आगरा /// डिजिटल अरेस्ट और आईपीओ में इनवेस्ट कराने के नाम पर ठगी का गोरखधंधा चल रहा है। आगरा में पकड़ गए साइबर ठगों ने पूरे देश में अब तक 239 से 110 करोड़ की ठगी की है। पूछताछ में कई चौंकाने वाली बात सामने आई है।
ये लाेग पहले डराते हैं। अगर इससे काम नहीं बना, तो शेयर के नाम पर ठगते हैं। इनके आका सारा पैसे अपने अकाउंट में मंगवाते थे। इसके बाद उसे विदेशी करेंसी में बदलकर भेज देते थे। इसमें एक IDFC बैंक दिल्ली का एक टीम लीडर भी शामिल था।
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IDFC बैंक दिल्ली का एक टीम लीडर
विदेश से नेटवर्क हो रहा ऑपरेट
ठगी का सारा खेल विदेशों से चल रहा है। दुबई, वियतनाम, कंबोडिया, हांगकांग में इनके आका रहते हैं। वहां से ये लोगों को कॉल करते हैं। इसके बाद किसी को ह्यूमन ट्रैफिकिंग, तो किसी को रेप जैसे मामले में फंसाने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट करते हैं।अब नया तरीका शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमवाने का लालच दिखाकर ठगने का है। आगरा में पिछले दिनों में इन्होंने ऐसे ही दो लोगों को अपना शिकार बनाया।
भारत में बना रखे हैं एजेंट पकडे़ गए आरोपियों ने पुलिस को बताया-वो लोग विदेशों से ठगी करने वाले गैंग के एजेंट हैं। उनका मुखिया नेपाल निवासी प्रेम साउद है। वो यहां पर एजेंट बनाता है। उसका काम केवल रुपए ट्रांसफर कराने के लिए बैंक अकाउंट खुलवाने का है।
ये लोग गरीब और मजदूर किस्म के लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। उनके अकाउंट खुलवाकर उसका एक्सेस अपने पास ले लेते हैं। अकाउंट खुलवाने के एवज में उन्हें रुपए देते हैं। इसके बाद इन अकाउंट का प्रयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर कराने में करते हैं।
एक ठगी पर मिलता है 25% कमीशन
आरोपियों ने पूछताछ में बताया-विदेशों से जब ठगी होती है, तो रकम खाते में आती है। इनका काम होता है कि उस रकम को ये विदेशी करेंसी में बदलवा कर उसे ठगों को ट्रांसफर करते हैं। इसके एवज में इन्हें 20 से 25% का कमीशन मिलता है।
उसका काम बैंक अकाउंट खुलवाने में प्रेम साउद की मदद करना था। वो बिना वैरिफिकेशन के खाते खुलवा देता था। इसके एवज में 5 हजार रुपए लेता था।
एजेंटों का लीडर नेपाल निवासी प्रेम साउद बेहद शातिर है। वो नेपाल में रहकर लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि वो करीब 500 लोगों को अलग-अलग देशों में भेज चुका है। 2015 में वो दिल्ली आया था। उसका एक दोस्त विदेश में रहकर साइबर क्राइम गिरोह से जुड़ा है।
उसके कहने पर ही उसने यहां के बैंक अकाउंट उसे बेचना शुरू किया। वो ऐसे लोगों को तलाशता है, जिनको रुपए की जरूरत होती है। ऐसे ही एक व्यक्ति इमरान के खाते में 10 करोड़ रुपए जमा करवाए।
ये पकडे़ गए
पुलिस ने अशोक विहार गाजियाबाद के इमरान, नांगलोई दिल्ली के प्रेम साउद, रोहिणी दिल्ली के रवि कुमार, बिहार के अकबर और फर्रुखाबाद के अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया था। नेपाली सरगना प्रेम साउद ने अपना आधार कार्ड हरियाणा का बनवा रखा है।
आधार कार्ड में अपना पता केशव मोड़, गली 5ए, शास्त्री नगर जिला रोहतक दे रखा है। पासपोर्ट नेपाल के पते पर है। नेपाल में उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होने के चलते वह आराम से देश-विदेश की यात्राएं करता है।




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