जंगलबेड़ा सोलर प्लांट को जमीन आबंटन मामले में विधायक चातुरी नंद के सवालों में घिरे उद्योग मंत्री...मंत्री के जवाब से असंतुष्ट नजर आई विधायक
****** औद्योगिक क्षेत्र की जमीन निजी कंपनी को देने पर विधायक ने जताई आपत्ति, कलेक्टर के आदेश के अनदेखी कर सीएसआईडीसी के अधिकारियों द्वारा जमीन आबंटन में गड़बड़ी का लगाया आरोप ******
सरायपाली 18/03/2026/// विधानसभा के बजट सत्र में लगातार दूसरे दिन सरायपाली क्षेत्र के ग्राम जंगलबेड़ा में स्थापित सोलर प्लांट मामले में फिर जमकर हंगामा हुआ। विधायक चातुरी नंद ने एक बार फिर जंगलबेड़ा में गोदावरी इस्पात एवं पावर लिमिटेड को गलत तरीके से नियम विरुद्ध जमीन आबंटित करने का आरोप लगाते हुए उद्योग मंत्री से तीखे सवाल किए।
विधायक चातुरी नंद के तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि राज्य में सोलर प्लांट स्थापना हेतु ऊर्जा विभाग द्वारा सौर ऊर्जा नीति 2017-30 लागू की गई है, उक्त सौर ऊर्जा नीति के तहत् प्रभावशील अवधि में स्थापित होने वाले सौर विद्युत उत्पादन संयंत्रों को औद्योगिक नीति में निहित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्राप्त हो सकेंगे। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत सोलर संयंत्रों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। रायपुर संभाग में विभिन्न क्षमता के 14 सोलर संयंत्र स्थापित किये जा रहे हैं। सीएसआईडीसी से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त स्थापनाधीन सोलर संयंत्रों में से एक इकाई मेसर्स गोदावरी पावर एवं इस्पात लिमिटेड को ग्राम-जंगलबेडा, तहसील- सरायपाली, जिला-महासमुंद में 102.93 हेक्टेयर शासकीय भूमि राशि 4,82,300 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 99 वर्ष की लीज पर प्रदान की गई है। किसी भी सोलर संयंत्र हेतु निजी भूमि अधिग्रहित नहीं की गई है। सोलर संयंत्रों की स्थापना हेतु किसानों से निजी भूमि लीज में शासन द्वारा लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सरायपाली, जिला-महासमुंद से प्राप्त जानकारी अनुसार सोलर संयंत्र मेसर्स गोदावरी पावर एवं इस्पात लिमिटेड, ग्राम-जंगलबेड़ा, तहसील- सरायपाली, जिला-महासमुंद की स्थापना के सम्बन्ध में अनियमितता की 03 शिकायतें वर्ष 2025 में प्राप्त हुई हैं।
विधायक चातुरी ने सदन में पूरक प्रश्न पूछते हुए मंत्री से पूछा कि लगभग 257 एकड़ जमीन आबंटित की गई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर महासमुंद द्वारा यह भूमि “नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना” के लिए उद्योग विभाग को हस्तांतरित की गई थी, लेकिन इसे सीधे एक निजी कंपनी—मेसर्स गोदावरी पावर एवं इस्पात लिमिटेड—को लीज पर दे दिया गया, जो नियमों के विपरीत है।
विधायक ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कलेक्टर के आदेश की शर्तों में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि भूमि का उपयोग “नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना” के अलावा अन्य प्रयोजन में किया जाता है तो आबंटन स्वतः निरस्त हो जाएगा। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर जमीन लीज पर दी गई, जो गंभीर अनियमितता है।सीएसआईडीसी के अधिकारियों ने नियम विरुद्ध जमीन आबंटन किया है। विधायक चातुरी नंद ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग उठाई।
विधायक चातुरी नंद के सवाल के जवाब में मंत्री ने नियमानुसार जमीन आबंटित करने की बात कही जिस पर विधायक चातुरी नंद और विपक्ष के विधायक असंतुष्ट नजर आए और जमकर हंगामा किया।
विधायक ने आरोप लगाया कि सोलर प्लांट की स्थापना के दौरान नाले को पाट दिया गया, सार्वजनिक रास्ते को बंद कर दिया गया तथा पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। यह न केवल पर्यावरणीय नियमों बल्कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी उल्लंघन है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
विधायक चातुरी नंद ने पूरे मामले की विधानसभा की समिति से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध जमीन आबंटन और प्लांट स्थापना में हुई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने सभापति से अनुरोध किया कि वे मंत्री को इस मामले में विधानसभा समिति से जांच की घोषणा करने के लिए निर्देशित करें, ताकि पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित हो सके।




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