दिव्य-दूत

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भारत का नया ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है छत्तीसगढ़ >> मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

AVINASH CHOUBEY 01-07-2025 19:43:49


**** मुख्यमंत्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का किया शुभारंभ इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य1 लाख 23 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त : 20 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार लॉजिस्टिक नीति एवं जन विश्वास विधेयक से छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी नई गति  ****

रायपुर 1 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और नागरिक जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता सुनिश्चित की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि निवेशकों, उद्योगपतियों और नागरिकों के लिए ऐसा परिवेश बने जिसमें न्यूनतम बाधाएं हों और विकास के हर क्षेत्र में अधिकतम संभावनाएं खुलें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी।

कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में क्रांतिकारी पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।

बस्तर और सरगुजा : विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अब ‘विकसित बस्तर’ के सपने को साकार कर रहा है। 90,000 युवाओं को कौशल विकास और 40,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहां विशेष निवेश प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। बस्तर में अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बस्तर दशहरा का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

युवाओं को अवसर, निवेशकों को विश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म - इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं सभी उद्यमियों से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में निवेश करें। यहां हर सुविधा और भरोसे के साथ विकास में सहभागी बनें। हम मिलकर विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में चल रहे व्यापक विकास और सुरक्षा अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का संपूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित करना है, ताकि सभी प्रभावित क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और विकास की नई शुरुआत हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। इससे अनुमतियों में लगने वाला समय घटकर रिकॉर्ड समय में आएगा। यह इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियाँ अब न्यूनतम समय में प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नई औद्योगिक नीतियों और सहज अनुमतियों की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने उपस्थित उद्यमियों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भू खंड ऑनलाइन आबंटन हेतु  उपलब्ध कराए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 प्रमुख कंपनियों से प्राप्त 1 लाख 23 हजार 73 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिए उन्हें इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा, जिससे 20 हजार 627 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिन निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा गया उनमें मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, मेसर्स आर्टिफिशियल इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेलिजेंस मटेरियल्स लिमिटेड चेंगापट्टू तमिलनाडू, मेसर्स केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कोरबा, मेसर्स जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड कोलकाता, मेसर्स ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नासिक महाराष्ट्र, मेसर्स करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड मेरठ उत्तरप्रदेश, मेसर्स एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, मेसर्स जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड रायगढ़, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (थर्मल पावर), मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (सोलर पावर) और मेसर्स वीटेक प्लास्टिक प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघानिया सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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