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संविधान के बुनियादी सिद्धांत को लागू कर, अमीर , गरीब के बीच खाई को कम करना, गांधी- नेहरु की सर्वजन हिताए नीतियों पर विश्वास हमारी प्राथमिकता: श्री भूपेश बघेल

Anil Choubey 25-08-2019 21:58:11


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को बी.पी. मण्डल सामाजिक न्याय रत्न सम्मान से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली / //     किसानों की आय दोगुना करने के थोथे नारे लगाने की जगह यदि सच में उनकी आय बढ़ा दी जाए तो पूरा समाज उससे लाभांवित होता ””सामाजिक न्याय के प्रणेता बी.पी. मण्डल की जयंती पर नई दिल्ली के कॉन्स्टिटूशन क्लब में आयोजित  सम्मान समारोह मैं सम्मानित किया गया छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में बी.पी. मण्डल सामाजिक न्याय रत्न से सम्मानित करते हुए उनका जन अभिनंदन किया गया। श्री बघेल को छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाने के फैसले के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सामाजिक न्याय के प्रणेता और पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री बी.पी. मंडल की जयंती के अवसर पर आज नई दिल्ली के कॉन्स्टिटूशन क्लब में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व राज्य सभा सांसद श्री शरद यादव ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को श्री बी पी मंडल सामाजिक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।

            छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि, वर्षों से जिन्होंने संविधान सम्मत अधिकारों की रक्षा के लिए अपना खून-पसीना बहाया है उनके ‘दुःख के दिन बीत गए है’। 25 अगस्त सामाजिक न्याय के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मंडल आयोग की रिपोर्ट के रचयिता बीपी मंडल जी की आज जयंती है। संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने आज के ही दिन अगर मेरा सम्मान करने का फैसला किया है तो यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है और मेरे लिए भावुक कर देने वाला पल है।

            श्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण बढ़ाए जाने पर यह सम्मान उन्हें प्रदान किया गया।

            मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि, संविधान के अनुच्छेद 340 को लागू करते हुए सामाजिक न्याय का जो पहलू छूट गया था, वह मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने के साथ आज से 26 साल पहले एक हद तक पूरा हुआ था। मंडल साहब की सिफारिशों का जो हिस्सा ठीक तरह से लागू नहीं हुआ था, हमने छत्तीसगढ़ में उसे पूरा करने की कोशिश की है। दरअसल मैंने कोई खास काम नहीं किया है, बस संविधान की सिफारिशों को ठीक तरह से लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि, गांधी-नेहरु की सर्वजन हिताए नीतियों पर विश्वास हमारी प्राथमिकता है।

            कार्यक्रम का आयोजन संविधान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद श्री पी.एल. पुनिया, श्री शरद यादव, संविधान बचाओ संघर्ष समिति के श्री अनिल जय हिंद, मुख्यमंत्री के पिता श्री नंदकुमार बघेल सहित अन्य गणमान्य नागरिक गण भी उपस्थित थे।

            मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, मैंने मुख्यमंत्री की तरह बस संविधान के बुनियादी सिद्धांत को लागू करने का प्रयास किया है। हमारी सरकार आते ही हमने अमीर व गरीब के बीच भेद कम करने की दिशा में कई कड़े कदम उठाए। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हमने प्रदेश निवासी अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की घोषणा की। 

            मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने यह फैसला क्यों किया? मुझे हमेशा से लगता था कि समाज में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग में किसान और कामगार ही तो हैं और यही लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे वंचित लोग हैं, तो इन लोगों को ही आगे बढ़ाने की जरूरत है। इनको आगे बढ़ाने के लिए जो काम आजादी के बाद से होना चाहिए था, दुर्भाग्य से हो नहीं सका। आरक्षण मिला तो पिछड़ा वर्ग वंचित रह गया। जब अधिकार मिला तो आधा अधूरा मिला। कभी संविधान का हवाला देकर, कभी सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले का हवाला देकर उनको संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया गया।

हमारा फैसला उनको अधिकार संपन्न बनाना है

            श्री बघेल ने कहा कि, हमारे पुरखो के सपनो से लेकर आज की पीढ़ी की आशाओं तक सबके बीच एक तारतम्य है। एक सिलसिला है अगर कुछ असंगत था ,तो हाल ही में गुजरा ढेड दशकों का वक्त। छत्तीसगढ़ के संसाधन, विकास की संभावनाएँ, लोकजीवन, जनजीवन की चुनौतियां, हमारे समाज की संरचनाएं, जनता की आकांक्षाये सब कुछ अलग है। सवाल यह नहीं उठता कि देश-दुनिया की नजर में छत्तीसगढ़ को किस तरह से देखा जाए। सवाल तो यह है कि, हमारा छत्तीसगढ़ किस दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि, हम नीतियों और प्रावधानों को ठीक तरह से लागू करना चाहते हैं और हमारी नीयत भी साफ है।

हम एक लंबे सफर पर हैं, हमारी लड़ाई लंबी है

            श्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को दूसरे तरीकों से आगे बढ़ाने के उपाय किए हैं। हमने आदिवासियों की ओर ध्यान देना शुरु किया। हमें ठीक तरह से समझ में आ गया है कि किसानों की आय दोगुना करने के थोथे नारे लगाने की जगह यदि सच में उनकी आय बढ़ा दी जाए तो पूरा समाज उससे लाभांवित होता है।

            उन्होंने कहा कि एक उदाहरण के साथ मैं बताता हूं कि यह कैसे होता है। हमने किसानों और तेंदूपत्ता मजदूरों को पैसा दिया तो नोटबंदी के बाद से मंदी झेल रहे बाजार में रौनक लौट आई, कारोबार बढ़ने लगा। आज देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। लेकिन छत्तीसगढ़ अकेला प्रदेश है, जिसमें 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है, इसका मतलब यह है कि छत्तीसगढ़ में आटोमोबाइल सेक्टर में 45 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।

            हम आदिवासी क्षेत्रों में लघु वनोपज संग्रहण के दायरे को बढ़ा रहे हैं और आदिवासियों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने जा रहे हैं। कोंडागांव में मक्का प्रोसेसिंग संयंत्र लगाने का कार्य शुरु भी हो चुका है।

            श्री बघेल ने कहा की, हमने विकास के नए मापदंड तय किए। जीवन स्तर ऊपर उठाने ओर प्रतिव्यक्ति आए बढ़ाने की दिशा में देश में अभिनवकारी पहल कर उसे जमीनी स्तर पर मूर्त रूप भी दिया। नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी, के माध्यम से अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल की है।पशुधन की सेवा करने के लिए सुराजी ग्राम योजना के तहत गांवों में गौठान बनाए जा रहे हैं। गौठानों में मवेशियों के चारा, पानी और सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे। गौठानों के रखरखाव के लिए गौठान समितियां बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गोठानों में एकत्रित होने वाले गोबर से वर्मी खाद और कम्पोस्ट बनाई जाएगी। जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इन प्रयासों से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी ।

            कार्यक्रम में उपस्थित राज्य सभा सांसद श्री पीएल पुनिया व शरद यादव ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में आरक्षण को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 72 प्रतिशत किए जाने को साहसिक कदम बताया।उन्होंने कहा कि ,देश में कुछ बड़े घराने ही सब कुछ समेटने लगे हैं। ऐसे में यदि वंचितों को हम कुछ दे सकते हैं तो सिर्फ यही एक रास्ता है आरक्षण का, जिसे बढ़ाकर आपने अन्य राज्यों के लिए एक मिशाल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अन्य प्रदेश भी आपके इस निर्णय का अनुसरण करेंगे। वंचितों के उत्थान के लिए आपने जो कदम उठाया वह वाकई में ऐतिहासिक है।

            श्री बघेल ने कहा कि, हम संकट और संक्रमण के दौर से गुजर रहे हैं। जब कुछ ताकतें देश में सामाजिक विभाजन की रेखा खींचने में लगी हुई हैं, जब देश से आरक्षण खत्म करने की कोशिशें हो रही हैं, तब हमें एक साथ खड़े होकर सामाजिक एकता और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। हमें नजरें मिलाकर देश की सामाजिक हकीकत पर बात करनी 

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