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₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।"- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

AVINASH CHOUBEY 16-12-2025 22:31:00


छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट: विकास, अनुशासन और भविष्य की मजबूत नींव >>  वित्त मंत्री ओ पी चौधरी

रायपुर 16 दिसंबर 2025 ////  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह अनुपूरक बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि निरंतर आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की मजबूत दिशा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए ₹45,000 करोड़ से अधिक के लंबित ऋण ने इन संस्थानों को लगभग निष्क्रिय स्थिति में पहुँचा दिया था। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को संबल प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया है, जो राज्य में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना किसानों का कल्याण और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन योजनाओं को निरंतरता प्रदान करने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए केवल राजस्व व्यय पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी पूंजीगत व्यय ही भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना का आधार बनता है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में किया गया निवेश आने वाले दशकों तक विकास के स्थायी स्रोत तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद बीते 25 वर्षों में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहाँ पूंजीगत व्यय ₹13,320 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर ₹15,419 करोड़ और 2024-25 में ₹20,055 करोड़ तक पहुँचा। मुख्य बजट 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, साथ ही अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के कुल आकार के अनुपात में भी पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पूर्व सरकार के समय यह लगभग 3.5 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके 4.1 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक विकास और मजबूत अधोसंरचना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

अपने वक्तव्य के समापन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह सरकार वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर विश्वास करती है। पूंजीगत व्यय के माध्यम से संकल्पों को कागज से जमीन तक उतारने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त, अधोसंरचना के दृष्टिकोण से मजबूत और देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।

अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा। किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है।

इसके अतिरिक्त, फसल जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है।

अनुपूरक बजट में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए लंबित भुगतानों के निपटान हेतु अनुपूरक बजट में कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा तंत्र को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।

इसके साथ ही राज्य में धान खरीदी की महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से न केवल किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा ढांचे को भी दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के पोषण एवं खाद्य अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

अनुपूरक बजट में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों तक फायर वाहन एवं आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था हेतु अनुपूरक बजट में ₹154 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे आपदा एवं अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरा प्रणाली के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्य के समस्त परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के निर्माण हेतु अनुपूरक में ₹12 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अनुपूरक बजट में ₹35 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इन पहलों के माध्यम से सरकार न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है।

अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹180 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल अधोसंरचना विकसित होगी और उद्योगों को सुस्पष्ट स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु लागत पूंजी अनुदान के रूप में ₹130 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे नए उद्यमों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बल मिलेगा।

इसके अतिरिक्त उद्योगों की वित्तीय लागत को कम करने और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से ब्याज अनुदान के रूप में ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के माध्यम से राज्य सरकार निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में संतुलित और सतत औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

अनुपूरक बजट में महिला एवं बाल विकास को सशक्त बनाने के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर को सुदृढ़ करने और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही मातृ एवं शिशु पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत अनुपूरक में ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों से पोषण स्तर में सुधार, स्वास्थ्य संकेतकों को सुदृढ़ करने और भावी पीढ़ी के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और आवासीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य बजट में ₹8,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं अनुपूरक बजट के माध्यम से इसके लिए ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास सुनिश्चित किया जा सके।

इसके साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ₹378 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए ₹40 करोड़ तथा ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के आजीविका सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ₹286 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इन प्रावधानों के माध्यम से सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, अधोसंरचना, स्वच्छता और आजीविका के समन्वित विकास को सुनिश्चित करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

हवाई कनेक्टिविटी से लेकर किसान कल्याण और बस्तर में शांति तक: साय सरकार की बहुआयामी विकास रणनीति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के समावेशी विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹150 करोड़ तथा रायगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन निवेशों से क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय की सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की संवेदनशील और किसान-हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि बीते दो वर्षों में ₹25,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। यह न केवल किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करता है।

राज्य में शांति और सुरक्षा की दिशा में भी साय सरकार निर्णायक परिणाम लेकर आई है। 31 मार्च 2026 की समयसीमा के निकट आते हुए सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त और प्रतिबद्ध है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की समस्या से पूर्णतः मुक्त होगा। शांति, संवाद, विकास और सुरक्षा की बहुआयामी रणनीति के माध्यम से साय सरकार ने ऐसे वातावरण का निर्माण किया है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास की यात्रा में सहभागी बन रहे हैं।

 

बस्तर, जहाँ कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, आज वहाँ बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन और बस्तर ओलंपिक जैसे खेल महोत्सव नई पहचान बना रहे हैं। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि साय सरकार की उस बहुआयामी विकास नीति का प्रमाण है, जिसने विश्वास, उत्सव और भविष्य की आशा को बस्तर की धरती पर पुनः स्थापित किया है।

"₹35,000 करोड़ का यह ऐतिहासिक अनुपूरक बजट छत्तीसगढ़ के भविष्य को मजबूत आधार देने वाला बजट है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और संवेदनशील शासन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह बजट किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं और उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर सृजित करता है। पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर सरकार ने सड़कों, आवास, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। बस्तर में शांति, किसानों को सीधा आर्थिक लाभ, महिलाओं का सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास—ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि सरकार वादों नहीं, परिणामों की राजनीति कर रही है और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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