, शिक्षा विभाग में ट्रांसफर उद्योग का बवाल यहीं से शुरू हुआ
कांग्रेस के ही विधायकों ने जिसमें प्रमुख रूप से बृहस्पति
सिंह के अलावा विकास उपाध्याय कुलदीप जुनेजा लखेश्वर बघेल अनीता शर्मा शकुंतला
साहू और गुलाब मार्को थे सभी ने मिलकर मंत्री जी से शिकायत की और अपना विरोध दर्ज कराया कि
इस तरीके से जनता का भरोसा हम से टूट जाएगा यह ठीक नहीं है आपके यहां ट्रांसफर
उद्योग में भारी घपले हुए हैं इसकी जांच की जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी
कार्यवाही की जाए
इस पूरे प्रकरण में सबसे दिलचस्प
बात यह है
की राजेश सिंग ने अपनी पत्नी को
शिक्षा विभाग में ऐसे पद पर नियुक्त करवा दिया जो वह इस पद के लायक भी
नहीं यहीं से विवाद शुरू हुआ राजेश सिंग
की पत्नी श्रीमती नवनीता सिंह जो शासकीय उच्चतर महाविद्यालय अंबिकापुर सरगुजा
में पदस्थ थी को पंजीयक छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल में प्रशासनिक पद पर नियुक्त कर
दिया इसी तरह दक्षिण बस्तर के बीजापुर में राज्य शासन में विवादित रहे प्रधान पाठक
विजेंद्र राठौर को भी डीएमएस बना दिया भाजपा शासनकाल में राठौर पर भ्रष्टाचार की
बहुत शिकायतें थी जिसको लेकर तत्कालीन कमिश्नर धनंजय ने अनियमितता के आरोप पर उन्हें
निलंबित कर दिया था उनकी भी पदस्थापना बदस्तूर कर दी गई यह सब खेल पैसे के बल पर
हुआ जिसको लेकर विधायक और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है
जारी>>>>>>>>>.




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