दिव्य-दूत

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पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन ही विकसित छत्तीसगढ़ का आधार है >> मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Anil Choubey 12-07-2026 20:23:58


*****  डिजिटल सुशासन से छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था ही सुशासन की वास्तविक पहचान है प्रशासनिक सुधारों से बदल रहा छत्तीसगढ़: प्रशासनिक सुधारों से शासन हुआ अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सुशासन के मॉडल के रूप में उभर रहा छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट भूमि सुधार एवं एग्रीस्टैक के लिए केंद्र सरकार ने दिए ₹598 करोड़ *****

रायपुर 12 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में एक नए परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में शासन की पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसमें नागरिक सुविधाओं का केंद्र हो, प्रक्रियाएं सरल हों, निर्णय समयबद्ध हों और शासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा तकनीक-सक्षम बने। सरकार द्वारा अब तक लागू किए गए 435 प्रशासनिक सुधार केवल कार्यालयीन प्रक्रियाओं के सरलीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने शासन की कार्य संस्कृति में व्यापक बदलाव लाते हुए आम नागरिक, किसान, उद्यमी, निवेशक और युवाओं तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को अधिक सहज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ डिजिटल गवर्नेंस, सेवा वितरण और प्रशासनिक नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में तेजी से अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन को केवल नीति का विषय नहीं, बल्कि शासन की मूल कार्यशैली बनाया है। भूमि प्रबंधन से लेकर राजस्व प्रशासन, शिकायत निवारण से लेकर ऑनलाइन नागरिक सेवाओं तक, औद्योगिक निवेश से लेकर पंजीयन व्यवस्था तक और डिजिटल कृषि से लेकर ई-गवर्नेंस तक अनेक क्षेत्रों में व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों का समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बचत करना, सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना तथा तकनीक के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करना है। यही सोच आज विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत आधारशिला बन रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य ऐसा प्रशासन विकसित करना है, जिसमें नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों और शासन की प्रत्येक प्रक्रिया पारदर्शी एवं जवाबदेह बने। डिजिटल तकनीक का उपयोग केवल सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। प्रशासनिक सुधारों की पूरी प्रक्रिया इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है कि शासन नागरिकों के और अधिक निकट पहुंचे तथा प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक और बिना किसी अनावश्यक बाधा के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों का दायरा केवल ई-गवर्नेंस तक सीमित नहीं है। शिकायत निवारण, भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन, निवेश, पंजीयन, डिजिटल कृषि, ऑनलाइन सेवाएं, औद्योगिक अनुमतियां तथा सेवा वितरण के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। इन सुधारों का सकारात्मक प्रभाव आम नागरिकों से लेकर किसानों, उद्यमियों, उद्योगों और निवेशकों तक सभी वर्गों को मिल रहा है। इससे शासन की कार्यक्षमता बढ़ी है, निर्णय प्रक्रिया तेज हुई है तथा सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सुशासन सबसे महत्वपूर्ण आधार है। जब प्रशासन सरल, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम होगा, तभी विकास की गति भी तेज होगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवाओं, एकीकृत नागरिक सेवा व्यवस्था और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान रूप से पहुंचे और नागरिकों का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी ताकत बने।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक सुधारों की यह सतत प्रक्रिया छत्तीसगढ़ को देश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगी। पारदर्शिता, तकनीक और संवेदनशील प्रशासन के प्रभावी समन्वय से प्रदेश में विकास को नई गति मिलेगी, निवेश का बेहतर वातावरण …

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