छत्तीसगढ़ // केंद्र सरकार द्वारा लागू मोटर व्हीकल
एक्ट को लेकर सियासत शुरू हो गई है मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री ने तो साफ शब्दों
में कह दिया है कि इस सेक्टर को फिलहाल मध्य प्रदेश में लागू नहीं किया गया है उसी
तर्ज पर छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री ने कहा है कि विधि विशेषज्ञों से पहले इस एक्ट
के वैधानिकता और जनता को परेशान ना होने वाले विषयों को लेकर अध्ययन किया जाएगा
उसके बाद जी उचित हुआ तो या एक्ट लागू किया जाएगा
मोटर व्हीकल एक्ट वैसे तो उतना ही जरूरी
है जितना जनहित में दूसरे एक्ट लागू किए गए जनता इस एक्ट के विरोध करती है कई
मामलों में व्यवहारिक नहीं है जिसे हेलमेट की अनिवार्यता अपनी जगह ठीक है लेकिन
जिन शहरों में अधिकतम स्पीड 10 किलोमीटर
से भी कम है वहां के मोटर विकल चालक इस हेलमेट की गठरी को लगाने के लिए तैयार नहीं
नागरिकों ने अलग-अलग सुझाव भी दिए सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कोटेशंस वायरल हो रहे
हैं सवाल ये है कि अत्यधिक फाइन करने एक्ट के
प्रति एक दहशत का माहौल बनता है और मजबूरी में ही सही विकल चलाने वाला उसको पालन
करने लगता है हेलमेट को लेकर छोटे बड़े जिलों में हमेशा से विरोध होता रहा है उसका
कारण है कि हेलमेट एक अलग से समान की तरह उनकी जिम्मेदारी के साथ जुड़ जाता है
जिसको लेकर वह तकलीफ
महसूस करते हैं लगाने में
तो कोई कष्ट नहीं है पर उसको
लेकर बाजार में कामकाज के साथ लटकाए घूमना कष्टदायक महानगरों में तो हेलमेट चालक
अपने हेलमेट को मोटरसाइकिल के ऊपर रखकर चल देता है वहां चोरी नहीं हो रही है निश्चिंत रहता है लेकिन छोटे शहरों में
हेलमेट छोड़ कर जाओगे तो चोरी हो जाता है फिर दूसरा खरीदने के लिए जाओ तो मैं कहां
मिलता है यह एक व्यावहारिक परेशानी
छोटे शहर वासियों का मानना है कि जिन
सड़कों पर 40 से ऊपर की
स्पीड हो जाती है उस सड़क पर हेलमेट लगाकर चलना अनिवार्य करना चाहिए ताकि दुर्घटना
के वक्त हेलमेट सहायता कर सकें यह भी
व्यावहारिक नहीं है यदि उन सड़कों पर पुलिस शक्ति से इसका
पालन कराएं तो काफी कुछ हेलमेट प्रचलन में
आ जाएगा
यह भी देखने लायक बात है की टू व्हीलर
वाला तो हेलमेट लगा लेगा लेकिन घूस प्रक्रिया से हासिल किए गए चार पहिया वाहनों के
ड्राइवरों का क्या होगा जिन्हें लाइसेंस लेने के बाद रोजी रोटी कमाने के लिए
सड़कों पर भारी वाहन दौड़ आते हुए देखा जा सकता है इस प्रक्रिया का पालन पुलिस
कैसे
कराएगी ऐसी खामियां हैं जो व्यावहारिक नहीं है
मौत के डर से इस को सख्ती से लागू किया ही जा रहा
वन तथा परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर द्वारा आज मंत्रालय
(महानदी भवन) में नया मोटर व्हीकल एक्ट छत्तीसगढ़ राज्य में लागू किए जाने के संबंध
में विधि एवं विधायी और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली गई। बैठक
में नया मोटर व्हीकल एक्ट को छत्तीसगढ़ में लागू करने के संबंध में विधि विभाग को
परीक्षण के लिए भेजने की जानकारी दी गई। इसके उपरांत विधि विभाग से रिपोर्ट
प्राप्त होने पर उसका भली-भांति अध्ययन कर राज्य की जनता के हित में जो सर्वोत्तम
और उचित होगा, उसे लागू करने का निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव विधि
एवं विधायी श्री रविशंकर शर्मा, प्रमुख सचिव परिवहन
श्री मनोज पिंगुआ, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, उप परिवहन आयुक्त श्री अंशुमान सिंह सिसोदिया सहित संबंधित विभागीय
अधिकारी उपस्थित थे।




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