दिव्य-दूत

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राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं >> अमित शाह

Anil Choubey 19-05-2026 19:39:13


****** केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की केन्द्रीय गृह मंत्री ने सम्पूर्ण देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है, और बैठक से पूर्व ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास पहुँचाने का कार्य भी कियाजब तक नक्सलमुक्त क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी यह लड़ाई समाप्त नहीं होगी

यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि विवादमुक्त भी हुआ है, मध्य क्षेत्र के राज्यों का आपस में एवं केंद्र के साथ कोई विवाद शेष नहीं, यह बहुत बड़ी उपलब्धि हैमोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें संवाद से समाधान का सशक्त मंच बनी हैं, इनमें निरंतरता आई है और इन्हें परिणामदायी बनाया गया है2004-14 की तुलना में क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग तिगुनी वृद्धि हुई है, और चर्चित मुद्दों में भी 200% से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई हैकेन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से कुपोषण के विरुद्ध भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान कियास्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी, स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार, मिलावटखोरी पर रोक तथा POCSO एवं बलात्कार के मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि दर सुनिश्चित की जाएअदालतों में पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिएचारों राज्य केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप 1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करेंजिस प्रकार हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है, उसी प्रकार 3 वर्ष में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम देने का लक्ष्य 2029 से पूर्व पूरा करना है *****

रायपुर 19 मई 2026////केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।

श्री अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया और जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी ने नेतृत्व भी प्रदान किया और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।

श्री अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की मॉनिटरिंग से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं। उत्तर के हिमालय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भूभाग से लेकर मध्य भारत के पठारी, वन समृद्ध और खनिज समृद्ध क्षेत्र इस क्षेत्र में आते हैं, जो निश्चित रूप से देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र हमें देश के अनाज के भंडारों को भरने में बड़ी मदद करता है। इस क्षेत्र के समृद्ध खनिज भंडार से देश के विकास को गति मिलती है और इसी क्षेत्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने देश को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसी क्षेत्र में देश के आस्था के सभी केंद्र करीब-करीब एक ही जगह पर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और इस दृष्टि से पूरे मध्य क्षेत्र का बहुत महत्व है। गृह मंत्री ने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त हुआ है, जो हम सबके लिए बहुत हर्ष का विषय है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है - हमने इसे निर्णायक, निरंतर और परिणामदायी बनाया है। 2004 से 2014 के 10 वर्षों में क्षेत्रीय परिषद की मात्र 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गई हैं। पहले 10 वर्षों में स्टैंडिंग कमेटी की 14 बैठकें हुई थीं, जो इस अवधि में ढाई गुना बढ़कर 35 हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में मात्र 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि 2014 से 2026 में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई है, और उनमें से लगभग 80% मुद्दों का सफल निराकरण भी कर लिया गया है। लंबित मुद्दों में से अधिकांश मॉनिटरिंग से संबंधित हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।

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