रायपुर
//// स्वास्थ्य मंत्री टीवीएस सिंह देव ने भारत बायोटेक की
कोविड-19 वैक्सीन, कोवाक्सिन के उपयोग का विरोध
किया है ,मंत्री सिंहदेव ने
ट्वीट कर कहा है कि अभी वैक्सीन के तीसरी ट्रायल पूरी नहीं हुई है, और डीसीजीआई की
मंजूरी मिल गई है इसलिए वैक्सीन संदेह के घेरे में आ गई है , भारत सरकार को इस वैक्सीन को अभी फिलहाल आम जनता को लगाने के लिए रोकना चाहिए उन्होंने यह भी कहा
है कि भारत बायोटेक की वेबसाइट में उल्लेख किया गया है
कि 26 हजार प्रतिभागियों के परीक्षण की ने डीसीजीआई मंजूरी दी है जिसका परीक्षण अभी चल ही रहा है इसलिए जल्दबाजी में लिया गया फैसला है इस
पर सरकार को पुनः विचार करना चाहिए
छत्तीसगढ़
के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने शनिवार को कहा कि कोविद -19 वैक्सीन का
उपयोग किया जाना चाहिए- कोवाक्सिन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इसका
परीक्षण अभी पूरा नहीं हुआ है और अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा है।कोवाक्सिन के तीसरे
चरण के परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। टीके को आपातकालीन उपयोग (ड्रग कंट्रोलर
जनरल ऑफ़ इंडिया) द्वारा अनुमोदित किया गया है। जब तक इसके पूर्ण परिणाम नहीं
निकलते, तब तक इसके उपयोग से बचा जाना चाहिए। उन्होंने अपनी राय प्रकट करते
हुए कहा है कि राज्य सरकार को भी इस वैक्सीन का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाना
चाहिए इस वैक्सीन को लेकर आम पब्लिक में अभी अविश्वास की स्थिति है यह कोविड-19
टीकाकरण के अभियान में बाधित हो सकती है
कोवाक्सिन
स्वदेशी कोविद -19 वैक्सीन है जिसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ
वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से Bharat Biotech द्वारा
निर्मित किया जा रहा है ,छत्तीसगढ़ ने अपने सभी 28 जिलों में कोविद -19 वैक्सीन के
वितरण और प्रशासन के लिए मॉक ड्रिल पूरी कर ली है और जल्द ही टीकाकरण अभियान की
विस्तृत व्यवस्था की है।उन्होंने कहा कि राज्य में अभियान के पहले चरण में 2.53
लाख स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी।




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