शहीद सुदर्शन जी की शहादत को छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। 2 माह के एक मासूम और अबोध बेटे द्वारा अपने शहीद पिता को अंतिम विदाई देने का यह मार्मिक दृश्य, हर दिल को झकझोर देने वाला है। सुदर्शन जी जैसे वीर हमारे छत्तीसगढ़ की शान हैं। उनके और अन्य शहीदों के बलिदान ने नक्सल उन्मूलन के हमारे संकल्प को और मजबूत किया है। नक्सली कान खोलकर सुन ले, हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारी सरकार नक्सलवाद के इस नासूर को तय समय-सीमा में समूल खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है।
जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।




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