रायपुर// एम एम आई एन एच सत्ता हस्तांतरण
को लेकर नए दांव पेंच शुरू हो गए हैं हाल ही में रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी के उस आदेश को लेकर
लूणकरण श्री श्री माल,, महेंद्र धारीवाल कल दोपहर को वर्तमान संचालक मंडल से कार्यभार लेने के लिए एम
एम आई एन एच में उपस्थित हुए ताज्जुब इस बात का था कि उन्होंने कार्यभार और शपथ ग्रहण
को लेकर हंगामे की स्थिति पर आशंका जताते हुए पुलिस प्रोडक्शन का भी इंतजाम कर लिया
था यह बात समझ से परे है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया लेकिन किया पुलिस भी आई सीएसपी
के नेतृत्व में टीआई सहित 5///7 पुलिस वाले ने भी उनके साथ एम एम आई एन एच में प्रवेश
किया पहले से बैठे हुए वर्तमान संचालकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया हस्तांतरण
के लिए लूणकरण श्री श्री माल ने कहा कि हम रजिस्टर के आदेश के अनुसार गठित समिति के पदाधिकारी आपसे चार्ज हासिल
करने के लिए आए हैं सचिव रामअवतार अग्रवाल ने जब उनसे आधार जानना चाहा तो उन्होंने
रजिस्टर का वह आदेश
सचिव रामअवतार अग्रवाल को थमा दिया आदेश पढ़ने के बाद राम अवतार ने कहा की इस
पूरे प्रकरण को सुनने का अधिकार रजिस्टर को
नहीं है इसलिए इस आदेश की हमारे लिए कोई अहमियत नहीं है हाईकोर्ट के डायरेक्शन के अनुसार
इस पूरे प्रकरण की सुनवाई विशेष सचिव छत्तीसगढ़ शासन को करना थी क्योंकि वही इसके लिए
कोर्ट द्वारा अधिकृत किए गए हैं\
एम एम आई एन एच विवाद
में के उस आदेश की जांच होना चाहिए जिसको लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में बवाल तना हुआ है
सभी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं की जब हाई कोर्ट द्वारा विशेष सचिव को सुनने का अधिकार
दिया गया है तो रजिस्ट्रार ने इस मामले को कैसे
सुन लिया इसका जवाब जब रजिस्ट्रार से पूछा गया तो वह गोल गोल बातें करते हुए यह कहते
रहे कि आदेश हमने ठीक किया है जिसको तकलीफ है वह अपील में जा सकता है कानूनी सलाहकार
से लेकर तमाम लोग इसी आश्चर्य में है कि रजिस्टर ने इस मामले को कैसे सुना यह एक जांच का विषय है जिसमें छत्तीसगढ़ शासन
को संज्ञान लेते हुए जांच करने की जरूरत है कि यह कैसे हुआ
लूणकरण श्री श्री माल ने जब आदेश को सही ठहराने की कोशिश की तो वर्तमान
संचालकों की ओर से एडवोकेट महेश मणि साहू ने उन्हें हाईकोर्ट के आदेश को हिंदी और अंग्रेजी
दोनों भाषाओं में विस्तृत तरीके से समझाया
इस समझा से पुलिस प्रोटक्शन के साथ
आए हुए संचालकों को भारी निराशा हुई और वह कहते हुए वहां से चले गए कि हम अपने वकील
और कानून ज्ञाता से बात करने के बाद हम फिर
से हम उपस्थित होंगे
इस पूरे प्रकरण में मामला बहुत ही रोचक था आए तो
थे वह सा दल बल के साथ आए थे कि आज हम चार्ज
लेकर ही रहेंगे लेकिन कानून के मामले में वह
वर्तमान संचालक मंडल का वह सामना नहीं कर पाए|




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