राज्यथे। बच्चे भी उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। इसी स्नेह और प्रेम के कारण पंडित नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्री बघेल ने कहा कि बाल दिवस अगली पीढ़ी और राष्ट्र के भविष्य निर्माण के लिए सार्थक पहल का दिन है। यह बच्चों के पोषण, शिक्षा, विकास और चरित्र निर्माण के लिए सोच-विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का दिन है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत पीढ़ी का निर्माण वर्तमान के हाथ होता है। जरूरी है कि हम बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक विकास के साथ नैतिक विकास के बारे में भी सोचें, अपनी संस्कृति और सभ्यता से उनका परिचय कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंडित नेहरू के पदचिन्हों पर चलते हुए कई निर्णय लिये हैं। बच्चों में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। इसे दूर करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरू की शुरूआत की गई है। आंगनबाडि़यों में बच्चों की प्रारंभिक औपचारिक शिक्षा की व्यवस्था भी शुरू की गई है। श्री बघेल ने कहा है कि हम बच्चों को जैसा गढ़ेंगे, भविष्य भी वैसा ही होगा।




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