मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के पीपरछेड़ी तथा इंदागांव को उप तहसील और मैनपुर को राजस्व अनुविभाग बनाने की घोषणा की
मुख्यमंत्री
श्री भूपेश बघेल गरियाबंद जिलेवासियों को 134 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की दी सौगात विशेष पिछड़ी जनजाति को मिलेगा सीधी
भर्ती का लाभ ,,प्राथमिक वनोपज, सहकारी
समिति केन्द्रों में खुलेंगे प्रसंस्करण केन्द्र ,,गरियाबंद में
100 बिस्तर अस्पताल और राजिम में कृषि महाविद्यालय खुलेंगे
मुख्यमंत्री श्री बघेल
ने गरियाबंद में आयोजित वन अधिकार, आजीविका एवं अभिनंदन समारोह
के विशाल जनसभा को छत्तीसगढ़ी में सम्बोधित करते हुए कहा कि गरियाबंद जिला धार्मिक,
सांस्कृति और प्राकृतिक रूप से सम्पन्न है। यहां विकास की असीम सम्भावनाएं
है। श्री बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी के सन् 1985 में कुल्हाड़ीघाट
प्रवास को याद करते हुए कहा कि श्री राजीव गांधी कुल्हाड़ीघाट जैसे आदिवासी और वनाचंल
क्षेत्र में आकर कंदमूल खाये थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी और समाज के पिछड़े
तबके के लोगों के हित में कार्य करती रही है। श्री बघेल ने राज्यवासियों को कुल 82
प्रतिशत देने के फैसले पर कहा कि संविधान और मंडल आयोग के सिफारिश के आधार पर ही हमने
राज्य की जनता के हित के लिए ईमानदारी से लागू किया है। जनसंख्या के आधार पर अब सभी
वर्गो को आरक्षण का लाभ मिलेगा। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति
पुरखों का सपना और स्वाभिमान के लिए कृत संकल्पित है। कुंभ मेला को हमने राजिम पुन्नी
मेला का नाम दिया। राज्य के संस्कृति को सहेजते हुए हरेली, विश्व
आदिवासी दिवस, कर्मा जयंती और तीजा पर्व पर भी सार्वजनिक अवकाश
दिये। श्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के आदिवासियों के लिए वन अधिकार पत्र
को और सुगत तरीके से निराकरण कर रही है। जिले में लगभग 22 हजार वन अधिकार पत्र वितरित
किये। श्री बघेल ने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ है। हम इसे नई पहचान देकर
और समृद्ध करेंगे।
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री
तथा गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि गरियाबंद जिले
में पर्यटन के विकास के लिए कार्य किया जायेगा। लघु वन प्रसंस्करण केन्द्र खोले जायेंगे।
श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ई-टेंडर प्रक्रिया को खत्म करके युवाओं को एक नया
अवसर प्रदान किया है। अब युवा 50 लाख रूपए तक के कार्य मैन्युअल टेंडर के माध्यम से
कर सकेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के कार्य प्रणाली में भी जनता की सहूलियत
के अनुसार आमूल-चूल बदलाव किया जा रहा है। यातायात संबंधी नियम को शिथिल किया गया है
और जुआ-सट्टा जैसे आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्राथमिक रूप से थानेदार को
जिम्मेदार बनाया गया है। जेल में बंद निरापराध आदिवासियों के रिहाई पर भी सरकार संवेदनशील
तरीके से पहल कर रही है। उन्होंने देवभोग क्षेत्र के दूषित पेयजल वाले 68 स्कूलों में
रिमूअल प्लॉट लगाने की जानकारी भी दी।




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