दिव्य-दूत

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पिछला बजट "GYAN" (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित था, इस बजट का उद्देश्य "GYAN" को "GATI" के माध्यम से आगे बढ़ाना है

AVINASH CHOUBEY 03-03-2025 16:59:04


"अटल निर्माण वर्ष" पर केंद्रित है छत्तीसगढ़ बजट 2025-26

रायपुर आज वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी जी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस सरकार  का दूसरा बजट प्रस्तुत किया। पिछले वर्ष के बजट ने एक समावेशी विकास की नींव रखी थी, आज का बजट विकास यात्रा में अगले कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह राज्य का रजत जयंती बजट है और श्रद्धेय  अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि के रूप में, सरकार इस वर्ष को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मना रही है।

पिछले वर्ष का बजट "GYAN" (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित था, इस बजट का उद्देश्य "GYAN" के लिए "GATI" के माध्यम से आगे बढ़ाना है ताकि इस वर्ष राज्य को प्रगति के पथ पर और आगे ले जाया जा सके और 2030 के हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर हो सके ।

"GATI" का अर्थ है:

G - गुड गवर्नेंस 

A - एक्सेलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर

T – टेक्नोलॉजी

I - इंडस्ट्रियल ग्रोथ

  1. सुशासन: शासन में सुधार, बेहतर सेवा वितरण की सुविधा और नागरिक सहभागिता को बढ़ाना। नवाचार को बढ़ावा देकर और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण बनाए रखते हुए, एक अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी शासन के ढांचे का निर्माण करना।
  2. अधोसंरचना विकास में तेजी लाना: आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सड़कों, पुलों, सार्वजनिक परिवहन सहित अधोसंरचना विकास की परियोजनाओं में निवेश बढ़ाना।
  3. प्रौद्योगिकी: शासन की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, पारदर्शिता में सुधार करने और नागरिकों को सेवा वितरण बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को लागू करना।
  4. औद्योगिक विकास: निरंतर निवेश और अनुकूल सरकारी नीतियों को सुनिश्चित करना, निरंतर औद्योगिक विकास और समृद्धि के लिए इस्पात, बिजली उत्पादन और सीमेंट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में और प्रगति प्राप्त करना और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना। नीतिगत सुधारों, प्रोत्साहनों और व्यापार को और सुगम बनाने के प्रयासों के माध्यम से निजी क्षेत्र के निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना। साथ ही, वस्त्र उद्योग  जैसी अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को आकर्षित करना।

 

  1. बजट एक नजर में

क्रमांक

विवरण

2024-25 (बजट अनुमान)

2025-26 (बजट अनुमान)

% वृद्धि

1.

सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी)

5,67,880

6,35,918

12%

2.

राजस्व प्राप्ति

1,47,500

1,65,100

12%

3.

कुल व्यय

1,47,446

1,65,000

12%

4.

राजस्व व्यय

1,24,840

1,38,196

11%

5.

पूंजीगत व्यय

22,300

26,341

18%

6

 पूंजीगत व्यय/ बजट 

15%

16%

-

7.

 पूंजीगत व्यय/ जीएसडीपी

3.93%

4.14%

-

7.

राजस्व अधिशेष

+1,060

+2,804

-

8.

राजकोषीय घाटा

-16,296

-18,900

-

9.

जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में राजकोषीय घाटा

2.90%

2.97%

-

 

 

  1. राजकोषीय संकेतक
  • प्रचलित मूल्यों पर, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी) 2024-25 में 5,67,880 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 6,35,918 करोड़ होने का अनुमान है, जो 12% की वृद्धि है।
  • वित्त वर्ष 2024-25 के लिए प्रति व्यक्ति आय 1,62,870 होने की उम्मीद है, जिसमें 9% से अधिक की वृद्धि है।
  • वित्त वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमानों के अनुसार, कृषि क्षेत्र का जी.एस.डी.पी में योगदान 17%, औद्योगिक क्षेत्र का 48% और सेवा क्षेत्र का 35% है।
  • राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए किए गए सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का अपना राजस्व बिना नए कर लगाए या कर दरों में वृद्धि किए 11% बढ़ने का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का पूंजीगत व्यय लगभग 26,341 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जो कुल बजट का 16% और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.14% है। राज्य के गठन के बाद यह पहली बार है कि राज्य ने इस उपलब्धि को हासिल किया है।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में कुल राजस्व अधिशेष 2,804 करोड़ रुपये अनुमानित है।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में, राज्य का सकल राजकोषीय घाटा 22,900 करोड़ रुपये अनुमानित है जिसमें से 4,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता के रूप में शामिल हैं। इसलिए, राज्य का शुद्ध राजकोषीय घाटा 18,900 करोड़ रुपये अनुमानित है जो जी.एस.डी.पी का 2.97% है। यह एफ.आर.बी.एम अधिनियम में निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर है।

 

कर प्रस्ताव

  • छोटे व्यापारियों को आने वाली चुनौतियों को पहचानते हुए और कर अनुपालन के बोझ को कम करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने ई-वे बिल की सीमा को ₹ 50,000 से बढ़ाकर ₹ 1 लाख करने का निर्णय लिया है।
  • राज्य  सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में ₹ 25,000 तक की वैट देनदारियों को माफ करेगी। इससे 40,000 से अधिक व्यापारियों को मदद मिलेगी और 62,000 से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।
  • अंतव्यवसायी निगम के उधारकर्ताओं के लिए ओ.टी.एस (One Time Settlement) सुविधा।
  • अचल संपत्ति लेनदेन पर स्टांप शुल्क पर उपकर हटाना।

 

प्रमुख घोषणाएँ

कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 8500 करोड़ रुपये

महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री खाद्यान सहायता योजना के लिए 4500 करोड़ रुपये

5 एच.पी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3500 करोड़ रुपये

आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये

सबके लिए आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में घरों के निर्माण के लिए 875 करोड़ रुपये

राज्य की स्थापना के बाद पहली बार नई सड़कों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को 2000 करोड़ रुपये

नई सड़कों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई) के तहत गांवों में सड़कों के निर्माण के लिए 845 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री जनमन सड़क निर्माण योजना के तहत अत्यधिक पिछड़े आदिवासी क्षेत्र को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए 500 करोड़ रुपये।

नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में रिंग रोड बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये

जल संसाधन विभाग के कुल 3,800 करोड़ रुपये के बजट में से 700 करोड़ रुपये नए सिंचाई परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत बहुत पुरानी सिंचाई परियोजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य।

मत्स्य उत्पादन, डेयरी, पोल्ट्री, बकरी पालन, सुअर पालन आदि के लिए 200 करोड़ रुपये।

तेन्दूपत्ता के लिए प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये का भुगतान करने के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान ।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को  "चरण पादुका"  प्रदान करने के  लिए 50 करोड़ रुपये।

मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, पिछले वर्ष के बजट से 300% की वृद्धि।

17 और नालंदा पुस्तकालयों को मंजूरी दी जाएगी

25 कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में बदलने के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान।

शहरी क्षेत्रों में 150 आंगनबाड़ी भवनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 1200 आंगनबाड़ी भवनों के लिए 40 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान।

बलौदा बाजार - भाटापारा, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर-चांपा और जशपुर में 5 नए साइबर पुलिस थाना स्थापित किए जाएंगे।

कोरबा, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में 3 नए महिला पुलिस थाना  स्थापित किए जाएंगे।

नवा रायपुर में एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आई.सी.सी.सी) के उन्नयन, संचालन और रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये।

नवा रायपुर में एक नए पावर सबस्टेशन के लिए 20 करोड़ रुपये।

स्काउट्स और गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी कार्यक्रम के लिए बजटीय प्रावधान।

रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की एकीकृत खाद्य और औषधि प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 47 करोड़ रुपये का प्रावधान।

सरोंना रायपुर और जनकपुर - मनेंद्रगढ़ में नए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना के लिए प्रावधानराशि प्रदान की गई है, तखतपुर - बिलासपुर में 50 बिस्तरों वाले महिला बाल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ में मनोरोग अस्पताल, राखी, सारिया और कटघोरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सी.एच.सी) का उन्नयन, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यू.पी.एच.सी)।

बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर से उड़ान सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये की वी.जी.एफ (व्यवहार्यता अंतराल निधि) और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत जगदलपुर और अंबिकापुर हवाई अड्डे केअधोसंरचना विकास के लिए प्रावधान।

बजट में नई पहल

मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना ,बस्तर एवं सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए वी.जी.एफ के माध्यम से प्रावधान ।

मुख्यमंत्री परिवहन योजना - ग्राम पंचायत से ब्लॉक और जिला स्तर तक सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रावधान ,उन क्षेत्रों में जहां जनसंख्या घनत्व कम होने के कारण सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है।

500 नई सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा

केंद्र सरकार की पी.एस.एस योजना के तहत दालों और तिलहन की खरीद के लिए बजट में पहली बार प्रावधान।

नगर निगमों के डी.पी.आर आधारित विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रुपये।

राज्य में एक और राष्ट्रीय संस्थान के रूप मे  राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना।

छत्तीसगढ़ राज्य के सभी ब्लॉकों में सिकल सेल स्क्रीनिंग केंद्र की स्थापना का पहला चरण।

महानदी - इंद्रावती और सिकासर - कोडार नदियों को जोड़ने के लिए सर्वेक्षण।

नवा रायपुर में मेडिसिटी की स्थापना।

नवा रायपुर में एजुकेशन सिटी की स्थापना।

नवा रायपुर में राष्ट्रीय शहरी प्रबंधन संस्थान की स्थापना।

सभी ग्राम पंचायतों में यूपीआई (डिजिटल भुगतान) को बढ़ावा देने के लिए बजट प्रावधान।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एन.एस.जी) की तरह, राज्य में एक समर्पित विशेष संचालन समूह (SOG) की स्थापना की जाएगी।

नया रायपुर में 200 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ एक प्रतिष्ठित डेस्टिनेशन और वेलनेस-वाइल्डलाइफ-वाटर टूरिस्ट सुविधा विकसित करने के लिए प्रावधान।  

  • राज्य की राजधानी क्षेत्र (SCR) कार्यालय, सेटअप और सर्वेक्षण के लिए प्रावधान जिसमें रायपुर-दुर्ग मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण शामिल है।
  • भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के छत्तीसगढ़ चैप्टर की स्थापना के लिए प्रावधान । पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट के लिए प्रावधान और पत्रकार संघ के कार्यालय के नवीनीकरण के लिए बजटीय प्रावधान। पत्रकार सम्मान निधि की राशि दोगुनी की जाएगी।नवा रायपुर में चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यालय के लिए रियायती  दर पर भूमि आवंटित करने के लिए प्रावधान ।डी.एम.एफ के  कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण । विभागीय सुधारों (प्रतिस्पर्धी सूचकांक) के आधार पर प्रोत्साहन के लिए प्रावधान। भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए प्रावधान ।

बजट में महत्वपूर्ण मुख्य बातें

  • पूंजीगत व्यय बढ़ाने को महत्व।
  • कुनकुरी जिला जशपुर में नया मेडिकल कॉलेज।
  • रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती में तेजी लाई जाएगी, इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों के शैक्षिक कर्मचारियों की भर्ती का पहला चरण।
  • पिछले वर्ष की तुलना में उद्योग विभाग का बजट 3 गुना अधिक।
  • बस्तर और सरगुजा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे नीति।
  • रामलला दर्शन और तीर्थ यात्रा योजना के लिए प्रावधान ।
  • आई.टी.आई. और पॉलिटेक्निक का आधुनिकीकरण।
  • डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर में उन्नत कार्डियक संस्थान का आधुनिकीकरण।
  • गरीब नि:संतान दंपतियों के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर में ए.आर.टी. (IVF) सुविधा।
  • सरकारी अस्पताल में एम.आर.आई, सी.टी स्कैन मशीनों के लिए प्रावधान ।
  • राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन.डी.डी.बी) की मदद से राज्य में डेयरी को बढ़ावा देना।
  • बलरामपुर और राजनांदगांव में नया प्रयास संस्थान।
  • बस्तर ओलंपिक, बस्तर मड़ई, नया रायपुर, बस्तर मैराथन,नया रायपुर मे गोल्फ टूर्नामेंट आदि के लिए प्रावधान।
  • पी.एम सूर्यघर योजना के लिए प्रावधान।
  • पी.एम कुसुम योजना का प्रभावी कार्यान्वयन।
  • सी.आई.एस.एफ की तर्ज पर राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एस.आई.एस.एफ) का गठन।
  • सरकारी कर्मचारियों की पेंशन की भविष्य की देनदारियों के लिए पेंशन फंड बनाने के लिए प्रावधान।
  • छत्तीसगढ़ विकास और स्थिरता कोष की स्थापना।
  • सरकारी कर्मचारियों को डी.ए. @53%

 

 


 

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