विवेकानंद केंद्र रायपुर शाखा द्वारा
पद्मश्री माननीय निवेदिता दीदी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष - विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी
पद्मश्री माननीय निवेदिता दीदी राष्ट्रीय
उपाध्यक्ष - विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी संस्थान ने अपना
अनुभव साझा किया, कि एक विजयी भारत बनाने के लिए देश के संपूर्ण नागरिकों को
श्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा । मेरा परिवार ही मेरा है इस सोच से आगे निकलना होगा।
मेरा परिवार तो देश है ही, यह समाज भी मेरा है । यह देश
भी मेरा है यह सोच लाना होगा ।
कन्याकुमारी के शिला स्मारक पर स्मारक निर्माण बेहद कठिन परिस्थितियों में हुआ था।
तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री भक्त वत्सल अंबाजी के स्मारक निर्माण के सख्त
खिलाफ थे, परंतु एकनाथ जी ने चातुर्य एवं कौशल का प्रयोग करते हुए 3 दिन में ही 323 सांसदों की सहमति
पत्र ले आए। तत्पश्चात पूर्व
प्रधानमंत्री शास्त्री जी के माध्यम से नेहरू जी यह तक बात पहुंची। तब उन्हे
लगा कि 323 सांसदों की सहमति अर्थात पूरा देश स्मारक चाहता है। फिर
उन्होंने मुख्यमंत्री को निर्देश दिया कि स्मारक का कार्य शुरू हो। अन्ततोगत्वा
कन्याकुमारी का शिला स्मारक आपके सामने है। कार्यक्रम के दौरान एक पुस्तक का विमोचन
तथा अनाथालय संचालक श्री कोंडापुरकर जी का सम्मान भी किया गया । कार्यक्रम का
संचालन विवेकानंद केंद्र के विभाग प्रमुख एवं प्रोफेसर सुभाष चंद्राकर जी ने किया।
कार्यक्रम के समापन में श्री मावजी भाई पटेल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।




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