वर्ष 2022 में वित्तीय घाटा जीडीपी का 6.8 परसेंट रहने का अनुमान.
इंफ्रा सेक्टर को बड़ा बूस्ट देने की तैयारी, डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी पर 20,000 करोड़ का निवेश करेंगे.
75 साल से अधिक उम्र वालों को अब टैक्स नहीं देना पड़ेगा.
जम्मू कश्मीर में गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी.
रेलवे के लिए 2030 तक की योजना तैयार की गई है. नई राष्ट्रीय रेल योजना बनाई जाएगी.
रेल बजट पर 1.1 लाख करोड़ खर्च किया जाएगा.
उज्ज्वला योजना से 8 करोड़ को फायदा पहुंचा, अब 1 करोड़ नए लोगों को जोड़ा जाएगा.
बैंकों की NPA समस्या से निपटने के लिए AMC बनाने का ऐलान हुआ.
सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी.
किसानों को उनकी फसल के लिए MSP से 1.5 गुना ज्यादा कीमत दी जाएगी, किसानों को 75 हजार करोड़ रुपये दिए गए.
किसान कर्ज के लिए 16.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान,
आदिवासी इलाकों में 750 एकलव्यू स्कूल खोले जाएंगे.
अगली जनगणना डिजिटल तरीके से होगी.
दो और कोरोना वैक्सीन आएगी.
बता दें कि बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को
सांसदों के हंगामें और नारेबाजी का भी सामना करना पड़ा. बजट की शुरुआत में सीतारमण
ने कहा कि पिछला साल देश के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा, ऐसे में ये बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब काफी संकट है.
वित्तीय घाटा 6.8 पर्सेंट रखने का प्रयास रहेगा। वित्त
मंत्री ने कहा कि 2020-21 में इसके 9.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है।
-सस्ते घरों पर 1.5 लाख रुपये तक का कर्ज ब्याज मुक्त
होगा। स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट की सीमा एक साल और बढ़ी।
-वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों के अटके कर्जों से निपटने के लिए
परिसंपत्ति पुनर्गठन एवं प्रबंधन कंपनी की स्थापना की जाएगी। सरकार सार्वजनिक
क्षेत्र के बैंकों को 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी देने का
प्रस्ताव किया।
-न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इस बार PSLV-CS51
को लॉन्च करेगा। गगनयान मिशन का मानव
रहित पहला लॉन्च इसी साल दिसंबर में होगा।
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के इतिहास में पहली
बार डिजिटल जनगणना कराने की घोषणा की है। इसके लिए 3,760 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमम ने घोषणा की कि देश में करीब 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे। लेह में
केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाए जाने का ऐलान किया गया है। इतना ही नहीं, जल्द ही हायर एजुकेशन कमीशन का गठन
होगा।
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुफ्त रसोईं-गैस सिलेंडर
उपलब्ध कराने की योजना उज्ज्वला के तहत एक करोड़ और लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा।
हम अगले तीन वर्षों में शहर के गैस वितरण नेटवर्क में 100 और जिलों को जोड़ेंगे। जम्मू और
कश्मीर में गैस पाइपलाइन परियोजना शुरू की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में नेशनल हाईवे
प्रोजेक्ट का ऐलान। वित्त मंत्री ने कहा कि 25,000 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिम बंगाल
में 675 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं,
65,000 करोड़ रुपये के
निवेश से केरल में 1,100 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण
कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 1.03 लाख करोड़ रुपये के निवेश से तमिलनाडु
में 3,500 किमी के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा।
-उत्पादन आधारित योजना (पीएलआई) पर इस वित्त वर्ष से शुरू अगले पांच
साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे: वित्त मंत्री।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले पांच साल में 1,41,678
करोड़ रुपये के व्यय के साथ स्वच्छ
भारत के दूसरे चरण का क्रियान्वयन किया जाएगा।




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