दिव्य-दूत

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यूनेस्को के वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 के लिए अदाणी को बनाया ऑफिशियल पार्टनर

Anil Choubey 05-03-2026 21:07:00


अहमदाबाद 05/03/2026// भारत के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट, यूटिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर, अदाणी ग्रुप को वर्ष 2026 के वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के आधिकारिक पार्टनर के रूप में नामित किया गया है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है, जिसे यूनेस्को द्वारा घोषित किया गया है और वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित किया जाता है।

यह सम्मान स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज़ करने में अदाणी ग्रुप की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है। साथ ही बड़े स्तर पर स्वच्छ, भरोसेमंद और किफायती बिजली उपलब्ध कराने की इसकी क्षमता को भी मान्यता देता है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 7 में भी योगदान है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, अदाणी ग्रीन एनर्जी सागर अदाणी, ने कहा, "हम यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि स्वच्छ ऊर्जा बड़े पैमाने पर भी हो सकती है और किफायती भी, मजबूत भी और सबको साथ लेकर चलने वाली भी। यह दुनिया के लिए भारत का मॉडल है, जहाँ विकास और सस्टेनेबिलिटी साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। हमारा खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट भारत की क्लाइमेट एक्शन का प्रतीक है। यह अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज की संयुक्त ताकत को दर्शाता है, जो एकीकृत रिन्यूएबल भविष्य की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।"

वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 की थीम है- "इनोवेशन और डिजिटलीकरण के माध्यम से सतत भविष्य के लिए स्मार्ट इंजीनियरिंग"। अदाणी ग्रुप का रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े स्तर के ट्रांसपोर्ट और यूटिलिटी सिस्टम में किया गया काम इसको प्रतिबिंबित करता है। यह दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी आधारित इंजीनियरिंग वास्तविक परिस्थितियों में सतत विकास को कैसे आगे बढ़ा सकती है।

इस सहयोग के केंद्र में गुजरात का खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। वर्ष 2029 तक इसकी नियोजित क्षमता 30 गीगावॉट होगी। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशंस ने इसे वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 कार्यक्रम के तहत भारत के हरित परिवर्तन का एक प्रमुख उदाहरण बताया है और इस पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की है, जिसमें इसके पैमाने, महत्वाकांक्षा और प्रभाव को रेखांकित किया गया है।

खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) गुजरात (भारत) के कच्छ स्थित खावड़ा में बंजर और निर्जन भूमि पर दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र विकसित कर रही है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैला यह प्रोजेक्ट पेरिस शहर से लगभग पाँच गुना बड़ा और लगभग मुंबई शहर के बराबर है। पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद यह सभी ऊर्जा स्रोतों में विश्व का सबसे बड़ा विद्युत संयंत्र होगा। एजीईएल अब तक खावड़ा में 7 गीगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता चालू कर चुकी है और वर्ष 2029 तक पूरी 30 गीगावॉट क्षमता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है। यह तेज़ प्रगति वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के लक्ष्य के प्रति एजीईएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा। इसमें भारत का सबसे बड़ा 5.2 मेगावॉट क्षमता वाला ऑनशोर पवन टरबाइन जनरेटर, बाइफेशियल सोलर पीवी मॉड्यूल (जो दोनों ओर से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं) और हॉरिजोंटल सिंगल-एक्सिस ट्रैकर सिस्टम (जो अधिक ऊर्जा संग्रह के लिए सूर्य की दिशा का अनुसरण करते हैं) लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, संयंत्र के संचालन और निगरानी के लिए अदाणी के आधुनिक एनर्जी नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर (ईएनओसी) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक का समावेश है, ताकि रियल-टाइम स्वचालित संचालन सुनिश्चित किया जा सके। कच्छ जैसे शुष्क क्षेत्र में जल की कमी को ध्यान में रखते हुए सोलर मॉड्यूल पर धूल जमाव से निपटने के लिए बिना पानी के सफाई करने वाले रोबोट भी तैनात किए गए हैं।

खावड़ा 30 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र का अनुमानित वार्षिक योगदान:

* 15,200 से अधिक हरित रोजगार सृजित होंगे

* सोलर मॉड्यूल की बिना पानी वाली रोबोटिक सफाई प्रणाली से 1,716 मिलियन लीटर पानी की बचत

* 63.6 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी

* यह उत्सर्जन कमी इसके बराबर है:

o 3,000 मिलियन पेड़ों द्वारा कार्बन अवशोषण

o 13.8 मिलियन कारों को सड़कों से हटाने के समान प्रभाव

* लगभग 87.4 अरब यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन, जो बेल्जियम, चिली और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों की पूरी ऊर्जा जरूरत के बराबर है

* 17.4 मिलियन घरों को बिजली आपूर्ति, जो पोलैंड, कनाडा या स्पेन के लगभग कुल घरों के बराबर है

सतत विकास पर विशेष ध्यान:

स्वच्छ, किफायती और सुलभ बिजली उत्पादन के साथ-साथ अदाणी आसपास के कई गाँवों में सामुदायिक विकास कार्यों में भी सक्रिय है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और सामुदायिक अवसंरचना को मजबूत करना इसके ईएसजी प्रयासों का हिस्सा है। यह क्षेत्र में सामाजिक और प्राकृतिक संसाधनों को सुदृढ़ करने के प्रति अदाणी की समग्र प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत सतत ऊर्जा के भविष्य पर वैश्विक विमर्श को नई दिशा दे रहा है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अदाणी पोर्टफोलियो की उसकी विशेष साझेदार इकाइयाँ वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने और पर्यावरण की सुरक्षा व संवर्धन की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

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