सार्थक पहल
सरगुजा// छत्तीसगढ़ राज्य में सरगुजा संभाग एक ऐसा संभाग
है जहां का मौसम वाकई खुशनुमा और कमर्शियल
उत्पादकों के लिए महफूज जगह है जसपुर अंबिकापुर मेन पार्ट ऐसी जगह है जहां की मिट्टी
और जलवायु चाय बागान के लिए लीची के लिए काजू के लिए और नाशपाती के लिए उपयुक्त मानी
गई है इस इलाके में कटहल तो जंगलों के रूप में
नैसर्गिक तरीके से विकसित हो गए हैं इस इलाके में यदि सरकार इन फलदार वृक्षों
को लगाने के साथ-साथ इन से उत्पादित फलों को चाय की पत्तियों को यदि राष्ट्रीय मार्केटिंग
से जोड़ दें तो यहां के किसान निश्चित रूप
से आधुनिक किसानों की श श्रेणी में आ जाएंगे उनकी आय जो बढ़ेगी वह अकल्पनीय है अकेला जसपुर चाय
के उत्पादन में नार्थ ईस्ट के राज्यों को टक्कर दे सकता है चाय की खेती जब जसपुर के
आश्रम में शुरू हुई तो आश्चर्यजनक से लोगों से देखने आते थे लेकिन जब उस चाय की पत्ती का परीक्षण किया गया तो वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चाय में से एक पाई गई आज हालात ये हैं की इस चाय
पत्ती को व्यवहारिक मार्केटिंग नहीं मिलने के बावजूद आश्रम की चाय पूरे देश में मंगाई
जा रही है इसके दाम दूसरी चाय की पत्तियों के दाम से अधिक होने के बावजूद चाय की खपत हो रही है
सरगुजा
जिले से आने वाले विधायक अमरजीत भगत क्योंकि इस मिट्टी से जुड़े हुए नेता हैं उन्हें
पता है कि यहां पर यह कमर्शियल खेती यहां के लोगों की जिंदगी बदल सकती है मंत्री बनने
के बाद उन्होंने यह घोषणा की थी कि सरगुजा में भी चाय के बागान विकसित किए जाएंगे उसी
सिलसिले में उन्होंने आज मेन पार्ट जो कि छत्तीसगढ़ का मिनी कश्मीर कहा जाता है मैं
5 एकड़ भूमि को चाय बागान के मॉडल के
रूप में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर
दी है
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले
के मैनपाट में चाय की खेती होगी। मैनपाट जनपद के ग्राम ललया में चाय बगान के लिए पांच
एकड़ निजी जमीन का चयन किया गया है। खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने शनिवार को अधिकारियों
के साथ मैनपाट में चाय बगान के लिए चिन्हित जमीन का जायजा लिया। उन्होंने भू-स्वामी
को चाय की खेती करने के लिए प्रेरित किया। श्री भगत ने अधिकारियों को चिन्हित चाय बगान
में पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग कराने, चिन्हित जमीन
के समीप बहने वाले नाले में सोलर पंप लगाकर सिंचाई की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
खाद्य मंत्री श्री भगत ने
मैनपाट के हाथी प्रभावित क्षेत्र ग्राम बरीमा के निवासियों से मुलाकात की और उनके समस्या
से अवगत हुए। उन्होंने अधिकारियों को हाई-माॅस्क टार्च देने तथा मुआवजा प्रकरण तैयार
करने के निर्देश दिए। गांव वासियों ने हाथियों द्वारा आलू की फसल को नुकसान पहुंचाने
पर शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा दर को बढ़ाने की मांग पर श्री भगत ने शासन स्तर पर
बढ़ाने के संबंध में विचार करने की बात कही।




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