दिव्य-दूत

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विष्णु के सुशासन से नक्सलगढ़, बन रहा अब विकास का गढ़

AVINASH CHOUBEY 09-04-2025 12:32:55


बस्तर, 09/04/2025/// छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है।

राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

 

मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन-प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है।

मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से न केवल इन क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी आमजन का सशक्तिकरण हुआ है। मनरेगा के तहत 29,000 नए जॉब कार्ड जारी हुए हैं, जिनमें 5,000 कार्ड ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना में शामिल गांवों में बने हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना में सातों जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो लक्ष्य का 107 प्रतिशत है। 15 महीनों में नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास   स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 19.24 लाख से बढ़कर 21.05 लाख हो गई है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वितों की संख्या में 20.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 3.61 लाख से अधिक हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 220 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी, जिसमें से 200 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए गए और शत्-प्रतिशत् राशि का व्यय करते हुए आधारभूत संरचना, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संबंधी कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस समूचे बदलाव का केन्द्र बिन्दु प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और जनकेंद्रित दृष्टिकोण है। छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई जीतते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का यह रूपांतरण, प्रदेश की संकल्प शक्ति और जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण है।

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