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बिलासपुर उच्च न्यायालय के आदेश से कुहासे के बादल छठे ,सुस्त पड़े एमएमआई ट्रस्ट में फिर से हुई गतिविधियां तेज

Anil Choubey 09-01-2021 11:45:00


एमएमआई नारायणा हृदयालय में खुशी का माहौल ,डिक्टेटर शिप और टेरर कायम करने वाले कथित पैटर्न  प्रबंधन से बाहर

            रायपुर ///  छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हॉस्पिटल  एमएमआई नारायणा हृदयालय को लेकर चल रहे अधिपत्य विवाद  पर हाई कोर्ट बिलासपुर ने निर्णय देते हुए कहा है कि वर्तमान में जितने भी ट्रस्ट के सदस्य हैं वह सदस्य रहेंगे और उन्हें अस्पताल के सुचारू रूप से संचालन के लिए पूर्ण अधिकार है एमएमआई टेस्ट की सदस्यता को लेकर पिछले  8 महीनों से लगातार आरोप और प्रत्यारोप का दौर चल रहा था ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश गोयल इस ट्रस्ट को जिस तरीके से सफलतापूर्वक चला रहे थे और उनके  प्रयासों से एमएमआई नारायणा हृदयालय ने जो ख्याति छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के राज्यों में अर्जित की थी उस पर चल रहे इस विवाद ने बट्टा लगा दिया था, एमएमआई  के कांस्टिट्यूशन में एक अजीब तरीके का उल्लेख था उस उल्लेख  को लेकर पैटर्न मेंबरों ने बाकी  सदस्यता की मेम्बरशिप को निरस्त करते हुए रजिस्टर एंड फर्म सोसायटी ने एकतरफा सुनवाई करते हुए बाकी के सदस्यों की सदस्यता को निरस्त कर दिया था, आदेश को लेकर 6 महीने पहले एम एम आई ट्रस्ट कार्यालय पर कथित पैटर्न सदस्यों ने   बलात कब्जा  किया था , उस आदेश को  निरस्त करते हुए बिलासपुर उच्च न्यायालय ने 50 पेज पर पूरी कार्रवाई  के हर बिंदुओं पर स्पष्ट निर्णय देते हुए सचिव छत्तीसगढ़ शासन आवास एवं पर्यावरण के आदेश को निरस्त कर दिया है

               सामाजिक ट्रस्ट के नाम पर जिस तरीके से पैटर्न सदस्यों ने उस पर अपना आधिपत्य जमाने की कोशिश की थी उसकी ल्रकर पूरे छत्तीसगढ़ में एम एम एन एच को लेकर जो मरीजों में आम नागरिकों में आशंका के बादल घिर रहे थे ,उसके कारण पिछले 6 महीने से लगातार मरीजों की संख्या भी कम हो  रही थी हॉस्पिटल में भी जो डॉक्टर काम कर रहे थे आशंकाओं से घिरे हुए थे और दो गुटों में तब्दील हो गए थे एक  गुट जबरदस्त हावी था तो दूसरे गुट के डॉक्टर अस्पताल छोड़कर जाने का मन बना रहे थे कुछ डॉक्टर छोड़कर चले भी गए संचालन प्रक्रिया में लगे कर्मी भी हताश मन से काम कर रहे थे जिसको लेकर मरीजों में भी असंतोष था अस्पताल धीरे-धीरे गर्त की ओर जा ही रहा था कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने पुराने संचालन मंडल के पक्ष में निर्णय देते हुए पुरानी स्थिति को बहाल कर दिया है |

                  एम एम आई ट्रस्ट  ने जोर शोर से यह प्रचार किया था कि ट्रस्ट  सार्वजनिक हित जन भावनाओं के अनुरोप  अस्पताल बनाया जाएगा सभी का सहयोग लिया जाएगा लेकिन नियमों को देखते हुए लगता है कि पैटर्न के  सदस्य ही  इसे प्राइवेट लिमिटेड की तरह चलाएंगे किसी और की इसमें दखलंदाजी नहीं होगी इस तरीके के एकाधिकार नियमों से तो लगता है कि उनकी मंशा कुछ और ही थी  लगता है कि जो भी पैटर्न सदस्य  हैं उनकी मंशा ट्रस्ट की आड़ में कुछ और ही करने की थी नियत में खोट होने के चलते अस्पताल  2007 में  एम एम आई ट्रस्ट रसातल में आ चुका था अस्पताल बंद होने की स्थिति में था चलाने के बहुत से नए नए प्रयोग हो रहे थे उस वक्त सुरेश गोयल ने अस्पताल की बागडोर अपने हाथों में ली पुरानी देनदारियों को चुकाया और अथक प्रयास करके नई भूमिका में अस्पताल को चलाने के लिए नारायणा हृदयालय से एक लंबे समय का समझौता हस्ताक्षर किया नई तकनीक का इजाद किया डॉक्टरों को अस्पताल चलने का भरोसा दिया भरोसे के कायम होने पर सुखद परिणाम दिए थे, कि पिछले 5 वर्षों से एमएमआई नारायणा हृदयालय   हृदय रोगियों के लिए  एक बड़े सहारे के रूप में रायपुर की धरती पर सामने आया आधुनिक मशीनें लगाकर यह ह्रदय के विशेषज्ञों की एक टीम  सुचारू रूप से काम कर रही थी जिससे हजारों लोगों को छत्तीसगढ़ से बाहर हृदय रोग संबंधी निदान के लिए जाना नहीं पड़ रहा था, छत्तीसगढ़ के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि थी इसके अलावा भी और भी फैकल्टी के अच्छे डॉक्टर यहां काम कर रहे हैं विवादों के चलते कुछ छोड़ कर चले गए  जिससे हॉस्पिटल  की प्रतिष्ठा को काफी  धक्का लगा अब फिर से हॉस्पिटल के चलाने का  जुम्मा अध्यक्ष  सुरेश गोयल के कंधों पर है अब देखने वाली बात  है कि आगे की राह इतनी आसान होती है

 

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