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नौ महीने से अंतरिक्ष में क्यों अटकी हैं सुनीता विलियम्स

AVINASH CHOUBEY 14-03-2025 20:41:31


भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी फिर से टल गई है. स्पेस एक्स का अंतरिक्ष यान ड्रैगन उन्हें वापस लाने के लिए जाने वाला था.लेकिन अंतरिक्ष यान के उड़ान से पहले ही इसमें लगे रॉकेट में ख़राबी की बात सामने आई. इसके बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इस यात्रा को तत्काल रोक दिया.नासा ने बताया है कि अंतरिक्ष यान में लगे रॉकेट के ग्राउंड सपोर्ट क्लैम्प आर्म के हाइड्रोलिक सिस्टम में ख़राबी आ गई थी. अब इस मिशन को फिर से 14 मार्च को लॉन्च किया जाएगा.

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने 5 जून 2024 को परीक्षण मिशन के लिए बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी थी. उन्हें अंतरारष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से आठ दिन के बाद वापस लौटना था, लेकिन उन्हें अब तक वापिस नहीं लाया जा सका है.सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को लाने के लिए जाने वाले ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट का यह दसवां मिशन था. इसे मिशन क्रू-10 का नाम दिया गया था.

इसमें कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. इनमें अमेरिका के दो अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान के टाकुया ओनिशी और रूस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव सहित कुल चार यात्री हैं जो अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन जाने वाले थे.सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी में सबसे बड़ा कारण अंतरिक्ष यान स्टारलाइनर में आई ख़राबी को बताया जा रहा है.

उड़ान के दौरान जब यह यान आईएसएस के क़रीब पहुंचा तो उसमें समस्याएं पैदा हो गईं और उसके पांच थ्रस्टर्स बंद हो गए. अंतरिक्ष में वैक्युम होता है, ऐसे में थ्रस्टर्स यान को दिशा देने का काम करते हैं.इसके साथ ही इस यान का हीलियम भी ख़त्म हो गया. इससे जलने वाले ईंधन पर यान को निर्भर होना पड़ा और दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी की योजना अटक गई.

यान में ख़राबी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका. अगले कुछ महीनों में यान की तकनीकी ख़ामियां बढ़ती गईं. इसके कारण यान की पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी को लेकर वैज्ञानिकों को चिंता होने लगी.पिछले नौ महीने से दोनों की सुरक्षित वापसी का इंतज़ार है, लेकिन उन्हें वापिस लाने की योजनाएं कारगर साबित नहीं हो रही हैं.

स्टारलाइनर में पैदा हुई ख़ामियों के कारण दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी का ज़िम्मा एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को दिया गया है. मस्क की कंपनी के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के ज़रिए दोनों को वापस लाने की तैयारी है.जहां पांच जून 2024 को बुच और सुनीता को अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन पर लेकर जाना बोइंग स्टारलाइनर का पहला मानव मिशन था, वहीं अभी तक स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष में 13 मानव मिशन पूरे किए हैं. हालांकि नासा के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत क्रू-10 स्पेसएक्स का दसवां मानव मिशन है.

ये पहली बार नहीं था जब बोइंग स्टारलाइनर में किसी तरह की दिक्कत सामने आई थी. इसकी पहली मानवरहित उड़ान दिसंबर 2019 में भेजी गई थी, लेकिन सॉफ़्टवेयर में गड़बड़ी की वजह से ये उड़ान अंतरिक्ष स्टेशन तक नहीं पहुंच पाया. नासा ने उस वक्त कहा था कि ऑटोमेशन और टाइमर्स में सामंजस्य न होने के कारण स्टारलाइनर को रास्ते से ही वापिस आना पड़ा था.

दूसरी कोशिश 2022 में की गई, जब मानवरहित यान को स्पेस स्टेशन के लिए भेजा गया. लेकिन यान में कुछ थ्रस्टर्स ने सही तरीके से काम नहीं किया.2024 में नासा ने स्पेस स्टेशन में फंसे बुच और सुनीता को धरती पर लाने के लिए स्पेसएक्स को ज़िम्मेदारी दी. साथ ही कहा कि उन्हें फरवरी 2025 तक वापिस लाया जा सकता है.लेकिन अब उन्हें लेकर आने वाले स्पेसएक्स के क्रू-10 मिशन में तकनीकी खामी के बाद इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है. ये लॉन्च अब 14 मार्च को होगा.

 

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