***मुख्यमंत्री ने पाटन क्षेत्र को दी अनेक सौगातें खारुन नदी में 22 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा तटबंध, 5 करोड़ रुपये की लागत से चुलगाहन, ओदरागहन, खपरी में सौर सामुदायिक सिंचाई योजना की घोषणा पाटन में नदी-नालों के किनारे के गांवों में लिफ्ट इरीगेशन के होंगे काम****
रायपुर, ///// मुख्यमंत्री
श्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के पाटन तहसील के ग्राम रानीतराई में दक्षिण
पाटन के लिए सिंचाई सुविधाओं हेतु एवं कटाव रोकने की महत्वपूर्ण घोषणा की।
उन्होंने कहा कि 22 करोड़ रुपये की लागत से खारुन के बायीं ओर
तटबंध बनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि खारून नदी पर धमतरी की ओर से यह तटबंध बन चुका
है। पाटन से लगे गांवों में कटाव की वजह से यह मांग आ रही थी। अब यह समस्या दूर हो
जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ रुपये की
लागत से खपरी, ओदरागहन, चुलगहन में सौर
सामुदायिक सिंचाई योजना से प्रोजेक्ट बनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि जहां नदी नालों में लिफ्ट इरीगेशन की गुंजाइश है, वहां
परीक्षण कराकर प्रोजेक्ट स्वीकृत किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री श्यामाचरण शुक्ल कहते थे कि किसानों को सिंचाई के
लिए पानी दे दें, वे अपना विकास स्वयं कर लेंगे। हमारी सरकार की
प्राथमिकता है किसानों के लिए अधिकाधिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना। धान की खेती
बढ़ने से इसकी मांग और बढ़ी है। दक्षिण पाटन में तांदुला सिंचाई तंत्र से पानी आता
है, लेकिन टेल एंड तक सिंचाई की गुंजाइश काफी कम हो जाती है। नदी तथा
नालों में सोलर लिफ्ट योजनाएं चलाई जाएंगी। इनकी सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए
तालाबों में जल भरा जाएगा। तालाब नहीं होने पर तालाब खुदवाने की प्रक्रिया की
जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे सिंचाई सुविधा की गुंजाइश काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने
कहा कि भूमिगत जल का स्तर बढ़ाने के लिए नरवा योजना के माध्यम से कार्य किया जा
रहा है। इनके साथ सोलर योजनाएं आरम्भ होने से सिंचाई का रकबा बढ़ाने में बड़ी मदद
मिलेगी।
उन्होंने
कहा कि आज मैंने बाड़ी देखी। केसरा, कौही, बोरेन्दा
में स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने बहुत अच्छा काम किया है। उनकी बाड़ी में कई
प्रकार की सब्जी लग रही थी। उनके चेहरे पर उत्साह था। बाड़ी योजना महिलाओं को
उत्साह भी दे रही है और आर्थिक रूप से मजबूत भी कर रही है।
मुख्यमंत्री
ने इस अवसर पर कहा कि हम ऐसी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं जिससे स्वावलंबी गांव
तैयार हो सकें। आर्थिक स्तर बढ़े। इसमें भागीदारी भी ग्रामीणों की ही है। गौठान के
संचालन की जिम्मेदारी गौठान समिति की है यह ऐसा मॉडल है जिससे खेती और पशुपालन
दोनों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र
में मोबाइल मेडिकल यूनिट आरम्भ हो जाने से ग्रामीण अंचल के लोगों को विशेष रूप से
मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पाटन में इंग्लिश मीडियम स्कूल भी आरम्भ करने का
निर्णय लिया गया है। इस क्षेत्र में 6 स्कूलों के
आरम्भ होने से लोग शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल में भी बच्चों को पढ़ा सकेंगे।




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