मैं किसान का बेटा हूं और बचपन से ही सहकारिता से मेरा गहरा रिश्ता रहा है। तभी से मुझे विश्वास था कि सहकारिता के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं।सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित
***** 162 करोड़ से अधिक की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ, 1352 नई सहकारी समितियों के गठन से गांवों तक पहुंचा सहकार का विस्तारपशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मिल रहा है बढ़ावाकिसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है सहकारिताउत्कृष्ट सहकारी समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से किया गया सम्मानित, महिला स्व सहायता समूह को वितरित किया गया लाभांश *****

रायपुर, 03 जुलाई 2026///// प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह निर्णय 'सहकार से समृद्धि' के संकल्प को साकार करने वाला है। डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार प्रदान किया तथा संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं और बचपन से ही सहकारिता से मेरा गहरा रिश्ता रहा है। तभी से मुझे विश्वास था कि सहकारिता के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सहकार से समृद्धि' का वही सपना धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में उन्हें राज्यमंत्री के रूप में साथ काम करने का अवसर मिला और उन्होंने किसानों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता तथा समर्पण को बहुत करीब से देखा है। किसानों के कल्याण के प्रति इसी प्रतिबद्धता के कारण प्रधानमंत्री ने कृषि मंत्रालय का दायरा बढ़ाते हुए उसका नाम 'कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय' किया, ताकि किसानों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता बने। सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और इसका लाभ सीधे किसानों एवं ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार केवल कृषि ही नहीं बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई देने लगे हैं। राज्य सरकार पशुपालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहले किसानों को खेती-किसानी के लिए 16 से 18 प्रतिशत दर पर ऋण लेना पड़ता था और भारी-भरकम ब्याज का बोझ उन्हें आर्थिक रूप से परेशान कर देता था। आज सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसानों को खेती के लिए सुलभ वित्तीय सहायता मिल रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिस प्रकार दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, उसी प्रकार सहकारिता के माध्यम से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सहकारी सप्ताह के …




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