125 करोड़ रुपये लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, बड़ेबचेली बना नया अनुविभाग
200 शैयायुक्त होगा जिला अस्पताल और सिटी स्केन सेंटर की होगी शुरुआत
शंखिनी एवं डंकनी नदी में 18.75 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा उच्च स्तरीय पुल
दंतेवाड़ा/// जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में सुपोषित दंतेवाड़ा अभियान मुख्यमंत्री श्री
भूपेश बघेल बस्तर संभाग के दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन आज जिला मुख्यालय
दंतेवाड़ा में सुपोषित दंतेवाड़ा अभियान और बिहान महिला समूह के सम्मेलन में शाामिल
हुए। उन्होंने स्थानीय डोबरा स्टेडियम में अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों को गरम
पौष्टिक भोजन परोसकर सम्पूर्ण जिले में सुपोषण दंतेवाड़ा महाअभियान की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री ने कहा गांधी जी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर से यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इस अभियान के
तहत कुपोषण और एनीमिया से पीड़ितों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन प्रदान किया
जाएगा। आगामी 3 साल में छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने का लक्ष्य
निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर लगभग 125 करोड़ रूपए के 30 विभिन्न विकास
कार्यों का लोकापर्ण और भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, विधायक श्री मोहन
मरकाम सहित सांसद बस्तर श्री दीपक बैज और पूर्व विधायक श्रीमती देवती महेन्द्र
कर्मा सहित विधायक सर्वश्री विक्रम मंडावी, श्री रेखचन्द जैन, श्री सन्तराम नेताम, पूर्व विधायक
श्रीमती फूलोदेवी नेताम सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सहित पंचायत पदाधिकारी
उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस
अवसर पर दन्तेवाड़ा जिले के बड़ेबचेली को नया अनुविभाग बनाने की घोषणा की। उन्होंने 100 बिस्तर जिला
अस्पताल को 200 शैयायुक्त बनाने एवं जिला अस्पताल में सिटी स्केन सेंटर शुरू करने
की घोषणा की। वहीं दन्तेवाड़ा में कौशल उन्नयन हेतु मल्टी स्किल सेंटर स्थापित करने, कुआकोंडा में अगले
शैक्षणिक सत्र से डिग्री कॉलेज शुरू करने, कुआकोंडा हायर सेकंडरी स्कूल में 25 लाख रुपये की लागत
से अतिरिक्त कक्ष निर्माण करने,10
लाख रुपये की लागत से आदिवासी कलामंच
निर्माण करने, दन्तेवाड़ा में पुलिस लाइन कारली तक पेयजल आपूर्ति हेतु पाईप लाइन
विस्तार करने तथा गीदम ब्लॉक में शंखिनी एवं डंकनी नदी पर 18 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत
से उच्च स्तरीय पुल निर्माण करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम
को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के सामने कुपोषण एक बड़ी समस्या है। यदि बच्चे
कमजोर होंगे तो आगे चलकर वो कमजोर नागरिक बनेंगे। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें समय
पर सही पोषण मिले। राज्य सरकार ने प्रदेश को कुपोषण से मुक्ति दिलाने का संकल्प
लिया है और इसी के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बीते जुलाई माह से दंतेवाड़ा और
बस्तर जिले के पंचायतों में सुपोषण अभियान के तहत महिलाओं, किशोरी बालिकाआंे
और बच्चों को गरम पोष्टिक भोजन प्रतिदिन मुहैया कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने
कहा गांधी जी की 150 वीं जयंती 2 अक्टूबर से यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इस अभियान के
तहत कुपोषण और एनीमिया से पीड़ितों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन प्रदान किया
जाएगा। आगामी 3 साल में छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने का लक्ष्य
निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि कुपोषण और एनीमिया मुक्ति के इस अभियान में
जिलों में कार्यरत प्रतिष्ठित चेरिटेबल संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, एनजीओ, मीडिया समूहों एवं
अन्य समर्थ लोगों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने
जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गो से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित
करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह बस्तर अंचल के सुदुर क्षेत्रों में
रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा नही मिल पा रही थी इसे देखते हुए राज्य
सरकार ने यहां के हॉट बाजारों के दिन वहां चिकित्सक और पैरामेडिकल की टीम की
उपस्थिति सुनिश्चित कर ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाया जा रहा है। इसे
भी आगामी 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।




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