नई
दिल्ली /// राष्ट्र की महत्वाकांक्षी योजना मिशन chandrayaan-2 कल भारतीय समय अनुसार रात 1:00 बजे
चंद्रमा के दक्षिणी पोल पर लैंड करेगा chandrayaan-2 मिशन अभी तक की
सबसे महत्वपूर्ण योजना है दुनिया का
यह पहला रोबोट पहली बारिश दक्षिण पोल पर उतरेगा संभावनाएं जताई
जा रही हैं की चंद्रमा में इस क्षेत्र में शायद पानी मिल सकता है पानी मिल गया तो जीवन
संभव है chandrayaan-2 लेंडर विक्रम की चंद्रमा की सतह पर
लैंडिंग को देखने के लिए नरेंद्र मोदी इसरो के लांचिंग कक्ष में देश के 200 बच्चों
के साथ लाइव लैंडिंग देखेंगे यह भी संभव है
दुनिया का हर खगोल वैज्ञानिक इस लैंडिंग को
देखेगा और सुनिश्चित करेगा कि चंद्रमा पर अगला
मिशन क्या होगा
भारतीय समय अनुसार शनिवार की रात 1:00 बजे के आसपास विक्रम लैंड रोवर चंद्रमा की धरती को छू लेगा इसके बाद 27 किलो वजनी 6 पहियों वाला रोबोटिक वाहन जो कृतम् बुद्धिमत्ता
से लैस है उसका नाम प्रज्ञान है जिसका मतलब बुद्धिमत्ता से है यह लैंडिंग स्थल से
500 मीटर तक की दूरी तय कर सकता है और अपने
प्रचलन के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा रोबोटिक वाहन बाहर निकलने के बाद एक चंद्र
दिवसीय मतलब पृथ्वी के 14 दिन की अवधि तक वैज्ञानिक कार्यों
को अंजाम देगा
प्रज्ञान द्वारा जो जानकारी इसरो को दी जाएगी वह पूरे विश्व के खगोल वैज्ञानिकों
के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगी इस जानकारी
के आधार पर चंद्रमा पर जीवन की खोज को लेकर नई दिशा निर्धारित हो सकती है अभी तक चंद्रमा
से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारियों में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस क्षेत्र में कुछ
जीवन के पॉजिटिव संकेत पहले ही मिल चुके हैं
चंद्रमा की धरती पर रोबोट भेजने वाला दुनिया का चौथा
देश भारत बनने वाला है जिसको लेकर खगोल वैज्ञानिकों की अति
महत्वपूर्ण योजना को शोध करने
मैं बल मिलेगा और चंद्रमा पर मनुष्य की विजय का इतिहास भी लिखा जा सकेगा




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