पेंड्रा
/// अजीत जोगी की जाति के मामले को लेकर समीरा पैकरा ने आज एक और एफ आई आर अजीत जोगी के नाम पर
पेंड्रा गौरेला थाने में दर्ज करा दी है उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा
अजीत जोगी को आदिवासी नहीं होने के निर्णय के बाद जोगी परिवार पर लगातार जाति को
लेकर 420, 467, 670, आईपीसी धारा ओं के तहत मुकदमे दर्ज हो गए हैं कमोबेश इन्हीं
धाराओं के अंतर्गत अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी पुलिस की न्यायिक हिरासत में जेल
में हैं वही हाई कोर्ट बिलासपुर ने अजीत
जोगी की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए सिर्फ यह कहा है की विधायकी के मामले
में 25 तारीख को
सुनवाई की जाएगी
जाति मामले में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ गाैरेला
(बिलासपुर) पुलिस ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। उनके खिलाफ यह कार्यवाही भाजपा
नेत्री समीरा पैकरा()की शिकायत पर की गई है। इससे पहले इसी नेत्री की शिकायत पर जोगी के पुत्र
अमित जोगी के खिलाफ पुलिस ने जन्म प्रमाणपत्र मामले में अपराध कायम करवाया था। इस
मामले में अमित जेल में हैं। माना जा रहा है कि इन मामलों के साथ ही जोगी परिवार
लगातर संकट में घिरता जा रहा है।
अजीत जोगी के मामला 2000 का है जब उन्होंने आरक्षित सीट
मरवाही से अपना नामांकन दाखिल कर चुनाव लड़ा था उस वक्त जोगी मुख्यमंत्री थे तब प्रतिद्वंदी
नंदकुमार साय ने जोगी की जाति को फर्जी बताते हुए न्यायालय में हो थाने में एफ आई
आर कराई थी उस वक्त जोगी मुख्यमंत्री थे मामले ने इतना तूल नहीं पकड़ा लेकिन जोगी की जाति के मामले में
बीजेपी के नंद कुमार साह संत कुमार नेताम समीर पैकरा बृजमोहन अग्रवाल अजय चंद्राकर
सभी ने मिलकर अलग-अलग फोरम में इस मामले को चुनौती दी थी मामले चलते रहे जोगी
कांग्रेस में थे 2003 के आम चुनाव में जोगी सत्ता से बाहर हो गए बीजेपी का शासन आ गया जोगी की
जाति के मामले पर बीच-बीच में निर्णय आते रहे जोगी उन्हें विभिन्न अदालतों में
चैलेंज करते रहे और तथाकथित आदेशों के चलते जोगी 2019 तक कथित आदिवासी के रूप में
स्थापित है 2019 में उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने उन्हें आदिवासी मानने से इनकार कर दिया
यहीं से जोगी के पूरे परिवार पर संकट के बादल घर आ गए
बिलासपुर कलेक्टर ने उच्च स्तरीय जांच समिति के निर्णय के बाद बिलासपुर सिविल लाइंस थाने मैं जोगी के
खिलाफ 420 अंतर्गत एफ आई आर दर्ज करा देंगे उस एफ आई आर का विरोध करने के चक्कर में अमित
जोगी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने अपने उन दस्तावेजों का हवाला देते हुए पुलिस को
और राज्य शासन को चुनौती दे डाली कि मुझे गिरफ्तार करके बताओ तो जानू आवेश में
दिया गया यह बयान पुलिस प्रशासन और राज्य शासन के लिए चुनौतीपूर्ण था यह घटना पर
प्रतिक्रिया आ ही रही थी कि समीरा पैकरा ने एसपी कार्यालय में जाकर धरना प्रदर्शन
की धमकी दे डाली कि सारे सबूत 2013 में ही मैया करा दिए गए थे लेकिन अभी भी अमित जोगी की
गिरफ्तारी नहीं हुई है और गिरफ्तारी अगर नहीं होती तो वह एसपी कार्यालय के सामने
धरना देंगे मामले को संगीन होते देख एसपी बिलासपुर में पेंड्रा गौरेला थाने और बिलासपुर थाने
के अधिकारियों को निर्देश दिया प्रक्रिया का पालन किया जाए दूसरे दिन पुलिस ने अमित जोगी को
सगुना बंगला बिलासपुर से गिरफ्तार कर पेंड्रा थाने ले आई जहां उनकी जमानत अर्जी
खारिज हुई और पुलिस ने उन्हें 14 दिन के रिमांड पर जेल भेज दिया
इस वक्त अमित जोगी तो जेल में ही
है आज नए घटनाक्रम से उन्हीं धाराओं में अजीत जोगी के खिलाफ भी समीरा पैकरा ने
पेंड्रा थाने में एफ आई आर दर्ज करा दी है इस एफ आई आर के होते ही जोगी
परिवार में कानूनी संकट के बादल घर आए हैं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जब उन्हीं धाराओं में उसी
तरीके के कृत्य में एक अपराधी जेल में है तो दूसरे के भी जाने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं
खबर यह भी है न्यायिक अभिरक्षा
में अमित जोगी की तबीयत खराब हो रही थी इसको लेकर भी खबरें वायरल हुई अभी तक यह
नहीं पता है कि उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई है या नहीं




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