रायपुर/////कलिंगा विश्वविद्यालय के छात्रों ने छत्तीसगढ़ राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित फाउंडेशन डे कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कलिंगा विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. हर्षा शर्मा (एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी) और सुश्री मुस्कान अग्रवाल (सहायक डीएसडब्ल्यू) ने कार्यक्रम में भाग लिया और सभी आगंतुकों तथा विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत निकोबारी लोकनृत्य रहा। पारंपरिक वेशभूषा, मधुर संगीत और लयबद्ध ताल के साथ छात्रों ने अंडमान-निकोबार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया।
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यह नृत्य समुदाय की एकजुटता, प्रकृति के प्रति सम्मान, और द्वीपों की सांस्कृतिक पहचान को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है।
राजभवन में उपस्थित माननीय अतिथियों ने छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आदान–प्रदान कार्यक्रम विविधता, समावेशन और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों की भी प्रशंसा की।
कलिंगा विश्वविद्यालय ने राजभवन, छत्तीसगढ़ का हार्दिक आभार व्यक्त किया और कहा कि विश्वविद्यालय आगे भी एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से ऐसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहेगा।




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