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बालको की ‘कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम’ मेधावी युवाओं के सपने को कर रहा साकार

Anil Choubey 12-02-2026 22:04:49


बालकोनगर, 12 फरवरी, 2025 ///  वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड  (बालको) के सामुदायिक विकास का उद्देश्य केवल शिक्षा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ बालको सामुदायिक विकास द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ के माध्यम से कबीरधाम जिले के दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के युवाओं को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन एवं अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

इस पहल के अंतर्गत चयनित सभी 20 अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन मिल है। लाभान्वित अभ्यर्थी विभिन्न गांव और साधारण परिवार से आते हैं। किसी के माता-पिता खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं, तो किसी के पास पढ़ाई के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कई विद्यार्थियों ने प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय कर बालको संचालित कोचिंग सेंटर में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारे जारी रखी। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की नई दिशा दी। आर्थिक सीमाएं, दूर-दराज से रोज़ाना यात्रा और संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती थीं, लेकिन आगे बढ़ने का जज़्बा सभी में समान था।

किसान परिवार से आने वाली अनुपा के लिए सीमित संसाधनों के कारण प्रतियोगी परीक्षाएं कभी एक दूर का सपना हुआ करती थीं। यह सपना तब साकार होने लगा, जब उन्हें बालको कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा संचालित भोरमदेव विद्यापीठ कोचिंग कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिला। कवर्धा जिले के छोटे से गांव मंझोली से निकलकर अनुपा ने अपने समाज की पहली बेटी बनकर सरकारी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने एसएससी-जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयन पाकर एक नई मिसाल कायम की है।

अनुपा कहती हैं कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से सरकारी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध न हों। बालको के कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ कार्यक्रम ने मुझे एक व्यवस्थित वातावरण, निरंतर मेंटरशिप और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आत्मविश्वास दिया। मैं बालको की बेहद आभारी हूं कि उन्होंने यह केंद्र शुरू किया और मुझ जैसी छात्राओं पर भरोसा किया। इस अवसर ने मेरी ज़िंदगी बदल दी है और मुझे उम्मीद है कि मेरे जैसे गांवों की और भी बेटियां बड़े सपने देखने का साहस करेंगी।

चयनित युवाओं ने अपनी सफलता का श्रेय बालको सामुदायिक विकास तथा भोरमदेव विद्यापीठ के शिक्षकों और प्रबंधन को देते हुए आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने नौकरी के साथ-साथ भविष्य में उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखने का संकल्प भी लिया है।

इन सभी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब बालको की सामुदायिक विकास पहल समुदाय की वास्तविक आकांक्षाओं को समझकर काम करती हैं, तो वे केवल सफलता का रास्ता नहीं खोलतीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बेटियों के लिए नई संभावनाओं की परिभाषा ही बदल देती हैं। सही मार्गदर्शन, संसाधन और विश्वास मिल जाए, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। बालको सामुदायिक विकास भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर प्रदान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

 

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