रायपुर ///// कोविशील्ड करोना वैक्सीन के DGCI
के एक्सपर्ट पैनल द्वारा जैसे ही बेस्ट
सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन को मंजूरी मिली कोविड-19 से पीड़ित देश को एक अच्छी खबर नए साल
में मिल गई मंजूरी मिलने के साथ ही आज ड्राई रन की प्रैक्टिस पूरे देश में शुरू हो
गई है , छत्तीसगढ़ में भी रायपुर बिलासपुर दुर्ग राजनांदगांव सहित सात जिलों में
ड्राई रन की विधिवत
शुरुआत हो गई है ड्राई रन का मतलब है कि किस तरीके से आम जनता को वैक्सीनेशन किया
जाए उसमें कार्य करने वाले डॉक्टर नर्स तकनीकी स्टाफ और वैक्सीन ट्रांसपोर्टेशन से
लेकर सेंट्रो में गोल्ड चेन की व्यवस्था के अलावा वैक्सीन लगाने के लिए आमजन को किस तरीके
से वैक्सीनेशन सेंटर पर लाया जाएगा उनसे क्या क्या दस्तावेज वेरिफिकेशन
के लिए मांगे जाएंगे पहले रजिस्ट्रेशन होगा वैक्सीन लगाने वाले को कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा
मतलब सैनिटाइजेशन मास्क एंड ग्लोब पहनना होंगे रजिस्ट्रेशन के बाद
दूसरे रूम में उसकी बॉडी का फिजिकल चेकअप होगा फिर वह वैक्सीनेशन में जाएगा वहां
वैक्सीनेशन होने के बाद उसके बाद वाले रूम में उसे 45 मिनट तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा ताकि
किसी तरीके के साइड इफेक्ट अगर पता चलता है तो उसे तत्काल प्रभाव से मेडिकल सुविधा
दी जा सके
एक्सपर्ट्स के अनुसार कोविशील्ड वैक्सीन के 2 डेज हर बेनेफिशरी को लेना पड़ेगा वैक्सीनेशन
करने के लिए रजिस्ट्रेशन पर ही है उसे बता दिया जाएगा कि दूसरा डोस कब कब लेना है उसने नियत तिथि पर आकाश को दूसरा डोज भी इसी तरह प्रक्रिया से गुजरते हुए लेना
पड़ेगा सरकार ने अभी तक किया है घोषणा नहीं की है कि इस वैक्सीन को लेने के
लिए किसी तरीके के पैसे की जरूरत होगी यह फ्री में सरकार के द्वारा इस महामारी से मुक्त होने के लिए कोई कार्यक्रम
चलाया जाएगा लेकिन सूत्रों का कहना है कि वैक्सीन सरकारी करण होने के कारण मुफ्त
में ही लगाई जाएगी इस पर सरकार को जो आर्थिक बोझ होगा वह सरकार खुद वहन करेगी
कोविशील्ड के अलावा डीजीसीआई से मंजूरी लेने की पाइप लाइन
में भारत बायोटेक फाइजर डॉक्टर रेडी की स्पूतनिक वैक्सीन भी है जिन को लेकर लगातार
विचार किया जा रहा है क्योंकि पूरे भारत में
130 करोड़ के आसपास
वैक्सीनेशन होना है कोई भी एक कंपनी अभी तक इतनी सक्षम नहीं है कि
वह मांग के अनुसार आपूर्ति कर सके डब्ल्यूएचओ के अनुसार पूरे विश्व में नो वैक्सीन कंपनियां दूसरे और तीसरे ह्यूमन ट्रायल के आसपास हैं इसके अलावा 6 और कंपनियों ने वैक्सीन बनाने का दावा किया है कुल
मिलाकर पूरे विश्व में इस वैक्सीन को लगाने के लिए 800 करोड़ डोज चाहिए होंगे सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन
कि जो एक बोतल है उसमें 10 डेज होंगे जो 2 डिग्री से लेकर 8 डिग्री के बीच में सुरक्षित रहेंगे बोतल
ओपन होने के बाद 4 दिन में दोस्त को समाप्त करना होगा नहीं तो वह काम करना बंद कर देगा
इस वक्त की की खासियत यही है कि यह भारत में कोल्ड चैन स्टोर के लिए उपयुक्त है
देश में 2 डिग्री माइनस से लेकर 10 डिग्री माइनस तक की सुविधाएं पहले से ही उपलब्धि थी सो अलग से किसी तरीके के आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल गई है
अब देखने वाली बात यह है कि जब यह भारत
में मानव को लगना शुरू होगी तो उसके रिएक्शन और परिणाम क्या सामने आते हैं कोविशील्ड वैक्सीन मानव के शरीर में पूरी ताकत से
कोविड-19 वायरस को शरीर में फैलने से रोकने की शक्ति है जिससे संक्रमित मरीज
को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है वैक्सीन शरीर में 1 साल के आसपास तक पूरी क्षमता से काम
करेगी मनुष्य के शरीर के अनुसार वायरस के एंटीबॉडीज इतनी बना देगी की कॉमेडी
नाइनटी के अलावा भी दूसरे छोटे-मोटे संक्रमा से विवाह निजात पा जाएगा 21वीं सदी में ऐसा लग रहा है कि आप
संक्रमित रोगों से मुक्ति पाने के लिए गोली दवाई इंजेक्शन की नहीं व्यक्तियों की
जरूरत पड़ेगी 21वीं सदी रोगों से लड़ने के लिए वैक्सीन की सदी कहे लाएगी




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