दिव्य-दूत

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मंत्री तो पत्नी को निजी सहायक नहीं बना पाए लेकिन निजी सहायक ने अपनी पत्नी को मनचाहे पद पर नियुक्त किया,

Anil Choubey 25-08-2019 16:05:01


                  , शिक्षा विभाग में ट्रांसफर उद्योग का बवाल यहीं से शुरू हुआ

 रायपुर ///   प्रदेश के शिक्षा मंत्री इस वक्त अपने ही विधायकों के विरोध का सामना कर रहे हैं शिक्षा विभाग में ट्रांसफर उद्योग की तरह हुए तबादलों ने पूरे छत्तीसगढ़ में जन आक्रोश पैदा कर दिया है राजनीतिक सूत्रधार कह रहे हैं की इसका खामियाजा उपचुनाव में भी भुगतना पड़ सकता है मामला ट्रांसफर उद्योग से संबंधित है जिस तरीके से शिक्षा विभाग में   पैसे के प्रचलन से  ट्रांसफर उद्योग चलाया गया उसमें सबसे अहम भूमिका उनके चहेते निजी सचिव राजेश सिंग की थी राजेश सिंग वैसे तो उनकी पत्नी के पसंदीदा अधिकारी है पूर्व में शिक्षा मंत्री अपनी पत्नी को ही निज सचिव का पद देने वाले थे आदेश भी हो गए थे पर विवाद हुआ तो आदेश निरस्त कर दिया गया   इस प्रक्रिया से पत्नी काफी खफा थी फिर किसी तरीके से मान मनोबल कर उनके सबसे पसंदीदा  चेहरे  राजेश सिंग को  निजी सचिव  बनाया  दीयागया चेहरा बदल गया लेकिन अधिकार  अभी भी पत्नी के ही पास थे वक्त गुजरा ट्रांसफर तो होना ही था  जो वह खुद निजी सचिव बनकर नहीं कर सकी उन्होंने राजेश सिंग से करवा लिया सूत्र कहते हैं की पद के हिसाब से 2,00,000 से 5,0000 तक की वसूली की गई जिनके पैसे सुनिश्चित जगह पहुंच गए उनका मनचाही जगह स्थानांतरण हो गया लेकिन स्थानांतरण नीति के तहत विधायको जनप्रतिनिधियों के हिसाब से ना होने के कारण मंत्री के बंगले में 3 दिन से हंगामा चल रहा था हंगामा इतना बड़ा की बात मुख्यमंत्री तक तक चली गई मुख्यमंत्रियों ने उन नाखुश विधायकों को बंगले बुलाया इत्मीनान से पूरी बात सुनी और स्थिति को कंट्रोल करने  आश्वासन दिया

            कांग्रेस के ही विधायकों ने जिसमें प्रमुख रूप से बृहस्पति सिंह के अलावा विकास उपाध्याय कुलदीप जुनेजा लखेश्वर बघेल अनीता शर्मा शकुंतला साहू और गुलाब मार्को  थे सभी ने मिलकर मंत्री जी से शिकायत की और अपना विरोध दर्ज कराया कि इस तरीके से जनता का भरोसा हम से टूट जाएगा यह ठीक नहीं है आपके यहां ट्रांसफर उद्योग में भारी घपले हुए हैं इसकी जांच की जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए

 इस पूरे प्रकरण में सबसे दिलचस्प   बात यह है की राजेश सिंग ने अपनी पत्नी को शिक्षा विभाग में ऐसे पद पर नियुक्त  करवा दिया जो वह इस पद के लायक भी नहीं यहीं से विवाद शुरू हुआ राजेश सिंग की पत्नी  श्रीमती नवनीता सिंह जो शासकीय उच्चतर महाविद्यालय अंबिकापुर सरगुजा में पदस्थ थी को पंजीयक छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल में प्रशासनिक पद पर नियुक्त कर दिया इसी तरह दक्षिण बस्तर के बीजापुर में राज्य शासन में विवादित रहे प्रधान पाठक विजेंद्र राठौर को भी डीएमएस बना दिया भाजपा शासनकाल में राठौर पर भ्रष्टाचार की बहुत शिकायतें थी जिसको लेकर तत्कालीन कमिश्नर धनंजय  ने अनियमितता के आरोप पर उन्हें निलंबित कर दिया था उनकी भी पदस्थापना बदस्तूर कर दी गई यह सब खेल पैसे के बल पर हुआ जिसको लेकर विधायक और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है

जारी>>>>>>>>>.

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