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छत्तीसगढ़ में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को मिल रही नई गति >> मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Anil Choubey 23-12-2025 18:37:04


***** छत्तीसगढ़ स्किल टेक में कौशल-आधारित निवेश को मिली नई गति: 13,690 करोड़ रुपये के स्किलिंग-लिंक्ड निवेश आकर्षितGAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण ***

रायपुर 23 दिसंबर 2025/भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे।

कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट

निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया।

लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।

यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है।

परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।”

विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र

गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है।

उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।

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