विशेष लेख
छेदीलाल तिवारी,
प्रदेश में अत्याधुनिक खेल सुविधाओं के विकास से खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर केे प्रशिक्षण की सुविधा
मुख्यमंत्री श्री भूपेश
बघेल के खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा अब धरातल पर तेजी से मूर्त रूप ले
रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य मंे खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों के लिए सर्वसुविधा युक्त
अत्याधुनिक खेल सुविधाएं तेजी से विकसित हो रही है। इससे खेल के नक्शे पर छत्तीसगढ़
राज्य की एक अलग पहचान होगी साथ ही यहां के खिलाड़ियों को राज्य में ही
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश
बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विगत दो वर्षों में खेल अधोसंरचनाओं के विकास
में बड़ी उपलब्धि भी हासिल की है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और खेल मंत्री श्री उमेश
पटेल के मार्गनिर्देशन में प्रदेश में आधुनिक खेलों के साथ ही साथ प्रदेश के
ग्रामीण और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के
लिए अनेक अहम कदम उठाएं है।
प्रदेश में नई सरकार के
गठन के बाद खेलों और खेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए एक अहम निर्णय लेते हुए
राज्य में खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। राज्य में खेल गतिविधियों को
बढ़ावा देने के लिए नई और आधुनिक खेल आकादमियां शुरू की जा रही हैे। इन अकादमियों
का संचालन छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के माध्यम से किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य
बनने के बाद से अब तक कई ऐसे खेल मैदान व खेल अधोसंरचनाएं थीं, जिनका
सही उपयोग नहीं किया जा रहा था, भूपेश सरकार ने
खेल विकास प्राधिकरण के माध्यम इन अनुपयोगी खेल मैदानों का उन्नयन कर उन्हें उपयोगी
बनाकर खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराने जा रही है।
अभी हाल ही में 19
नवंबर को मुख्यमंत्री श्री बघेल ने रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय सांस्कृतिक भवन
से लगी 4 एकड़ भूमि में टेनिस स्पोर्ट अकादमी के निर्माण के लिए आधारशिला रखी
है। इस आकादमी के निर्माण के लिए राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 17
करोड़ 75 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। टेनिस स्पोर्ट अकादमी के
अंतर्गत एडमिन बिल्ंिडग, हॉस्टल बिल्ंिडग और टेनिस कोर्ट का निर्माण
किया जाएगा। टेनिस कोर्ट में 3 हजार 500
दर्शक क्षमता की होगी।
इसके साथ ही राजधानी
रायपुर में बालक एवं बालिकाओं के लिए आवासीय हॉकी अकादमी एवं न्यायधानी बिलासपुर
में तैराकी, कुश्ती और एथलेटिक के ‘एक्सिलेंस
सेंटर’ प्रारंभ होने से अब खिलाड़ियों को प्रशिक्षण लेने बाहर नहीं जाना
पड़ेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियो को ये सुविधाएं अपने ही राज्य में मिल
सकेंगी। राज्य सरकार के प्रयास से इन दोनो ही संस्थाओं को सांई से मान्यता मिल गई
है। इससे अब राज्य के कोने कोने से खेल प्रतिभाओें का चयन किया जाएगा। साथ ही
आवासीय खेल अकादमी में खिलाड़ियों को छात्रावास, छात्रवृत्ति,
शिक्षा और प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री
भूपेश बघेल के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने अम्बिकापुर में मल्टीपरपज इंडोर
हॉल के निर्माण के लिए 4 करोड़ 50 लाख रूपए तथा
महासमुन्द में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक के निर्माण के लिए 6
करोड़ 60 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। मुख्यमंत्री राज्य
के खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार बड़े कदम उठा
रहे हैं। राज्य में विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए भी कदम दर कदम
राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। बिलासपुर में नव निर्मित सिंथेटिक टर्फ के हॉकी
स्टेडियम का नामकरण स्वर्गीय बी.आर.यादव हॉकी स्टेडियम करते हुए इस स्टेडियम को
खिलाड़ियों के लिए खोल दिया गया है।
छत्तीसगढ़ की भूपेश
सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर सर्वाधिक जोर दे रही है। इसके लिए राज्य में
शीघ्र ही विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की भर्ती की भी तैयारी चल रही है। खेल एवं
युवा कल्याण संचालनालय द्वारा इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर
राज्य के बाहर से भी प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी ताकि राज्य के खिलाड़ियों का
स्तर और उंचा हो सके और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
राजधानी रायपुर में
गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना की थीम पर विगत वर्ष राज्य युवा महोत्सव का भव्य
आयोजन किया गया था, जिसमें राज्य गठन के बाद पहली बार राज्य के
युवाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिये थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस आयोजन को प्रतिवर्ष
करने के निर्देश दिए हैं, इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा
पृथक से बजट प्रावधान भी रखा है। युवा महोत्सव के सभी प्रतिभागियों को 5-5 सौ
रूपए की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है।
इसके साथ ही भारत सरकार
द्वारा ‘वन स्टेट-वन गेम‘ के तहत ओलंम्पिक-2024
में तीरंदाजी में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिभाशाली तीरंदाज खिलाड़ियों
को प्रशिक्षित कर उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य को सौंपी गई है।
इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा नैसर्गिक प्रतिभा वाले युवाओं का चयन कर उन्हें
प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य के जशपुर में हॉकी के खेल
को बढ़ावा देने के लिए एस्ट्रोटर्फ का काम चालू किया गया है। पाटन-मर्रा में
स्टेेडियम का निर्माण किया जा रहा है। दुर्ग में जूडो एकेडमी की स्थापना की गई है।
राज्य सरकार नारायणपुर में मलखम्भ को प्रोत्साहित करने के लिए वहां बेहतर सुविधाएं
उपलब्ध करा रही है।
प्रदेश में ग्रामीण
क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजीव युवा मितान क्लबों का
गठन किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा प्रदेश के 146 विकासखण्डों
की 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों में राजीव युवा मितन क्लब योजना
लागू की जाएगी। इन क्लबों को अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए प्रतिमाह 10
हजार रूपए दिए जाएंगे। क्लब के युवाओं को विभिन्न सामाजिक गतिविधियों
जैसे-स्वच्छता, वृक्षारोपण कार्यक्रमों सहित अन्य योजनाओं के
प्रचार के लिए जोड़ा जाएगा।




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