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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार सतर्क

Anil Choubey 03-06-2026 20:38:02


****** प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी वैश्विक परिस्थितियों के बीच खाद उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर काम नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किसानों को किया जा रहा जागरूक  *****

रायपुर, 2 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को समय पर खाद एवं कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड तथा जिला प्रशासन के समन्वय से पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

राज्य सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए अग्रिम तैयारी की है। उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण, समयबद्ध परिवहन और किसानों तक सुगम वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों, कृषि अधिकारियों, सहकारिता विभाग तथा मार्कफेड को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। वर्तमान में राज्य में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक खाद का स्टॉक गोदामों और सोसायटियों में उपलब्ध है। जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को इस खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य  आबंटित हुआ हजिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश के गोदामों एवं समितियों में लगभग 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव ने बताया कि किसानों को पर्याप्त खाद्य मिले इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जून 2026 अंतर्गत 1 जून 2026 की स्थिति में रेक प्वाइंट तिल्दा, जिला रायपुर में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, रेक प्वाइंट बेलसोंडा महासमुंद 1316 मीट्रिक टन यूरिया इसी प्रकार रेक प्वाइंट खरसिया, जिला रायगढ़ 2646 मीट्रिक टन यूरिया और रेक प्वाइंट जिला बालोद में 1319 मीट्रिक टन यूरिया, इस तरह कुल 6600 मीट्रिक टन यूरिया की खेप आने वाली हैं। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में वर्तमान में 17,818 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी प्रकार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की मुकुरमुडा समिति में खरीफ सीजन के लिए 362 मीट्रिक टन उर्वरकों का अग्रिम भंडारण किया गया है। किसानों को गांवों के निकट ही खाद उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त गोदामों की व्यवस्था भी की गई है। वहीं मुंगेली जिले में यूरिया वितरण के दौरान तकनीकी प्रक्रिया के कारण उत्पन्न हुई अस्थायी स्थिति का तत्काल समाधान कर प्रशासन एवं कृषि विभाग की निगरानी में किसानों को व्यवस्थित रूप से खाद उपलब्ध कराया गया। बस्तर जिले में खरीफ 2026 हेतु उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कुल लक्ष्य 46,050 मीट्रिक टन निर्धारित है, जिसके विरुद्ध वर्तमान में सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के पास 18,341 मीट्रिक टन तथा मार्कफेड एवं थोक विक्रेताओं के पास 11,378 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में कुल 29,719 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 64 प्रतिशत है।

रायपुर जिले में यूरिया की समितियों में वर्तमान उपलब्धता 9,102 मीट्रिक टन है, जबकि संग्रहण केंद्रों से कुल 10,732 मीट्रिक टन यूरिया भंडारित किया गया है। इसी प्रकार डी.ए.पी. की समितियों में वर्तमान उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन है, जबकि कुल भंडारित मात्रा 3,927 मीट्रिक टन है।  किसानों की सुविधा और सुचारू वितरण व्यवस्था के लिए भूमि की उपलब्धता के आधार पर यूरिया के वितरण की किश्तें भी निर्धारित की गई हैं। इसके तहत ढाई एकड़ तक की भूमि वाले सीमांत कृषकों को निर्धारित यूरिया की मात्रा एकमुश्त प्रदाय की जाएगी। ढाई एकड़ से पांच एकड़ तक की भूमि वाले लघु कृषकों को उर्वरक का उठाव दो किश्तों में करने की सुविधा होगी, जबकि पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े कृषकों को यूरिया का प्रदाय तीन किश्तों में सुगमतापूर्वक सुनिश्चित किया जाएगा।

 

राजनांदगांव जिले में खरीफ वर्ष 2026 हेतु 68690 मेट्रीक टन का लक्ष्य रखा गया है, जिले में अद्यतन सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 42997 मेट्रीक टन खाद उपलब्ध है, जिसमें 17559 मेट्रिक टन यूरिया, 4271 मेट्रिक टन डीएपी, 10578 मेट्रिक टन एनपीके, 3471 मेट्रिक टन एमओपी एवं 7119 मेट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद उपलब्ध हैं, जो गतवर्ष इसी अवधि की तुलना से 43ः अधिक हैं। सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है, जिले में 10874 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं, जिसमें 7193 मेट्रिक टन यूरिया, 1807 मेट्रिक टन डीएपी, 4669 मेट्रिक टन एनपीके, 1322 मेट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मेट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा जिले में उर्वरकों की कमी नहीं हैं।

कोरिया जिले में सभी उर्वरकों को मिलाकर कुल 12,150 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 6,196 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। लक्ष्य की तुलना में लगभग 5,530 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण शेष है। उन्होंने बताया कि जिले की सभी समितियों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। खरीफ 2026 के लिए बिलासपुरं जले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिला कोरबा में 1 अप्रैल से 31 मई 2026 तक कुल 2101.85 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में सर्वाधिक 1165.85 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया। इसके अलावा 310.85 मीट्रिक टन डीएपी, 67.75 मीट्रिक टन एमओपी, 437.70 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 119.70 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों को उपलब्ध कराया गया। अप्रैल माह में कुल 191.51 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया, जबकि मई माह में वितरण बढ़कर 1910.34 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।

धमतरी जिले में वर्तमान स्थिति के अनुसार कुल 19,358 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है, जिसमें से 4,318 मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है। वितरण उपरांत विभिन्न उर्वरकों का कुल 15,040 मीट्रिक टन भण्डार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उपलब्ध भण्डारण में यूरिया 8,017 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 3,005 मीट्रिक टन, पोटाश 1,084 मीट्रिक टन, डीएपी 2,169 मीट्रिक टन तथा एनपीके 5,083 मीट्रिक टन शामिल है। वर्तमान तक यूरिया 1,902 मीट्रिक टन, एसएसपी 588 मीट्रिक टन, पोटाश 216 मीट्रिक टन, डीएपी 572 मीट्रिक टन एवं एनपीके 1,040 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है।

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