
***** सब्जी के बीज बेचने वाली कंपनियां क्रेडा में कैसे एलिजिबल Eligible हुई की फाइल गायब ,भ्रष्टाचार के मास्टरमाइंड चीफ इंजीनियर खरे कार्यपालन यंत्री भारत भूषण तिवारी ****
रायपुर /// मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री और तमाम बड़े नेताओं के नाम पर भेजी गई क्रेडा के अध्यक्ष की शिकायत को जांच के दायरे में लेते हुए शासन ने उसे फर्जी कर दिया हैयह फर्जी ठेकेदारों की बहुत ही बचकानी हरकत है
इस पूरे मामले में को समझने के लिए प्रारब्ध में जाना बहुत जरूरी है, भूपेश सरकार के जमाने में जब आलोक कटियार एग्जीक्यूटिव ऑफिसर थे तब उन्होंने ऑनलाइन टेंडर को ऑफलाइन करके उन ठेकेदारों , वेंडर को भी टेंडर भरने के लिए और इनटाइटल कर दिया जिनकी एलिजिबिलिटी Eligibility क्रेडा में काम करने की नहीं थी, मामला बहुत ही दिलचस्प है इसकी पूरी जांच होना चाहिए क्रेडा के तत्कालीन चीफ इंजीनियर खरे ने टेंडर की शर्तों में हेरा फेरी कर इन सीईओ की चाहती चार-पांच कंपनियों को एलिजिबल घोषित कर दिया ये कंपनियां पूर्व में हॉर्टिकल्चर में बीज सप्लाई का काम करती रहे हैं इनके पास क्रेडा में काम करने के लिए इसी तरीके का एक्सपीरियंस Experience नहीं था MNRI की शर्तों के अनुसार इन लोगों टेंडर भरने की अनुमति नहीं थी
क्योंकि पूर्व में सीईओ आलोक कटिहार हॉर्टिकल्चर के भी सीईओ रहे हें उन दिनों इन कंपनियों के मालिक ने हॉर्टिकल्चर में बड़े-बड़े घपले किए जिनकी गंज विधानसभा से लेकर मंत्रालय तक गई लेकिन रसूखदार सीईओ के रहते जाँच ठंडा बस्ती में चली गई जब ज्यादा दबाव पड़ा तो उनको हॉर्टिकल्चर से निकलकर क्रेडा का सीईओ बना दिया गया गॉडफादर के जाते हे उनकी जो हॉर्टिकल्चर में कंपनियां काम कर रही थी वह अनाथ हो गई छटपटाहट बहुत थी गॉडफादर और कंपनियां मिलकर सरकारी कामकाज को अपनी मर्जी से से चलते रहे
क्रेडा गॉडफादर इन कंपनियों को में काम देने के लिए सबसे पहले टेंडर की शर्तों को शिथिल करते हुए इन कंपनियों को एलिजिबल करार कर दिया इस एलिजिबिलिटी Eligibility की फाइल क्रेडा दफ्तर से गायब है अब यह कंपनियां जो पहले सब्जी भाजी के बीज बचा करती थी अब वह क्रेडा के काम करने के लिए एलिजिबल हो गई शिथिल नियमों के अनुसार एलिजिबल Eligible हो गईं , क्रेडा में भरी भ्रष्टाचार का खेल यही से शुरू जब टेंडर निकलने का समय आया तो ऑनलाइन टेंडर को ऑफलाइन कर दिया गया जैसा कि सर्व विदित है की ऑफलाइन टेंडर को पूल बनाकर ही कंपनियों भारती रही है पूल बनाने का ठेका तत्कालीन चीफ इंजीनियर खरे के पास था उन्होंने पूल बनाया और मनमाने ढंग से करीब 300% अधिक पर टेंडर को भरवा कर गॉडफादर की इन चार-पांच कंपनियों को भरपूर काम दे दिया
गॉडफादर की यह कंपनियां जिन्हें क्रेडा में काम करने का बिल्कुल भी एक्सपीरियंस नहीं था शर्तों में यह नियम लाया गया जो कंपनियां MNRI में एलिजिबल है उन कंपनियों के क्रैडेंशियल को उपयोग करते हुए गॉडफादर की चारों कंपनियों को 1000 से ऊपर सोलर ट्यूबवेल का काम दे दिया
R T I के तहत भारत भूषण तिवारी ने कागज देने से इनकार किया कहा फाइल मिल नहीं रही, तिवारी की संविदा नियुक्ति समाप्त होने के बाद लगाई गई आरटीआई में मिले कागजातों से साबित होता है कि सोलर टंकियां से पानी की जगह हवा क्यों निकल रही है
1>>>> Avani Solar , Raipur
2>>> Solae Aqua Solutions ,Raipur
3>> Arvesh Energy pvt ltd ,Bilaspur
4>>> Laxmi Agency ,Haridwar /Raipur
1>> सौर सुजला योजना 3 HP,5HP,
2>> सोलर पेयजल योजना, जल जीवन मिशन
A ,, निम्नलिखित कंपनियों को दिए गए आदेश की फोटो कॉपी
B ,, निम्नलिखित कंपनियों को दिए गए आदेश के कार्य पूर्ण होने का सर्टिफिकेट
C ,, किए गए भुगतान की वर्ष बार जानकारी
आरटीआई में जब इस तरीके के तमाम दस्तावेज मांगे गए तो तत्कालीन कार्यपालन यंत्री भारत भूषण तिवारी ने यह जवाब दिया की फाइल नहीं मिल रही है फिर दुबारा आरटीआई लगाई गई फिर यही जवाब मिला की फाइल नहीं मिल रही है और वर्तमान में आरटीआई लगाई गई तो वाही जबाब फाइल मिस है यह फाइल इसलिए भी महत्वपूर्ण है की इसी फाइल के जरिए इन चारों बीज बेचने वाली कंपनियों को क्रेडा में काम करने की अनुमति मिली थी गॉडफादर की इन कंपनी गॉडफादर के रहते हुए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन , सौर सुजला योजना 3 HP,5HP, कितना भ्रष्टाचार किया जहां पंप नहीं लगे उसका भी भुगतान हो गया भारत भूषण की कृपा से कार्य पूर्ण का सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया कहा गया कि कम पर पूर्ण हो गए हैं और भुगतान हो गया
गॉडफादर उन दिनों जल जीवन मिशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हो गए थे ,भूपेश बघेल की कृपा से यह पहले बार यह हुआ है IFS PWD विभाग में सेक्रेटरी के पद पर भी काम कर रहे थे इनके रसूखदार होने के कारण तमाम IAS गॉडफादर से खफा थे सरकार बदली गॉडफादर को तमाम मलाईदार पोस्ट से हटा दिए गया
नए सीईओ के आने के बाद टेंडर पुनः ऑनलाइन हुए ऑफलाइन का भ्रष्टाचारी कांड खत्म हुआ और धीरे-धीरे इन चार-पांच कंपनियों की इंक्वारी शुरू की गई इंक्वारी में भारी भ्रष्टाचार पाया गया कुछ को ब्लैक लिस्ट करने के नोटिस मिले कुछ लोगों ने काम करना छोड़ दिया जांच अभी जारी है रिकवरी की तैयारी है
आज की स्थिति में क्रेडा इन भ्रष्टाचार्यों की गतिविधियां समाप्त हो गई है सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी गॉडफादर के साथ मिलकर रियल एस्टेट में काम कर रहा है सीईओ राजेश राणा के रहते हुए इन भ्रष्टाचारियों ने तमाम तरीके की कोशिश की भरपूर दवाव बनाया लालच दी पर जब सफल नहीं हुए तो अब इन्होंने इस तरीके के हाथकांडे अपनाना शुरू कर दिए हैं जिससे विष्णु देव सरकार बदनामी हो यह विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही है इसलिए भी इस तरीके की घटिया पत्राचार के माध्यम से बदनाम करने की एक नाकाम कोशिश को ऊर्जा सेक्रेटरी ने इंक्वारी Inquiry करके फर्जी करार दिया है




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