रायपुर://// कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर ने 'यंग इंडियंस' (Yi) और 'कैंपस ऑन' के सहयोग से तथा वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के तत्वावधान में "प्रबंधकीय छात्रों के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग" पर एक विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया। इसका उद्देश्य छात्रों को व्यवसाय और प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराना था। इस सत्र के माध्यम से कुल 111 छात्रों ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त की।

AI विशेषज्ञ और उद्यमी श्री पार्थ मिरानी के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में छात्रों को ChatGPT, Claude AI और Google Gemini जैसे प्रमुख AI प्लेटफॉर्म्स से परिचित कराया गया। उन्होंने शोध, मार्केटिंग, रणनीति और बिजनेस ऑटोमेशन में इनके व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया। व्याख्यान का मुख्य केंद्र “Think - Prompt - Create - Improve” (सोचें - प्रॉम्प्ट दें - बनाएं - सुधारें) फ्रेमवर्क था, जो मानव रचनात्मकता और महत्वपूर्ण समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ाने में AI के उपयोग पर जोर देता है।
वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. श्रीकृष्ण ढाले ने श्री पार्थ मिरानी का स्वागत किया। कार्यक्रम में युवा चेयर सुश्री प्रियंका दुलहानी, सुश्री इशिका चौधरी एवं सुश्री श्रेया अग्रवाल की उपस्थिति रही। कला एवं मानविकी संकाय के सहायक प्राध्यापक एवं यंग इंडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश वैष्णव, BTCSAIML 5th सेमेस्टर के छात्र श्री अमन दुबे और BCAAIML 5th सेमेस्टर की छात्रा सुश्री शिवांशी भगत द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन BTCSAIML 3rd सेमेस्टर की छात्रा सुश्री डॉली और BSCAIML 3rd सेमेस्टर की छात्रा सुश्री पलक ने किया।

विशेषज्ञ श्री मिरानी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी AI उपयोग केवल प्रश्न पूछने तक सीमित नहीं है। छात्रों ने सीखा कि स्पष्ट भूमिका, संदर्भ, उद्देश्य, सीमाएं और वांछित आउटपुट फॉर्मेट प्रदान करके प्रॉम्प्ट को कैसे संरचित किया जाए। इस सत्र ने प्रतिभागियों को AI द्वारा दिए गए उत्तरों का गंभीर मूल्यांकन करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उन्हें परिष्कृत (refine) करने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र ने छात्रों को जिम्मेदार और प्रभावी AI अपनाने में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया, जो उद्योग-उन्मुख शिक्षा, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार शिक्षण के प्रति कलिंगा विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
कलिंगा विश्वविद्यालय कार्यशालाओं, विशेषज्ञ वार्ताओं और नवाचार चुनौतियों के माध्यम से नेतृत्व, उद्यमशीलता की भावना और राष्ट्र निर्माण के कौशल को विकसित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे सत्रों का आयोजन करता रहता है।
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