नई दिल्ली, 11 अक्टूबर //// अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की इकाई कच्छ कॉपर लिमिटेड गुजरात के मुंद्रा स्थित अपनी तांबा शोधन इकाई में 115 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
कंपनी का लक्ष्य इससे उत्सर्जन घटाना, जल संरक्षण करना और संसाधनों का अधिक कुशलता से इस्तेमाल करना है।
कंपनी के मुताबिक, फिलहाल उसकी तांबा गलाने वाली इकाई की उत्पादन क्षमता सालाना पांच लाख टन है। इसे बढ़ाकर 10 लाख टन करने की योजना है। विस्तार पूरा होने पर यह एक ही स्थान पर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तांबा गलाने वाली इकाई बन जाएगी।
कच्छ कॉपर ने अपनी पहली सतत विकास रिपोर्ट में कहा कि वह अपने परिचालन में पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन संबंधी पहलुओं को शामिल करने की योजना बना रही है। ऊर्जा बदलाव, इलेक्ट्रिक वाहनों, बिजली पारेषण और औद्योगिक विस्तार में निवेश के कारण तांबे की मांग बढ़ रही है।
कंपनी ने रिपोर्ट में कहा, ‘‘हमारी सतत विकास रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा 115 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को परिचालन में शामिल करने की योजना है। यह हमारे परिचालन से कार्बन उत्सर्जन घटाने और दीर्घकालिक रूप से उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’




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