रायपुर: बहुचर्चित नान घोटाला और टेप कांड की मुख्य राजदार रेखा नायर वैसे तो विभाग में एक छोटे से पद पर नियुक्त की गई थी भिलाई में उसने मुकेश गुप्ता के रहते हुए स्टोनो के रूप में नौकरी ज्वाइन की थी लेकिन मुकेश गुप्ता के रसूख का फायदा लेते हुए उस महिला कर्मचारी ने ना सिर्फ अरबों की संपत्ति खड़ी की साथ ही विभाग में रुतवा भी हासिल किया सूत्र बताते हैं की रेखा नायर आर्थिक अनुसन्धान में रहते हुए कभी भी ऑफिस नहीं गई अभी हाल ही में उसे इस नौकरी पर जॉइन करने के लिए आदेश भेजे गए हैं लेकिन हिम्मत देखिए कि उसने ना तो पत्रों का जवाब दिया ना ही विभाग में आमद दी इतना जलवा कैसे यह प्रश्न उठता है मुकेश गुप्ता के रहते हुए उस महिला ने अकूत संपत्ति अर्जित की और आज उस संपत्ति की गर्मी से वह ना तो आदेश मान रही हैं और मिडिया में कह रही है कि उसने कोई गलत काम किया है मुकेश गुप्ता की राजदार महिला के बारे में आस पड़ोस के लोगों को यह कहते हुए सुना गया की जिस रुत्वे से वह रहती थी और पुलिस वाले उसे सेलूट करते थे लगता था कि यह कोई आईपीएस अधिकारी है जिस तरीके से पुलिस वाले उसकी सेवा में हाजिर रहते थे इससे पड़ोसी बड़े भोचाके थे लेकिन जब पुलिस ने उसके इस साम्राज्य का भंडाफोड़ किया और उसके घर दबिश दी तब लोगों को पता चला कि यह महिला जो इतने रॉब से रहती थी उसकी एक्चुअल औकात क्या है.
अब सवाल ये उठता है यह सब कैसे संभव हुआ इसकी पृष्ठभूमि पर जाने पर पता चला की रेखा नायर आर्थिक अनुसन्धान के सर्वोच्च अधिकारी मुकेश गुप्ता के कहने पर टेलीफोन को टेप करने का काम किया करती थी बहुत ही दिलचस्प काम है किसी का भी टेलीफोन टेप करना और उसे ब्लैकमेल करना यह सिलसिला पिछले कई सालों चला टेप कांड में अधिकारियों से लेकर व्यापारी ,राजनीतिक और पत्रकारों के टेलीफोन टेप किए गए मामला बहुत ही संगीन था रमन सरकार में यह सब खेल चल रहा था इस खेल को रमन सिंह के सुपर सीएम अमन सिंह भी जान रहे थे लेकिन वह इस घिनौनी हरकत का फायदा अपने और अपने मुख्यमंत्री को बचाने के लिए कर रहे थे खेल बड़े आराम से चल रहा था सरकार बदली रुतवा बदला मुकेश गुप्ता को पद से निलंबित कर दिया गया पद से निलंबित होने के पहले मुकेश गुप्ता ने रेखा नायर को 1 साल की छुट्टी पर भेज दिया एफ आई आर हो गई इंक्वायरी शुरू हुई इंक्वायरी के केंद्र में राजदार के रूप में रेखा नायर का नाम सुर्खियों में आया रेखा नायर गायब हो गई 2 महीने तक उसकी तलास में टीमें यहां वहां छापे डालती रही पर रेखा नायर कहीं नहीं मिली गरफ्तारी के डर से वह हाई कोर्ट चली गई अंत में जब उसे हाई कोर्ट ने राहत दी तो वह सामने आई.
सामने आते ही उसने सबसे पहले उन तमाम आरोपों का खंडन बड़ी सफाई से कर दिया कहा मुझे फंसाने के लिए यह सब कूट रचना रची जा रही है जबकि वस्तु स्थिति यह है की छोटी सी नौकरी करने वाली रेखा नायर ने छत्तीसगढ़ और केरल में 50 करोड़ से ऊपर की संपत्ति इन 15 सालों में बनाई अब यह प्रश्न उठता है की इतनी संपत्ति उसने कैसे एकत्र की एक फार्म हाउस केरल में भी है छत्तीसगढ़ में भी है रेखा के घर की कीमत 2 करोड़ रुपए से ऊपर लगाई गई है इतनी संपत्ति अर्जित करने के बाद भी वह कहती है कि उसे फंसाया जा रहा है चोरी और सीनाजोरी का इससे बेहतरीन उदाहरण मिलना मुश्किल है रेखा नायर को आज भी उसकी छुट्टी निरस्त कर जॉइनिंग के लिए सूचना दी गई लेकिन उसकी हिम्मत की दाद देना पड़ेगी इतने छोटे से पद पर रहने के बाद भी ना तो उसने जॉइनिंग की और ना ही विभाग में आने की कोशिश की |
हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद वह बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है और तमाम उच्च अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए वह काले रंग की फॉर्चून कार में आराम से शहर में घूम रही है अब प्रश्न यह उठता है की रेखा नायक को किसका इतना सपोर्ट है जो वह इतने अपराध में लिप्त होने के बाद भी आराम से घूम रही है!




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