कादर खान का पिछले साल 31 दिसंबर को निधन हो गया था। उन्हें साल 2019 में मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उस वक्त कादर खान के बेटे सरफराज निजी कारणों के चलते पिता का ये सम्मान लेने भारत नहीं आ सके थे। हाल ही में उनके पिता का सम्मान कनाडा की राजधानी टोरंटो में उन्हें सौंपा गया। कौंसल जनरल दिनेश भाटिया ने कादर खान का ये अवॉर्ड सरफराज को दिया।
पिता को जीते जी अवॉर्ड नहीं मिलने का है दुख: सरफराज
कादर खान ने अपने करियर में 300 फिल्मों में बतौर एक्टर और 250 में बतौर डायलोग राइटर काम किया। बॉलीवुड में उनका बड़ा योगदान रहा लेकिन भारत सरकार ने उन्हें जीते जी कभी नेशनल अवॉर्ड से नहीं नवाजा। कादर खान के बेटे सरफराज को इसी बात का मलाल है। एक इंटरव्यू में सरफराज ने कहा- मुझे और सभी को बेहद खुशी होती अगर यह सम्मान मेरे पिता खुद अपने हाथों से ले पाते। लेकिन अगर ईश्वर किसी से खुश है तो उसे सम्मानित करने का तरीका खुद-ब-खुद निकल आता है। सरफराज के मुताबिक, सरकार ने उनके पिता को यह सम्मान देने में देर कर दी।
पद्म श्री के लिए 2016 में किए गए थे नामांकित
2016 में पद्म श्री के लिए उन्हें नामांकित किया गया था। इसपर कादर खान ने कहा था- 'अगर सरकार को लगता है कि मैंने अच्छा काम किया है, तो पद्मश्री से मुझे सम्मानित किया जाएगा।' बाद में उन्हें ये अवॉर्ड नहीं दिया गया था इससे वो काफी दुखी हुए थे। अवॉर्ड ना मिलने पर 2016 में इसे पाने वालों पर कटाक्ष करते हुए कादर ने कहा था- 'यह अच्छा है कि उन्होंने मुझे पद्मश्री नहीं दिया। मैंने अपने जीवन में न तो किसी की चापलूसी की है, न ही कभी करूंगा। जिन्होंने ऐसा किया उन्हें ये सम्मान मिला।




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