दिव्य-दूत

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नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर >>> मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Anil Choubey 15-08-2026 12:03:51


******* विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की होगी महत्वपूर्ण भूमिकाबस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास: मुख्यमंत्री श्री सायकिसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज की समृद्धि के साथ आधुनिक अधोसंरचना और नई अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा, 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए बनाए जाएंगे शौचालय ******

रायपुर 15 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का संदेश - ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष हमें स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की निरंतर प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प का स्मरण किया।

बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्याेदय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।

अन्नदाता की समृद्धि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।

अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की   स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण से परिवार और प्रदेश दोनों हो रहे मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार से नवाचार तक खुल रहे नए द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

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