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राशन के लिए लाइन नहीं, सीधे ग्रेन एटीएम

Anil Choubey 08-08-2026 21:14:23


 डॉ. ओम डहरिया

सहायक जनसंपर्क अधिकारी

रायपुर, 08 अगस्त 2026////// जहां मैं खड़ा होता हूं, लाइन वहीं से शुरू होती है-फिल्म कालिया में अमिताभ बच्चन का यह संवाद तो सभी ने सुना होगा, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में राशन की दुकानों के सामने लगने वाली लंबी कतारों की तस्वीर बदलने जा रही है। ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ की शुरुआत के साथ हितग्राहियों को राशन लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत कम होगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक नए, आधुनिक और सुविधाजनक दौर में प्रवेश करेगी।
सोचिए, राशन लेने के लिए दुकान खुलने का इंतजार नहीं, भीड़ में अपनी बारी आने की चिंता नहीं और न ही लंबे समय तक कतार में खड़े रहने की परेशानी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए हितग्राही अपनी पहचान सुनिश्चित कर खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। यानी तकनीक अब सिर्फ मोबाइल और बैंकिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के राशन तक भी पहुंच रही है।

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम केवल एक मशीन नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलावहै। राशन वितरण में तकनीक के इस्तेमाल से व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और हितग्राही को अपने हिस्से के खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया पर अधिक भरोसा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में राशन वितरण की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। जिस तरह एटीएम ने बैंकिंग व्यवस्था में लाइन से सुविधा का रास्ता बनाया, उसी तरह ग्रेन एटीएम राशन वितरण में सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत का नया अध्याय लिखेगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जनसुविधा केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा तकनीक और नवाचार को पीडीएस से जोड़ते हुए प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ की शुरुआत की गई है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल द्वारा 8 अगस्त 2026 को इन ग्रेन एटीएम का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओड़िसा जैसे चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां तकनीक आधारित ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत राज्य की विशाल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रदेश में लगभग 2.73 करोड़ लोग खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में हैं। वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं। इनमें 73.41 लाख प्राथमिकता वाले परिवारों को निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि 8.50 लाख एपीएल राशनकार्डधारियों को रियायती दर पर चावल प्रदान किया जा रहा है। इतनी बड़ी आबादी तक नियमित और सुगम खाद्यान्न पहुंचाने वाली व्यवस्था में तकनीक का समावेश पीडीएस को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करने तथा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इससे उचित मूल्य दुकानों पर लगने वाली लंबी कतार, भीड़ और समय की बाध्यता कम होगी। कामकाजी लोगों, बुजुर्गों, श्रमिकों और ऐसे हितग्राहियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी, जिन्हें राशन लेने के लिए निर्धारित समय में दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता वन नेशन, वन राशनकार्ड व्यवस्था से इसका जुड़ाव है। छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के पात्र हितग्राही भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से इन ग्रेन एटीएम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों को भी राशन प्राप्त करने में सुविधा होगी। इस तरह ग्रेन एटीएम न केवल राज्य के हितग्राहियों के लिए सुविधा का माध्यम बनेगा, बल्कि पोर्टेबिलिटी आधारित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती देगा।

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से होगी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में चावल वितरित किया जाएगा। इस तकनीकी व्यवस्था से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने के साथ ही वितरण और निगरानी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
राज्य सरकार की यह पहल केवल राशन वितरण की प्रक्रिया को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पीडीएस में जवाबदेही, पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक व्यापक सुधार है। खाद्यान्न वितरण में आधुनिक तकनीक के उपयोग से हितग्राही को उसके अधिकार का खाद्यान्न सम्मानजनक और सुविधाजनक तरीके से प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। वहीं, वितरण प्रक्रिया की बेहतर निगरानी से व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास को और मजबूती मिलेगी

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