रायपुर// एम एम आई संस्था का विवाद इस वक्त चरम सीमा पर
है संस्थान के वर्तमान सेक्रेटरी रामअवतार अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन
सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस तरीके से पिछले चार-पांच दिनों से
उन सदस्यों द्वारा भ्रमित प्रचार किया जा रहा है उससे संस्था की छवि पर गहरा धक्का
लगा है राम अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि जिस अधिकारी के आदेश को
लेकर ये पांच बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स लुनकरण श्रीमल,
महेंद्र धाड़ीवाल, रेखचंद लुनिया, वासुदेव नारंग, प्रदीप गुप्ता जनता के बीच
भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कानूनी तौर पर
उस अधिकारी को इस मामले का सुनने का अधिकार ही नहीं है हाईकोर्ट ने अपने आदेश में
साफ कहा है कि इस पूरे प्रकरण को स्पेशल सेक्रेट्री छत्तीसगढ़ शासन फिर से सुने
सुने और संस्थागत सच्चाई को सामने लाएं पर ऐसा नहीं हुआ स्पेशल सेक्रेटरी
की जगह रजिस्ट्रार ने इस मामले की सुनवाई की और असिस्टेंट रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया गया की जो पूर्व में सदस्यता को लेकर
किया गया अमेंडमेंट निरस्त किया जाता है इस छोटे से आदेश को लेकर एक गुट विशेष ने
यह भ्रम फैलाने की कोशिश की की सदस्यों की सदस्यता समाप्त हो गई है अब सिर्फ हम सात
लोग जो पैटर्न थे वही इस संस्था में बचे हैं और उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के
अपने आपको अध्यक्ष सचिव संचालक घोषित कर दिया है जिसकी खबर प्रदेश के एक प्रमुख
दैनिक अखबार में छपवा कर उन्होंने भ्रम की स्थिति पैदा की इसको लेकर संस्था के 67
सदस्यों ने आपातकाल बैठक ने उपाध्यक्ष चतुर्भुज
अग्रवाल की अध्यक्षता में कि और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस तरह जो फैलाए
जा रहे भ्रम में सम्मिलित सदस्यों पर नियमानुसार
कठोर कार्रवाई की जाए चुकी एम एम आई एनएच हस्पताल जनहित से जुड़ा हुआ मामला था
इसलिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस भ्रम की स्थिति का खंडन किया जाए
भ्रम फैलाने वाली खबरों का खंडन करते हुए
रामअवतार अग्रवाल ने यह कहा है कि इस मामले में हाई कोर्ट की अवमानना का मामला
बनता है हमने स्पेशल सेक्रेटरी को अपना विरोध दर्ज करा दिया है साथ ही हम इस पूरे
मामले को लेकर हाई कोर्ट जाकर इस भ्रम की स्थिति से फैले हुए आदेश को निरस्त
कर आएंगे उन्होंने उन सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है की पहले भी इन
सदस्यों के हाथ में इस एम एम आई अस्पताल
के संचालन का जुम्मा था इन्होंने इस अस्पताल में दवाइयों से लेकर तमाम
खरीदारी ओं में घपले किए और पूरी संस्था
रसातल में चली गई थी रसातल में जाती हुई संस्था को जिंदा करने के लिए आपात बैठक
बुलाई गई और इन सदस्यों से संचालन का कार्यभार लेकर नई कार्यकारिणी अस्पताल को
संचालन करने की जिम्मेदारी उठाई जब यह जिम्मेदारी उठाई जा रही थी उस वक्त एम एम आई
बहुत ही बुरी स्थिति से गुजर रहा था संस्था बंद होने की कगार में थी संस्था को नया
जीवन देने के लिए एक बड़े फंड के साथ किसी अच्छे नामदार अस्पताल से एमओयू कर जोड़ने
का भी मन बनाया गया और इसी कड़ी में देश के सबसे प्रसिद्ध हृदय चिकित्सालय के नाम
से जाने वाले नारायणा हृदयालय ने एम एम आई के साथ एक एमओयू किया एमओयू करते हैं वह
दोनों ही पार्टियों को मंजूर थी
उन
शर्तों के आधार पर एम एम आई एन एच ने
मिलकर इस संस्थान में नई जान फूंकी और आज एम एम आई एन एच छत्तीसगढ़ के जाने वाले
अस्पतालों में से एक है जहां पर छत्तीसगढ़ के अलावा प्रदेश के देश के कॉफी जिलों
से आए हुए मरीजों को वह तमाम इलाज की सुविधाएं
है जिनका लाभ लेकर मरीज स्वस्थ हो रहे हैं 2011 में जब एनएच ले एम एम आई को अपने हाथ में लेकर संचालन शुरू किया तब से
लेकर अभी तक एन एच एम एम आई निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रही है जो अस्पताल घाटे में
था अभय प्रॉफिट में चला गया है mi1 नर्सिंग कॉलेज भी रन करता
है उसकी स्थिति भी अब पहले से बेहतर हो गई है
रामअवतार अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पुराने सदस्यों पर गंभीर आरोप
लगाते हुए कहा है कि रजिस्टर की मिलीभगत से उन्होंने यह कूट रचित खेल किया है उनकी
निगाह आज संस्था में करोड़ों रुपए के प्रॉफिट को लेकर लगी हुई है यह एक गंभीर आरोप
है जो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया है
एमएमआई
अस्पताल के सचिव रामअवतार अग्रवाल ने बताया कि अपने अस्पताल के नियमानुसार आमसभा बुलाकर
कुछ नियम बहुमत के आधार पर संशोधन किया गया था. जिसको ग़लत बताते हुए कुछ डायरेक्टरों
ने कई विभागों पर शिकायत कर जांच करने की मांग की. अग्रवाल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार
मामले की जांच विशेष सचिव को करना था, लेकिन जांच
रजिस्टार द्वारा कराकर नोटिस भेजा गया. इसको कोर्ट की अवमानना बताते हुए केस दायर की
जाएगी.




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